Hindi Literary and Debating Club NITW

Hindi Literary and Debating Club NITW This is the official page for Hindi Literary and Debating Club Of NIT Warangal. Stay tuned for event

*सुमित्रानंदन पंत* हिंदी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। प्रकृति के प्रति इनके रुझान को दे...
25/12/2023

*सुमित्रानंदन पंत* हिंदी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। प्रकृति के प्रति इनके रुझान को देखते हुए ये *प्रकृति के सुकुमार कवि* की उपाधि से भी जाने गए।
उनकी कुछ रचनाए -
• वीना
• ग्रंथि
• पल्लव
• युगांत

हिंदी साहित्य को अपनी अमर रचनाओं से शोभित कर वे 1977 में इस जगत को अलविदा कह गए।

हिंदी समिति आप सभी के समक्ष शैक्षणिक वर्ष २०२३-२०२४ के साक्षात्कार (interview) के परिणाम घोषित करते हुए काफी गौरवान्वित ...
10/12/2023

हिंदी समिति आप सभी के समक्ष शैक्षणिक वर्ष २०२३-२०२४ के साक्षात्कार (interview) के परिणाम घोषित करते हुए काफी गौरवान्वित महसूस कर रही है |

काफी गहन चिंतन एवं मनन के पश्चात हिंदी समिति " सेतु राज " तथा " जान्हवी सिंह " को
उनके अति उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शैक्षणिक वर्ष २०२३-२०२४ के मिस्टर एवं मिस फ्रेशर्स के ओहदे से सम्मानित करती है ।

साथ ही हिंदी समिति साकेत , ऋषि , अच्युत और विनय कुमार को भी उनके बेहतरीन प्रदर्शन और समिति में सम्मिलित होने पर बधाई देती है ।

हिंदी समिति द्वारा 14/09/2023 को मनाया गया हिंदी दिवस की एक झलक!!!
08/12/2023

हिंदी समिति द्वारा 14/09/2023 को मनाया गया हिंदी दिवस की एक झलक!!!

हिन्दी समिति द्वारा आयोजित फ्रेशेरस् इवेंट में सभी की इतनी उत्साह वर्धक भागीदारी देख हमारे दिलों में प्रसन्नता और चेहरों...
25/11/2023

हिन्दी समिति द्वारा आयोजित फ्रेशेरस् इवेंट में सभी की इतनी उत्साह वर्धक भागीदारी देख हमारे दिलों में प्रसन्नता और चेहरों पर मुस्कान की लहर उमड़ आई है|

इसी के साथ इवेंट के विजेताओं का नाम घोषित करते हुए हमें बड़े ही आनंद की अनुभूति हो रही है -
जिसमे टीम वन्दे भारत ने उत्कृष्ट प्रदर्शन दिखाते हुए पहला स्थान अर्जित किया एवं टीम कोनार्क व राजधानी ने भी बड़े सम्माननीय प्रदर्शन के साथ दूसरे व तीसरे स्थान पर अपनी जगह बनाई |

इन तीनों ही टीमों को हिन्दी समिति की तरफ़ से बहुत बहुत शुभकामनाएं एवं बधाई|

✨🪔दीपों का ये पावन त्योहार...आपके लिए लाए खुशियां हजार...लक्ष्मी जी विराजें आपके द्वार...हमारी शुभकामनाएं करे स्वीकार !✨...
12/11/2023

✨🪔दीपों का ये पावन त्योहार...आपके लिए लाए खुशियां हजार...लक्ष्मी जी विराजें आपके द्वार...हमारी शुभकामनाएं करे स्वीकार !✨🪔

💫 हिन्दी समिति की ओर से आप सभी को दीपों के त्योहार *दीपावली* की हार्दिक शुभकामनाएं । 💫

✨हमारी ईश्वर से यही प्रार्थना है की आप सभी के जीवन में प्रकाश की कमी ना हो एवम आपका जीवन सफलता की रोशनी से जगमग रहे ।✨

फ़िर एक बार नई कहानी एक लाई, दास्ताँ सबको अंग्रेज़ी बाबू की सुनाई । घर से दूरी हो,या हो विदेश की मार, अंग्रेज़ी बाबू को ...
20/09/2023

फ़िर एक बार नई कहानी एक लाई,
दास्ताँ सबको अंग्रेज़ी बाबू की सुनाई ।

घर से दूरी हो,या हो विदेश की मार,
अंग्रेज़ी बाबू को मिला हर दर्शक से प्यार।।

✨लौट कर   बुद्धु  बुद्ध घर को आए ! ✨कुआं आया है प्यासे के पास, लेकर जिज्ञासु मनों की आस!है *हिन्दी समिति* पूछती आपसे,क्य...
27/08/2023

✨लौट कर बुद्धु बुद्ध घर को आए ! ✨

कुआं आया है प्यासे के पास,
लेकर जिज्ञासु मनों की आस!
है *हिन्दी समिति* पूछती आपसे,
क्या साहित्य और शोहरत के बनेंगे आप समास?

