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आप सभी भक्तों जन को अखिल भारतीय मनीषी परिषद की तरफ से विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाए एवं बधाई
01/10/2025

आप सभी भक्तों जन को अखिल भारतीय मनीषी परिषद की तरफ से विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाए एवं बधाई

सभी भक्तों जन को अखिल भारतीय मनीषी परिषद की तरफ से महानवमी की हार्दिक शुभकामनाए एवं बधाई।
01/10/2025

सभी भक्तों जन को अखिल भारतीय मनीषी परिषद की तरफ से महानवमी की हार्दिक शुभकामनाए एवं बधाई।

07/09/2025
07/09/2025

💐 श्रीरघुवीर विवाह 💐

बर कुअँरि करतल जोरि साखोचारु दोउ कुलगुर करैं।
भयो *पानिगहनु* बिलोकि बिधि सुर मनुज मुनि आनँद भरैं।।

विवाह की विधियों को बनाते समय हमारे पूर्वज ऋषि मनीषियों ने इस पर कितना गहन विचार,मनन किया था, ये ध्यान देने योग्य है। आजकल विवाह से पहले ही पाणिग्रहण कुसंस्कार हो जा रहा है। न उसके वंश का पता,न गोत्र का पता,न उसके वंश संस्कार पता है और रास्ता चलते हाथ पकड़ लिया और नाम दे दिया ये प्यार है। परिवार के लोग भी रिंग सेरेमनी, जयमाल कार्यक्रम के बहाने अनैतिक पाणिग्रहण करा दे रहे हैं। श्री सीता राम जी के विवाह के पहले जयमाल कार्यक्रम हुआ किन्तु दोनों ने एक दूसरे के हाथ पकड़ा क्या?
वर मंच पर खड़ा है कन्या आई तो हाथ पकड़कर मंच पर चढ़ा रहा है तो विचार करें कि ये शास्त्र सिद्धांत विरूद्ध है कि नहीं?
उचित यही है कि वर एवं कन्या दोनों पक्ष के पुरोहित/कुलगुरू वर एवं कन्या के अंजुली को रखें एवं उनके गोत्र, वंश आदि का एक दूसरे को परिचित कराएं - *साखोचारु* दोउ कुलगुर करैं। जब कुलगुरू/पंडित जी दोनों के तीन तीन पीढ़ियों सहित परिचय कराएं,
वर से वचन लें कि आप सदा कन्या की इच्छा का आदर करेंगे,
कन्या की प्रसन्नता के लिए आप कष्ट सहकर भी पूरा करेंगे । कन्या दान कर्ता वर से वचन लेता है कि प्रतिगृह्यातु भवान् और वर कहते हैं कि धर्म की रक्षा हेतु, वंश वृक्ष वृद्धि हेतु मैं इस दायित्व को स्वीकार करता हूं - धर्म प्रजा सिद्धार्थं प्रतिगृहणामि, इसके बाद हाथ सौंपा जाता है। पत्नी ने एक साड़ी मांग दी और आप एक हजार प्रश्न कर रहे हैं कि तुम्हें साड़ी क्यों चाहिए? तो इसका अर्थ है कि पाणिग्रहण संस्कार में दिए हुए वचन भूल रहे हैं कि "नातिचरिष्ये"। जब भर्ता हो तो भार्या के भरण पोषण,तोषण के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार रहना होगा। (विवेकी भर्ता एवं विवेकी भार्या अवपाद छोड़कर कभी एक दूसरे को जानबूझकर संकट में नहीं डालेंगे ऐसा एक दूसरे को विश्वास होना चाहिए।)
इसलिए कन्या के पाणि ग्रहण अर्थात् हाथ थामना कोई खेल नहीं है और अपने पूर्वजों के इस देन का सम्मान करना चाहिए...

