09/25/2025
Maithili Diva - USA नवरात्री के ढ़ेर शुभकामना 🙏🥰❤️
🙏🏻🥰❤️ Dear Ladies...This Navratri Be Your Own Goddess !!!
बिना परमेश्वरी के परमेश्वर अधूरा है ,,, पिता परमेश्वर है ,, तो माता परमेश्वरी हुयी .
आईये इस नवरात्री पे हम हम अपनी अपनी देवियों का सम्मान करें ,,,,जिसके रूप अनेक हैं ,,, वो माँ है ,,वो बहन है ,,,वो बेटी है ,,वो बहु है ,,,सहेली है ,,,,और हाँ अंततः वो आपकी अर्धांगिनी है ,,,जिसके बिना आप कभी पिता परमेश्वर नहीं बन सकते ,,।।। आईये इस नवरात्री पे हम सब मिलकर उस परमेश्वरि का सम्मान करें ,,,,उसकी पूजा करें ,,,।।। जय माता दी, नवरात्री कि ढ़ेर शुभकामनायें
क्योंकि अंततः पुरुष भी इस धरती पे बिना स्त्री के गर्भधारण के अपने अस्तित्व की कल्पना नहीं कर सकता।।।।
पढ़कर देखिये ,,रामायण ,,महाभारत ,,गीता ,,क़ुरआन ,,,बाइबिल ,,पुराण ,,,,हर धर्म में उदहारण आपके सामने हैं।।।।
सीता के बिना राम का कोई अस्तित्व नहीं ,,,,पार्वती के बिना शिव अधूरे हैं ,,,राधा के बिना कृष्ण का कोई रंग नहीं ,,,,
स्त्री शक्ति के कितने नाम लें,,,दुर्गा ,,काली ,,,लक्ष्मी द्रौपदी से शुरू करें तो हमे आज मदर टेरेसा ,,,लक्ष्मी बाई ,,सरोजिनी नायुडु ,,,सावित्रीबाई फुले ,,किरण बेदी ,,,लता मंगेशकर ,,,आशा भोसले,,,,से लेकर पी टी उषा ,,मैरी कॉम तक इतने नाम हैं जिनके बिना हमारा समाज अधूरा है,,,पूरी दुनिया में ,,हर क्षेत्र में ,,,चाहे कला हो ,,राजनीति हो ,,, खेल कूद हो ,,या अन्य कोई भी सामाजिक कार्य हो बिना स्त्री शक्ति और उनके योगदान की चर्चा किये बिना हमारा इतिहास अधूरा है ,,,,
सृष्टि की रचना के लिए भी परमेश्वर परमेश्वरी पे आश्रित है ,,,
बिना परमेश्वरी के किसी भी सृजन और प्रजनन की कल्पना न हुयी है ना हो सकती है ,,,,,
शिव भी तभी सम्पूर्ण माने गए जब उनका अर्धनारीश्वर स्वरुप हमारे सामने आया या, यूँ कहें की उन्होंने अर्धनारीश्वर स्वरुप लेकर सृष्टि का सृजन कर ब्रम्हांड में स्थापित कर दिया।।।
पुरुष हर रूप में अधूरा है बिना स्त्री के ,,,और रहेगा ,,,,
बिना स्त्री शक्ति के पुरुषत्व की कल्पना नहीं की जा सकती ,,,,,
यदि पुरुष धर्म है तो स्त्री उसकी आस्था है ,,,बगैर आस्था के धर्म का कोई अस्तित्वा न कभी था न है ,,न रहेगा ,,,,
यानी पुरुष का अस्तित्व और इसकी सम्पूर्णता स्त्री के साथ उसके बराबर की भागीदारी के बिना संभव नहीं है,,,,
इसीलिए कहते हैं की हर पुरुष के भीतर एक स्त्री छुपी है ,,, अपनी स्त्री शक्ति को पहचानिये ,,,सम्मान कीजिये उस योद्धा का जो आपके चेतन और अवचेतन मन को संभाले हुए हुए,,,सम्मान कीजिये उनकी सामाजिक और प्राकृतिक स्वतंत्र को ,,,,सम्मान कीजिये उस मातृत्व का जिसके बगैर हम इस संसार में अपनी कल्पना तक नहीं कर सकते ,,,सम्मान कीजिये गर्भ के उस भार का जो स्त्री सृष्टि के आरम्भ से उठाती आयी है।,,,,
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