*हिन्दी समिति - उमंग* आपका स्वागत करने को तैयार है! यहां आपको मिलेगा:

• नुक्कड़ नाटक
• वाद विवाद
• संसद
• कवियों का मेला
• दोहों/शायरी की अंताक्षरी
• पुस्तक समीक्षा
और भी बहुत कुछ...
..पर उसके लिए नीचे दिए हुए फॉर्म को भर कर हमसे जुड़ना ना भूलें ❤️

https://forms.gle/dPMuXHAYhEjLJfRL7

*Deadline:- 1st September, 2023*

✨ " कविता शब्द नहीं, शांति है; कोलाहल नहीं, मौन है। " ✨कला का भला हो,जहां *'कलासंगम'* का मेला होयह मेला है 'रीलों' सेदिम...
20/08/2023

✨ " कविता शब्द नहीं, शांति है; कोलाहल नहीं, मौन है। " ✨

कला का भला हो,
जहां *'कलासंगम'* का मेला हो
यह मेला है 'रीलों' से
दिमाग की सोच, दिल के भाव
प्रतिभा समेटता मीलों से!

कविताओं का पाठ हो
या संवादों की ठाठ हो,
अपने अभिनय के तीर
तू चला मेरे हीर!
दिलों पर छाने की बारी है,
मशहूर होने की तैयारी है!

*हिंदी समिति NITW* आपका स्वागत करती है अपने इस रंगारंग और दिलचस्प ऑनलाइन प्रतियोगिता *'कलासंगम'* में, जहां आप नीचे दिए गए फॉर्म में अपनी प्रस्तुति पेश कर सकते हैं और हम सबके दिलों और इंस्टाग्राम पेज पर छा सकते हैं!
अपनी कला को दिये गए गूगल फाॅर्म में अपलोड करें
https://forms.gle/ykFNEbAWqmsPHJWc7

Deadline - 28th August 2023, 11:59PM

✨ " कविता शब्द नहीं, शांति है; कोलाहल नहीं, मौन है। " ✨कला का भला हो,जहां *'कलासंगम'* का मेला होयह मेला है 'रीलों' सेदिम...
20/08/2023

✨ " कविता शब्द नहीं, शांति है; कोलाहल नहीं, मौन है। " ✨

कला का भला हो,
जहां *'कलासंगम'* का मेला हो
यह मेला है 'रीलों' से
दिमाग की सोच, दिल के भाव
प्रतिभा समेटता मीलों से!

कविताओं का पाठ हो
या संवादों की ठाठ हो,
अपने अभिनय के तीर
तू चला मेरे हीर!
दिलों पर छाने की बारी है,
मशहूर होने की तैयारी है!

*हिंदी समिति NITW* आपका स्वागत करती है अपने इस रंगारंग और दिलचस्प ऑनलाइन प्रतियोगिता *'कलासंगम'* में, जहां आप नीचे दिए गए फॉर्म में अपनी प्रस्तुति पेश कर सकते हैं और हम सबके के दिलों और इंस्टाग्राम पेज पर छा सकते हैं!
अपनी कला को दिये गए गूगल फाॅर्म में अपलोड करें

https://forms.gle/ykFNEbAWqmsPHJWc7

Deadline - 28th July, 11:59PM

उर्दू के 'नवाब राय', हिंदी के 'मुंशी प्रेमचंद', और असल ज़िंदगी के धनपत राय श्रीवास्तव! हिंदी कहानी के पितामह और 'उपन्यास...
31/07/2023

उर्दू के 'नवाब राय', हिंदी के 'मुंशी प्रेमचंद', और असल ज़िंदगी के धनपत राय श्रीवास्तव!
हिंदी कहानी के पितामह और 'उपन्यास सम्राट' के रूप में समादृत वे कहानीकार जिन्हें कठिन से कठिन बात भी सहज और सरल हिंदी में लिखनी आती थी!
हिंदी साहित्य में आदर्शोन्मुख-यथार्थवाद के प्रणेता जिन्होंने एक आम आदमी की कहानी, एक कृषक की ज़िंदगी को पूरे संसार के समक्ष इस मनोहारी और सरल ढंग से रखा कि हर किसी को वो एहसास उनके हृदय की गहराइयों तक हुआ!