सीताराम जय सीताराम... सीताराम जय सीताराम

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभः।निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥अखिल भारतीय मनीषी परिषद परिवार की ओर से आप...
27/08/2025

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभः।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
अखिल भारतीय मनीषी परिषद परिवार की ओर से आप सभी को गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ।









#गणेशचतुर्थी
#गणपतिबप्पामोरया
#वक्रतुंडमहाकाय
#गणेशोत्सव
#बप्पामोरया

भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, नीति, करुणा और लोककल्याण की प्रेरणा देता है।उनकी वाणी और कर्म आज भी समाज को मार्गदर्श...
16/08/2025

भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, नीति, करुणा और लोककल्याण की प्रेरणा देता है।
उनकी वाणी और कर्म आज भी समाज को मार्गदर्शन देते हैं।

🌿 "यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्." 🌿
श्रीकृष्ण का यही संदेश हमें राष्ट्र और समाज के उत्थान के लिए सदैव प्रेरित करता है।

🙏 जन्माष्टमी आप सभी के जीवन में आनंद, समृद्धि और शांति लेकर आए 🙏

#जयश्रीकृष्ण #धर्म_नीति_न्याय

🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🇮🇳आज का दिन हमें न केवल हमारे वीर शहीदों के बलिदान की याद दिलाता है, बल्कि यह स...
15/08/2025

🇮🇳 स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🇮🇳

आज का दिन हमें न केवल हमारे वीर शहीदों के बलिदान की याद दिलाता है, बल्कि यह संकल्प भी देता है कि हम अपने राष्ट्र के सम्मान, एकता और विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।

अखिल भारतीय मनीषी परिषद का प्रण है—
🧡 संस्कृति और मूल्यों की रक्षा
🤍 शिक्षा और ज्ञान के प्रसार का संकल्प
💚 समाज में समरसता और एकता का संदेश

✨ आइए, हम सभी इस स्वतंत्रता दिवस पर यह प्रतिज्ञा लें कि भारत की गरिमा, शक्ति और उज्ज्वल भविष्य के लिए एकजुट होकर कार्य करेंगे।

जय हिंद! वंदे मातरम्! 🇮🇳

#स्वतंत्रता_दिवस

16/07/2025

रामचरितमानस की चौपाईयाँ, तुलसीदास द्वारा रचित एक प्रसिद्ध महाकाव्य, जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालती हैं।

१. "मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सो दसरथ अजिर बिहारी।

• अर्थ: यह चौपाई सुख और समृद्धि की कामना के लिए पढ़ी जाती है। इसका अर्थ है, "हे मंगल के धाम, अमंगल को हरने वाले, हे दशरथ के पुत्र, श्री राम, मुझ पर कृपा करो।

२. "रामचरित मानस, कामद गाई। सुजन सजीवनि मूरि सुहाई।।"

• अर्थ: यह चौपाई रामचरितमानस के महत्व को दर्शाती है। इसका अर्थ है, "रामचरित मानस, कामधेनु गाय के समान है, जो सभी इच्छाओं को पूर्ण करती है और सज्जनों के लिए संजीवनी बूटी के समान है।

३. "जा पर कृपा राम की होई। ता पर कृपा करहिं सब कोई।।

• अर्थ: यह चौपाई भगवान राम की कृपा के महत्व को दर्शाती है। इसका अर्थ है, "जिस पर भगवान राम की कृपा होती है, उस पर सभी कृपा करते हैं।

४. "बिनु सत्संग विवेक न होई। राम कृपा बिनु सुलभ न सोई।।

• अर्थ: यह चौपाई सत्संगति के महत्व को बताती है। इसका अर्थ है, "सत्संगति के बिना विवेक नहीं होता और भगवान राम की कृपा के बिना सत्संगति प्राप्त करना कठिन है।

५. "सीय राम मय सब जग जानी। करहुं प्रणाम जोरि जुग पानी।।

• अर्थ: यह चौपाई प्रेम और भक्ति की भावना को दर्शाती है। इसका अर्थ है, "यह जानकर कि यह संसार श्री राम और सीता के चरणों में है, मैं दोनों हाथों को जोड़कर प्रणाम करता हूं।"

६. कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहीं होइ तात तुम पाहीं।।"

• अर्थ: यह चौपाई भगवान राम की सर्वशक्तिमानता को दर्शाती है। इसका अर्थ है, "हे तात, इस संसार में कौन सा कठिन कार्य है जो आपसे नहीं हो सकता?

