24/06/2026
19 जून 2026 को बनारस क्लब में VBDA और CREDAI द्वारा आयोजित “Vastu Shastra for the Real Estate Sector” विषयक विशेष सेमिनार में प्रसिद्ध वास्तु एवं ज्योतिष विशेषज्ञ Rajiv Narayan Pandey ने रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े बिल्डर्स और डेवलपर्स को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ज्योतिष के बिना वास्तु अधूरा है। किसी भी बिल्डर को परियोजना शुरू करने से पहले अपनी कुंडली का परीक्षण कर लेना चाहिए कि रियल एस्टेट का योग उसके लिए अनुकूल है या नहीं। इसके बाद जिस शहर में निर्माण करना है, वहां लाभ या हानि की संभावनाओं का भी विचार आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि भूमि चयन करते समय भूखंड की आकृति, आसपास की परिस्थितियां, सड़क की दिशा तथा शास्त्रीय भूमि परीक्षण का विशेष ध्यान रखना चाहिए। भूमि पूजन स्थिर नक्षत्र और स्थिर लग्न में करना अत्यंत शुभ माना गया है। निर्माण प्रारंभ करने की दिशा, मुख्य द्वार की स्थिति, कमरों का वास्तु अनुसार विन्यास तथा ब्रह्मस्थान को खुला रखना भी आवश्यक है।
राजीव जी ने कहा कि प्रत्येक दिशा का संबंध किसी न किसी ग्रह से होता है, इसलिए रंगों और उपयोगों का चयन भी उसी अनुसार होना चाहिए।
अपने वक्तव्य के अंत में उन्होंने कहा—“वास्तव में वही स्थान निवास योग्य है जहां पवन, पानी और पड़ोसी—ये तीनों उत्तम हों।” #प्रज्ञापुंज #