" साहित्य में दलित विमर्श की शुरुआत शायद प्रेमचंद की रचनाओं से हुई थी।" -मन्नू भंडारी की प्रेमचंद पर टिप्पणी

साहित्यिक कृतियां: -

कहानी: बड़े घर के बेटी, ईदगाह, पूस की रात

लेख: गालियां, उर्दू हिन्दी हिंदुस्तानी

उपन्यास: सेवासदन, निर्मला

नाटक: संग्राम, कर्बला
उपन्यास: गोदान (अंतिम पूर्ण), मंगलसूत्र (अंतिम अपूर्ण)

"गोपालदास नीरज"जन्म: 4 जनवरी 1925,इटावा, उत्तर प्रदेशमृत्यु: 19 जुलाई 2018, दिल्लीगीतों के राजकुमार कहे जाने वाले हिंदी ...
23/07/2023

"गोपालदास नीरज"

जन्म: 4 जनवरी 1925,इटावा, उत्तर प्रदेश
मृत्यु: 19 जुलाई 2018, दिल्ली

गीतों के राजकुमार कहे जाने वाले हिंदी के महान गीतकार गोपाल दास नीरज जी का जन्म गंगा यमुना किनारे बसे शहर इटावा में हुआ। गरीबी से गीतकार बनने का यह सफर एक गीत के स्वरों की तरह था, या कहिए आरोह अवरोह की तरह!

एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था “गंगा किनारे हमारा घर हुआ करता था और घर में बेहद गरीबी थी। जो लोग गंगा नदी में 5 पैसे, 10 पैसे फेंकते थे, हम बच्चे गोता लगाकर उन्हें निकालकर इकठ्‍ठा करते थे और इसी जमा पूंजी से घर का चूल्हा जलता था।”

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने उन्हें हिंदी की वीणा नाम से अलंकृत किया। वे अपने समय के बेहतरीन कवि और लेखक थे, उनके लेख, कविताएं लोगों को मंत्रमुग्ध कर देती थीं।
कवि सम्मेलनों की अपार लोकप्रियता उन्हें बॉलीवुड के घर मुंबई तक ले गई। सन् 1969 में चांद और बिजली, 1971 में पहचान और 1972 में मेरा नाम जोकर के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ गीतकार का खिताब मिला।
भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री और पद्मभूषण से नवाजा।
19 जुलाई 2018 को एक लंबी बीमारी के कारण उनका देहांत हो गया और वे हिंदी जगत को हमेशा के लिए अलविदा कह गए।

कविता संग्रह - संघर्ष, अंतर्ध्वनि, विभावरी, प्राणगीत, दो गीत, नीरज की पाती, तुम्हारे लिए आदि।

गजलें- जितनी भारी गठरी होगी, सफर में रहा, तुम्हारे घर का सफर

फिल्मी गीत - फूलों के रंग से, लिखे जो खत तुझे आदि।

ज़िंदगी ने बेवफाई का खेल कुछ यूं खेला, की ये "खून थूकते शायर" के नाम से मशहूर हुए।  जॉन एलिया भारत के विभाजन के बाद भले ...
05/07/2023

ज़िंदगी ने बेवफाई का खेल कुछ यूं खेला, की ये "खून थूकते शायर" के नाम से मशहूर हुए। जॉन एलिया भारत के विभाजन के बाद भले ही पाकिस्तान चले गए, पर उनको अपनी जन्मभूमि सदा ही प्यारी रही।
वे अपने बेबाक लहजे के लिए जाने जाते थे, जब भी आते तो महफिल पर चार चांद लगा देते।
साहित्य के क्षेत्र में इनके निर्भीक योगदानों को देखते हुए, पाकिस्तान की सरकार ने इन्हें प्रेजिडेंशियल अवार्ड से भी नवाज़ा।
8 नवंबर 2002 को एक लंबी बीमारी के कारण इनकी मृत्यु हो गई, या कहिए दास्तां खत्म हो गई!

प्रमुख रचनाएं -

शायद
यानी
गुमान
लेकिन
गोया

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