७ - पर उपकार बचन मन काया। संत सहज सुभाव खगराया।।

• अर्थ: यह चौपाई संतों के स्वभाव को दर्शाती है। इसका अर्थ है, "परोपकार करना संतों का स्वभाव है।

८. सब प्रकार प्रभु पूरन कामा। दीन दयाल बिरिदु संभारी।।

• अर्थ: यह चौपाई भगवान राम की दयालुता और पूर्णता को दर्शाती है। इसका अर्थ है, "हे प्रभु, आप सब प्रकार से पूर्ण हैं, आप दीनों पर दया करने वाले हैं, अपनी इस प्रतिज्ञा को याद रखें।
🙏🙏🙏 जय जय श्री सीताराम 🙏🙏🙏

16/07/2025

🙏जय जय श्री सीताराम 🙏

16/07/2025

🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌤️ *दिनांक - 16 जुलाई 2025*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार आषाढ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - षष्ठी रात्रि 09:01 तक तत्पश्चात सप्तमी*
🌤️ *नक्षत्र - उत्तरभाद्रपद 17 जुलाई प्रात: 04:50 तक तत्पश्चात रेवती*
🌤️ *योग - शोभन सुबह 11:57 तक तत्पश्चात अतिगण्ड*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 12:45 से दोपहर 02:24 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:07*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:22*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - कर्क संक्रांति (पुण्यकाल : सूर्योदय से शाम 05:40 तक),पंचक*
💥 *विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞

🌷 *कर्क-संक्रांति* 🌷
➡ *16 जुलाई 2025 बुधवार को कर्क संक्रांति (पुण्यकाल : सूर्योदय से शाम 05:40 तक)*
🙏🏻 *इसमें किया गया जप, ध्यान, दान व पुण्यकर्म अक्षय होता है ।*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *श्रावण में सूर्य पूजा* 🌷
🙏🏻 *भगवान शिव की भक्ति का महीना श्रावण (सावन) (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार) से शुरू हो चुका है। (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार अषाढ़ मास चल रहा है वहां 25 जुलाई, शुक्रवार से श्रावण (सावन) मास आरंभ होगा)*
🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार श्रावण मास के प्रत्येक रविवार को, हस्त नक्षत्र से युक्त सप्तमी तिथि को सूर्य भगवान की पूजा विशेष फलदायी होती है । श्रावण के रविवार को शिवपूजा पाप नाशक कही गयी है। अतः रविवार को सूर्य भगवान की पूजा जरूर करें।*

