04/03/2024
#करोड़_727_67
* 22 जनवरी 2022 को BOT की बैठक में 727.27 करोड़ राइट ऑफ का मामला आता है।यूनियन नेताओं ने विरोध किया।HMS के राकेश कुमार ने BOT के अध्यक्ष(कोल सचिव) को पत्र लिख कर जांच की मांग किया।
*ABKMS ने धरना प्रदर्शन किया और कहा कि राइट ऑफ नहीं होगा, सरकार देगी।इसको लेकर विजय जुलूस तक निकल गया।
*लेकिन मीडिया, सोशल मीडिया में अभियान चलता रहा। #सेवा के सचिव ने CBI जांच की मांग को लेकर रांची हाई कोर्ट याचिका दायर किया।
*इसके बाद अचानक खबर आई कि मंत्रालय के विजिलेंस ने CMPFO के मुख्यालय से DHFL से जुड़े सारे फ़ाइल कागजात अपने कब्जे में ले लिया।ये करवाई किसी को समझ मे नहीं आ रही थी।काफी खोजबीन के बाद पता चला कि ने अपनी जांच रिपोर्ट में CMPFO प्रबंधन को दोषी ठहराते हुए कहा कि :- फंड मैनेजर द्वारा सूचित करने के बाद में निवेशित पैसा वापस क्यों नहीं लिया गया।कैग के इस रिपोर्ट से मंत्रालय के होश उड़ गए।तब आनन - फानन में विजिलेंस जांच शुरू हुई।
*24.11.23 को BOT की हुई मीटिंग में जानकारी दी गयी कि जांच पूरी हो गयी, जिम्मेदारी तय हो गयी है, CVC के सलाह भी मिल गया है।
*22.02.24 को BOT की मीटिंग में जब जांच रिपोर्ट मांगी गयी तो कहा गया :- दोषी को सजा मिलेगी तो पता चल जाएगा।
#सवाल
*ये मामला एकदम ओपन एंड शट है।फिर 2022 से लेकर 2024 आ गया पर, परिणाम ?????
* इस मामले का सबसे अहम सवाल यही सवाल है न कि :- जब फंड मैनेजर ने सूचना दी तो निवेशित राशि वापस क्यों नहीं ली गयी ????
#शेष_कल_क्योंकि_पोस्ट_लंबा_हो_रहा_है... #मेरी_एक_बात_याद_रखिए_कि_पैसा_वापस_न_लेने_का_राजनीतिक_फैसला_था
#बलि_बकरे_की_ही_होगी_ये_तय_है
【वैसे जब दोषी को दंड मिलेगा तो उसका क्रेडिट लेने वाले क्रेडिट लेने की तैयारी में लग जाएं☺️ क्योंकि जब दो वर्ष बगैर परिणाम के #विजय_दिवस मनाया जा सकता है तो क्रेडिट लेने में क्या हर्ज😊】साभार सतेन्द्र भईया