सेवा भाव समिति

सेवा भाव समिति गरीबों की मदद, हमारी प्रतिबद्धता

मानवता के इस संगम में आपका साथ जरूरी है।
27/09/2025

मानवता के इस संगम में आपका साथ जरूरी है।

23/09/2025

🌿 सेवा भाव समिति – मानवता की डोर 🌿

जब कोई भूखा सोता है, तो सिर्फ उसका पेट नहीं, हमारी आत्मा भी भूखी रह जाती है।
गरीबों और बेसहारा लोगों का सहारा बनना केवल दया नहीं, सबसे बड़ा पुण्य है।

कबीर: “पर उपकार करैं जो कोई, निहचय ताहि मिलै फल सोई।”
अर्थ: जो भी व्यक्ति दूसरों का भला करता है, उसे निश्चित ही श्रेष्ठ फल—अर्थात सच्चा सुख और ईश्वर की कृपा—प्राप्त होती है।

तुलसीदास: “परहित सरिस धर्म नहीं भाई, परपीड़ा सम नाहीं अधमाई।”
अर्थ: दूसरों का भला करने से बड़ा कोई धर्म नहीं है और दूसरों को कष्ट देने से बड़ा कोई पाप नहीं है।

मानवता किताबों में नहीं, हमारे कर्मों में जिंदा रहती है।
एक कंबल, एक भोजन, एक मुस्कान—ये सिर्फ वस्तुएँ नहीं,
किसी की उम्मीद को फिर से जगाने का माध्यम हैं।

✨ सेवा भाव समिति का संकल्प:
“जहाँ तक हमारी साँस है, वहाँ तक इंसानियत जिंदा रहे।”

🤝 दूसरों के आँसू पोंछना ही सबसे बड़ी इबादत है।

🌸 राधे राधे। जय श्रीराम। 🌸

22/09/2025

🌿 सेवा भाव समिति – नई पहल 🌿

✨ हमारा उद्देश्य ✨
• समाज के गरीब, पिछड़े और वंचितों की हर सम्भव सहायता
• रोटी, कपड़ा, मकान जैसी मूल ज़रूरतें पूरी करने का प्रयास
• गरीब बहन–बेटियों के विवाह में सहयोग
• ज़रूरतमंदों को न्याय दिलाने में मदद

💡 विज़न: हर दिल में मानवता, हर जीवन में सम्मान
💖 मिशन: सेवा ही सबसे बड़ा धर्म

🙏 आइए, इच्छानुसार अंशदान या समय देकर इस मानवता संगम का हिस्सा बनें।
संपर्क: (जुड़ने के लिए msg करे)

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Varanasi

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