🙏🏻 *अग्निपुराण के अनुसार*
*" कृता हस्ते सूर्यवारं नतेन्नाब्दं स सर्वभाक " अर्थात हस्तनक्षत्रीकृत रविवार को एक वर्ष तक नक्तव्यत द्वारा मनुष्य सब कुछ पा लेता है |*
🌞 *कहते हैं सूर्य शिव के मंदिर में निवास करता है अतः शिव मंदिर में भोलेनाथ तथा सूर्य दोनों की की पूजा अर्चना करनी चाहिए।*
🙏🏻 *शिवपुराण में सूर्यदेव को शिव का स्वरूप व नेत्र भी बताया गया है, जो एक ही ईश्वरीय सत्ता का प्रमाण है। सूर्य और शिव की उपासना जीवन में सुख, स्वास्थ्य, काल भय से मुक्ति और शांति देने वाली मानी गई है।*
🌞 *श्रावण में सूर्य पूजा कैसे करें :*
🙏🏻 *सूर्योदय के समय सूर्य को प्रणाम करें, सूर्य को ताम्बे (ताम्र) के लोटे से “जल, गंगाजल, चावल, लाल फूल(गुडहल आदि), लाल चन्दन" मिला कर अर्घ्य दें | सूर्यार्घ्य का मन्त्र: “ॐ एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते। अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर” है। अगर यह नहीं बोल सकते तो ॐ अदित्याये नमः अथवा ॐ घृणि सूर्याय नमः का जप करे ।*
🙏🏻 *प्रतिदिन 12 ज्योतिर्लिंगों के नामों का स्मरण करें।*
🙏🏻 *शिवलिंग पर घी, शहद, गुड़ तथा लाल चन्दन अर्पित करें । सभी चीज़ें अर्पित न कर पाओ तो कोई भी एक अर्पित करें। लाल रंग के पुष्प जरूर अर्पित करें।*
🔥 *शिव मंदिर में ताम्बे के दीपक में ज्योत जलाएं।*
🙏🏻 *प्रतिदिन अत्यन्त प्रभावशाली आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ करें। भविष्यपुराण के अनुसार जो रविवार को नक्त-व्रत एवं आदित्यह्रदय का पाठ करते है वे रोग से मुक्त हो जाते हैं और सूर्यलोक में निवास करते हैं।*
*युधिष्ठिरविरचितं सूर्यस्तोत्र का पाठ करें।*
🙏🏻 *12 मुखी रुद्राक्ष भगवान सूर्य के बारह रूपों के ओज, तेज और शक्ति का केन्द्र बिन्दू है। इसे जो भी पहनता है उसे हर तरह का धन वैभव ज्ञान और सभी तरह के भौतिक सुख मिलते है।*
🙏🏻 *सूर्य यदि शनि या राहू के साथ हो तो रविवार को रुद्राभिषेक करवायें।*
🙏🏻 *प्रतिदिन गायत्री मंत्र का कम से कम 108 बार पाठ करें*
*निम्न मंत्र से शिव का ध्यान करें - "नम: शिवाय शान्ताय सगयादिहेतवे। रुद्राय विष्णवे तुभ्यं ब्रह्मणे सूर्यमूर्तये।।"*
*शिवप्रोक्त सूर्याष्टकम का नित्य पाठ करें ।*
🙏🏻 *दोनों नेत्रों तथा मस्तक के रोग में और कुष्ठ रोग की शान्ति के लिये भगवान् सूर्य की पूजा करके ब्राह्मणों को भोजन कराये। शिवलिंग पूजन आक के पुष्पों, पत्तों एवं बिल्व पत्रों से करें। तदनंतर एक दिन, एक मास, एक वर्ष अथवा तीन वर्षतक लगातार ऐसा साधन करना चाहिये। इससे यदि प्रबल प्रारब्धका निर्माण हो जाय तो रोग एवं जरा आदि रोगों का नाश हो जाता हैं।*
🌞 *सूर्याष्टकम*
*आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर ।*
*दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तुते ॥*
*सप्ताश्वरथमारूढं प्रचण्डं कश्यपमात्मजम् ।*
*श्वेत पद्मधरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम ॥*
*लोहितं रथमारूढं सर्वलोकपितामहम् ।*
*महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥*
*त्रैगुण्यं च महाशूरं ब्रह्मविष्णुमहेश्वम् ।*
*महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥*
*बृंहितं तेजःपुञ्जं च वायुमाकाशमेव च ।*
*प्रभुं च सर्व लोकानां तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥*
*बन्धुकपुष्पसङ्काशं हारकुण्डलभूषितम् ।*
*एकचधरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥*
*तं सूर्यं जगत्कर्तारं महातेज: प्रदीपनम् ।*
*महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥*
*तं सूर्यं जगतां नाथं ज्ञानविज्ञानमोक्षदम् ।*
*महापापहरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥*
*॥इति श्री शिवप्रोक्तं सूर्याष्टकं सम्पूर्णम्॥*

🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞जुलाई पंचक 2025 तिथि

पंचक आरंभ: जुलाई 13, 2025, रविवार को शाम 06:53 बजे
पंचक अंत: जुलाई 18, 2025, शुक्रवार को तड़के सुबह 03:39 बजे
🙏🏻🌷🌻☘🌸🌹🌼🌺💐🙏🏻 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 16 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 7 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति अपने आप में कई विशेषता लिए होते हैं। यह अंक वरूण ग्रह से संचालित होता है। आप खुले दिल के व्यक्ति हैं। आपकी प्रवृत्ति जल की तरह होती है। जिस तरह जल अपनी राह स्वयं बना लेता है वैसे ही आप भी तमाम बाधाओं को पार कर अपनी मंजिल पाने में कामयाब होते हैं। आप पैनी नजर के होते हैं। किसी के मन की बात तुरंत समझने की आपमें दक्षता होती है।

