29/08/2024
काशी के कला गुरु एवं चित्रकार श्री मन्नमथ कुमार दास की 17वी पुण्यतिथि के अवसर पर सांख्य आर्ट फाउंडेशन एवं परवरिश फाउंडेशन, वाराणसी के संयुक्त तत्त्वधान में एक दिवसीय चित्रकला शिविर का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर संकटमोचन स्थित "मन्मथ आर्ट सेन्टर एवं गैलरी" में काशी के लगभग 30 युवा चित्रकारों ने बनारस के विभिन्न विषयों पर अर्धारित अनेक चित्रों का निर्माण कर दास जी को सृजनात्मक श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री दास के चित्रों का मुख्य विषय बनारस ही रहा है अतः बनारस के घाट, गलियों, साधु इत्यादि विषयो के चित्र मुख्य रूप से बनाये गए।
शिविर के दौरान श्री दास जी के अनेक चित्रों को प्रदर्शित किया गया, जिससे छात्रों को कला की अनेक बारीकियों को समझने का भी दुर्लभ संयोग मिला।
श्री दास जी का जन्म अविभाजित भारत के मयमनसिंह में हुआ था जो वर्तमान में बांग्लादेश में है।आपने अपनी कला शिक्षा शांतिनिकेतन में महान कलागुरु श्री नंदलाल बसु से लिया, तत्पश्चात गुरु की आज्ञा मानकर आप काशी में आ गए और थियोसॉफिकल सोसायटी, कमच्छा में कला प्रध्यापक के रूप में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए अनेक छात्रों को सवारने का महनीय कार्य किया।
अध्यापन कार्य के साथ ही श्री दास ने अपनी चित्रकला की सृजनात्मक यात्रा को भी निरंतर जारी रखा। श्री दास जी मुख्यतः परंम्परिक रूप से प्रयुक्त खनिज एवं वास्पतिक रंग का प्रयोग करते हुए बनारस के घाट और गंगा के किनारे के दृश्य पर अर्धारित हजारों चित्रों का निर्माण किया। आपको छात्र जीवन से ही, रवींद्रनाथ टैगोर, अबनिन्द्र नाथ टैगोर, महात्मा गाँधी आदि महापुरुषो का सानिध्य का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ, जिसका प्रभाव उनके जीवन और कला पर भी व्यापक रूप से दिखाई पड़ता है। यही कारण रहा कि श्री दास जी दुनिया की चकाचौंध से दूर रहकर अंतर्मुखी होकर निष्काम भाव से कला साधना में रत रहे।
शिविर की आयोजक और श्री दास जी की बेटी तथा सांख्य आर्ट फाउंडेशन की सह संस्थापिका इंद्राणी पॉल ने बताया कि श्री दास जी ने तो अपना पूरा जीवन ही कला को समर्पित कर दिया था, और उन्हे छात्रों के साथ चित्र निर्माण करना बहुत पसंद था, उनके द्वारा शुरू की गयी इसी परंपरा को जारी रखने की कोशिश तहत इस शिविर का आयोजन किया गया जिससे कला के माध्यम से छात्रों में सृजनात्मक अभिक्षमता का विकास हो सके।
शिविर का उद्घाटन विशिष्ट अतिथि के रूप me उपस्थित श्री दास जी धर्मपत्नी श्रीमती इरा दास जी द्वारा किया गया तथा , डॉ. गार्गी चटर्जी, श्री पी के पॉल, श्री प्रवीण कुमार सिंह, अदिति रमन, श्री अनीश कुमार, श्रीमती तनुका, श्रीआज़ाद कपूर,श्री प्रतिम,विशाल मौर्य, वीरू कुमार, अंजनी मौर्य, नीतू गौतम, अनामिका पांडेय, सिमरन सोनकर, गीतांजलि गोंड, आयुषी मौर्य, नेहा प्रजापति, मधु, आभा चौरसिया, खुशी मौर्य, स्वीटी कुमारी, शालिनी मौर्या, हिमांशु, अमन मौर्य, दीपक मौर्य, हीना अंसारी, खुशी सिंह, शिवांगी जयसवाल, प्रवीण प्रकाश हिमांशु इत्यादि गणमान्यजन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
शिविर आये सभी युवा कलाकारों को प्रोत्सहना के उद्देश्य से श्री पॉल की धर्मपत्नी के हाथों से प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन गार्गी चटर्जी तथा धन्यवाद ज्ञापन इंद्राणी पॉल ने किया।