शुभ दिनांक : 7, 16, 25

शुभ अंक : 7, 16, 25, 34

शुभ वर्ष : 2029

ईष्टदेव : भगवान शिव तथा विष्णु


शुभ रंग : सफेद, पिंक, जामुनी, मेहरून

जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :

आपके कार्य में तेजी का वातावरण रहेगा। आपको प्रत्येक कार्य में जुटकर ही सफलता मिलेगी। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए समय सुखकर रहेगा। नवीन कार्य-योजना शुरू करने से पहले केसर का लंबा तिलक लगाएं व मंदिर में पताका चढ़ाएं।

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन परिस्थितियां आपके लिये प्रतिकूल ही रहेंगी। स्वास्थ्य के साथ ही धन हानि के योग बन रहे हैं। नए कार्य का आरंभ फिलहाल टालें, पुराने अधूरे कार्य पूर्ण करने पर अधिक ध्यान दें। समय पर कार्य पूरे ना करने पर सम्मान हानि हो सकती है। व्यावसायिक काम काज को लेकर आज अन्य लोगों के ऊपर ज्यादा निर्भर रहना पड़ेगा। अवकाश भी लेना पड़ सकता है। लाभ आशानुकूल ना होने से थोड़ी निराशा भी रहेगी। महिलाये वाणी के प्रयोग में संतुलन बरतें बेवजह कलह के प्रसंग बनने से रंग में भंग वाली स्थिति बन सकती है। संध्या के आस-पास थकान के कारण किसी काम में मन नहीं लगेगा लेकिन फिर भी घूमने फिरने मनोरंजन आदि के लिए तत्पर रहेंगे। शादीशुदा लोगों को किसी बात का पछतावा होगा।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन आपके लिये सुनहरे अवसर प्रदान करेगा इसका समय रहते लाभ उठायें कल की अनुकूल परिस्थिति आज की मेहनत से ही बनेगी। आज दिन का पहला भाग थोड़ा अस्त व्यस्त रहेगा आवश्यक कार्य लेटलतीफी के कारण विलम्ब से पूर्ण होंगे। कार्य क्षेत्र पर भी मध्यान तक अव्यवस्था रहेगी जिस कारण लाभ होते होते रह सकता है। मध्यान से संध्या के बीच के समय व्यवसाय में आकस्मिक उछाल आएगा। थोड़े परिश्रम से अधिक लाभ कमा सकेंगे। महिलाये घर मे किसी छोटी सी बात को लेकर विवाद खड़ा करेंगी विवेकपूर्ण व्यवहार करें। संध्या बाद कोई हानि हो सकती है। मनोरंजन की चाह आज मन मे ही रह जायेगी। सेहत छोटी मोटी बातो को छोड़ ठीक रहेगी।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन आपके लिए अवश्य कोई शुभ समाचार देगा। आज आप दिन भर किसी ना किसी कारण से व्यस्त ही रहेंगे व्यस्तता को धन के साथ ना जोड़े अन्यथा मानसिक संताप रहेगा। आज संबंधों को ज्यादा महत्त्व दें निकट भविष्य में ये ही धन लाभ कराएंगे। कार्य व्यवसाय से काम चलाऊ आय आसानी से हो जाएगी निवेश बेझिझक होकर कर सकते है। घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति समय पर करने पर भी परिजन किसी न किसी कारण से नाराज ही रहेंगे। गृहस्थ की बाते मित्र स्नेही जन से भी ना बांटे हानिकर हो सकता है। आज किसी के ऊपर छींटा कशी करने से बचे दिनचार्य को सामान्य व्यतीत करने का प्रयास करें स्वयं को श्रेष्ठ दिखाने के चक्कर मे मान हानि हो सकती है।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आप अन्यलोगों को नैतिक आचरण सिखाएंगे परन्तु इसे अपने ऊपर लागू ना करने से हास्य के पात्र बनेंगे। दिन का आरंभिक भाग शांति से व्यतीत होगा इसके बाद भाग-दौड़ बढ़ेगी लेकिन आज महनत का फल आशाजनक नही रहने से मानसिक चिंता रहेगी पर जाहिर नही करेंगे। व्यावसायिक क्षेत्र पर सहकर्मी मनमानी करेंगे क्रोध में आकर कटु वचन बोलेंगे जिस कारण संबंध खराब होने के साथ ही अव्यवस्था भी फैलेगी जिसे सुधारना आज आपके वश में नही होगा। धन लाभ के लिए आज का दिन मध्यम रहेगा। संध्या के समय स्थिति आपके नियंत्रण में रहेगी धन लाभ के साथ आनंद दायक समय बिताएंगे। महिलाये स्वार्थ वश अत्यंत मीठा व्यवहार करेंगी।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज आपकी दिनचार्य असामान्य रहेगी। सेहत में सुधार आएगा परन्तु आपकी लापरवाही के कारण तकलीफ दोबारा हो सकती है। आज आप जो भी कामना करेंगे उसका विपरीत फल ही मिलने वाला है। व्यवसाय में अतिरिक्त आय कमाने के प्रलोभन में हाथ लगी पूंजी ना चली जाए इसका ध्यान रखना पड़ेगा आज गलत निर्णय अवश्य हानि का कारण बनेगा। परिजनों की जिद के आगे सामर्थ्य से अधिक खर्च करना पड़ेगा जिस कारण धन की कमी बनेगी। मित्र परिचितों से भी संबंधों में उदासीनता अधिक रहेगी। धार्मिक पूजा पाठ के प्रसंग बनेंगे परन्तु ध्यान कही और भटकने से दिखावा मात्र रहेगा। परिजनों से थोड़ी ख़ट पट के बाद सुख मिलेगा। दवाओं पर खर्च करना पड़ सकता है।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन आपका मुख्य उद्देश्य धन प्राप्ति के साथ सुख सुविधाओं में भी वृद्धि करना रहेगा परन्तु इसमे आंशिक सफलता ही मिल सकेगी फिर भी आध्यात्म से जुड़े रहने के कारण इच्छा पूर्ति ना होने पर भी ज्यादा विचलित नही होंगे। कार्य व्यवसाय में नए विरोधी बनेंगे परन्तु आज आपका कुछ बिगाड़ नही सकेंगे। बीच-बीच मे आज क्रोध के प्रसंग बनेंगे फिर भी थोड़ा विवेक रहने से इन्हें अनदेखा करेंगे। आज आप जल्द पैसा कमाने वाले उपाय भी अपना सकते है जिनमे हानि होने की संभावना अधिक रहेगी। आवश्यकता अनुसार धन लाभ आज हो ही जायेगा धन के पीछे भागने की प्रवृति छोड़े। पारिवारिक सदस्य बेपरवाह होकर अपनी मस्ती में मस्त रहेंगे।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन भी धन धान्य में वृद्धिकारक बना रहेगा। दिन के आरंभ से ही कार्यो को लेकर गंभीर रहेंगे लेकिन महिलाये हर काम मे नखरे करेंगी। मध्यान के बाद का कुछ समय रुके धन को प्राप्त करने में व्यतीत होगा। कार्य क्षेत्र पर आज मनमानी ज्यादा करेंगे जिससे सहकर्मियों को असुविधा होगी फिर भी आज आप अपने व्यवहार से सभी को खुश रख सकेंगे। पारिवारिक स्थिति भी आज पहले से बेहतर बनेगी घरेलू कार्यो को लेकर व्यस्तता भी अधिक रहेगी। घर के बुजुर्गों से थोड़ी अनबन रहने की संभावना है फिर भी आज संध्या का समय परिजनों के साथ आनंद से बिताएंगे। पेट की परेशानी अथवा हाथ पैरों में शिथिलता रहेगी।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन भी आपके लिए शुभ है लेकिन आज अतिआत्मविश्वास एवं अहम की भावना के कारण हानि एवं आपसी मनमुटाव रहेगा। आज अन्य लोगो को स्वयं की तुलना में निम्न आंकना परेशानी में डालेगा। अधिकारी वर्ग अथवा घर के बड़े लोग जानबूझ कर आपको ज्यादा कार्य सौंपेंगे जिससे भारी परेशानी होगी। सेहत लगभग सामान्य ही रहेगी लेकिन थकान अधिक अनुभव होगी। आज दो पक्षो के झगड़े को सुलझाने में आपका सहयोग लिया जाएगा यथा सम्भव दूर रहें अन्यथा बैठे बिठाए अपमानित होना पड़ेगा। घरेलू जरूरतों की पूर्ति में विलंब झगड़े का कारण बनेगा। धन लाभ परिश्रम के बाद ही आशानुकूल रहेगा।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आपकी आज की दिनचार्य भी उथल-पुथल रहेगी। आज आपके आचरण से किसी ना किसी को परेशानी होगी आप अपने बड़बोले पन के कारण स्वयं ही मुसीबतों को न्योता देंगे। घर एवं बाहर का वातावरण आपके अमर्यादित आचरण से कलुषित हों सकता है। परिजनो से आज अधिकतर कार्यो में वैचारिक मतभेद रहेंगे। कार्य क्षेत्र पर लापरवाह होकर कार्य करने पर अधिकारियो की डांट सुन्नी पड़ेगी। स्वभाव में भी आज सुस्ती अधिक रहेगी। धन लाभ के अवसर हाथ से निकलने की संभावना है। महत्त्वपूर्ण विषयो में निर्णय आज नाही ले तो उचित रहेगा। स्त्रियां
गलती करने पर दोष किसी और के सर डालने का प्रयास करेंगी।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन भी आपके अनुकूल रहेगा। फिर भी आज किसी पर भी आवश्यकता से अधिक विश्वास ना करें ना ही किसी को मन के भेद बताये बाद में परेशानी होगी। आज कही ना कहीं से आकस्मिक धन लाभ होगा जिससे रुके कार्यो में गति आएगी। कुछ दिनों से टल रही मनोकामना की पूर्ति आज कर सकेंगे। व्यवसाय में नए अनुबंध मिलेंगे लापरवाही से बचें अन्यथा हाथ से निकल भी सकते है। व्यापार विस्तार के लिए दिन शुभ है पर नए कार्य का आरंभ आज ना करें। धन का निवेश शीघ्र ही फलदायी होगा। मित्र अथवा रिश्तेदारों के कारण कुछ समय के लिये परेशानी में पड़ेंगे। यात्रा के योग बन रहे है इसमें सावधानी रखें।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन आप योजनाए तो बहुत बनाएंगे परन्तु किसी ना किसी अभाव के कारण इन्हें पूरा नही कर पाएंगे। आज के दिन आप अपनी भावनाओं को किसी के आगे सांझा करने से कतराएंगे आपसी संबंध को बचाना इसका मूल उद्देश्य रहेगा। लोगो की उद्दंडता को मजबूरन नजरअंदाज करना पड़ेगा। आर्थिक रूप से दिन सामान्य ही रहेगा। खर्च लायक आय आसानी से हो जाएगी। खर्च करने में भी मितव्ययता बरतेंगे। आज आप जिस भी कार्य को लेकर निश्चिन्त रहेंगे उसी में कुछ ना कुछ विघ्न उपस्थित होगा। सरकारी कार्य लंबित रहेंगे नौकरी में भी उत्साह की कमी रहेगी। पेट संबंधी व्याधि से परेशानी होगी।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आपके मन की चंचलता एवं स्वभाव में उद्दंडता को छोड़ शेष सब उत्तम रहेगा। परिजनों अथवा बाहरी लोगों से बेबाकी से पेश आना भारी पड़ सकता है। आप आलस्य से भरे रहेंगे फिर भी आज जिस भी कार्य को करेंगे उसे अन्य की अपेक्षा कम समय मे एवं सफाई से पूर्ण कर लेंगे। व्यवसाय में आज ज्यादा उत्साह नही लेंगे लेकिन आकस्मिक कार्य आने से बेमन से करना पड़ेगा फिर भी धन लाभ उत्तम होगा नए लाभ के अनुबंध मिलेंगे परन्तु सहयोगियो की कमी रहने से कार्य आरंभ आज नही कर पाएंगे। घरेलू आवश्यकता के अलावा सुख के साधनों पर अधिक खर्च होगा। आज आपको कोई ठग भी सकता है सतर्क रहें।

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