04/06/2026
“ #गुर्जर_आंदोलन फिल्म” के निर्देशक ‘ #अरुण_नागर’ अब बनाएंगे “गुर्जर आंदोलन” पर आधारित भव्य ‘वेब सीरीज़’
फिल्म “गुर्जर आंदोलन” के निर्देशक एवं ऐक्टर अरुण नागर (Aarun Nagar) ने ‘गुर्जर आंदोलन’ में शहीद हुए वीरों के संघर्ष पर आधारित एक भव्य ‘वेब सीरीज़’ बनाने की घोषणा की है।
अरुण नागर ने कहा कि फिल्मों की अपनी सीमाएँ होती हैं। दो या ढाई घंटे की फिल्म में आंदोलन के प्रत्येक पहलू, प्रत्येक शहीद, प्रत्येक परिवार और हजारों कार्यकर्ताओं के योगदान को विस्तार से दिखाना संभव नहीं होता। लेकिन आज समय बदल चुका है और वेब सीरीज़ जैसा सशक्त माध्यम उपलब्ध है, जिस माध्यम से आंदोलन के इतिहास, संघर्ष, शहीदों के जीवन और समाज के योगदान को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, “मैं स्वयं को समाज का बेटा मानता हूँ। समाज ने मुझे पहचान दी है, सम्मान दिया है और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। इसलिए समाज के संघर्ष, वीरता, त्याग और गौरवशाली इतिहास को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना मैं अपना कर्तव्य मानता हूँ।”
अरुण नागर ने अपने संबोधन में गुर्जर आंदोलन के प्रमुख नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला जी को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए कहा कि उन्होंने पूरे समाज को एक सूत्र में पिरोकर आंदोलन को नई दिशा प्रदान की और संघर्ष को जनआंदोलन का स्वरूप दिया। उन्होंने कहा कि गुर्जर आंदोलन का इतिहास कर्नल बैंसला जी के योगदान के बिना अधूरा है।
उन्होंने अपनी पूर्व फिल्म “गुर्जर आंदोलन” के सह-निर्माता एवं ऐक्टर महावीर सिंह फौजी का भी विशेष उल्लेख किया। अरुण नागर ने कहा कि फिल्म निर्माण के दौरान महावीर सिंह फौजी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और आज भी वे इस वेब सीरीज़ में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने बताया कि आगामी वेब सीरीज़ में महावीर सिंह फौजी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए दिखाई देंगे।
अरुण नागर ने बताया कि उनकी फिल्म “गुर्जर आंदोलन” वर्ष 2014 में सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। यह फिल्म गुर्जर आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि स्वरूप बनाई गई थी। उस समय सोशल मीडिया, यूट्यूब, फेसबुक और इंटरनेट की पहुँच आज की तरह आम लोगों तक व्यापक रूप से नहीं थी, इसके बावजूद फिल्म ने अपने विषय, गीतों और समाज से जुड़ाव के कारण एक अलग पहचान बनाई।
उन्होंने कहा कि लोगों ने एक-दूसरे को फिल्म देखने की सलाह दी और माउथ पब्लिसिटी के माध्यम से यह फिल्म राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में चर्चा का विषय बन गई। जो कि अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि थी।
फिल्म का संगीत T-Series द्वारा जारी किया गया था। आज भी गुर्जर समाज से जुड़े अनेक सामाजिक कार्यक्रमों में फिल्म के गीत बड़े गर्व के साथ बजाए जाते हैं। विशेष रूप से “गुर्जर आंदोलन सरेआम करेंगे” गीत समाज की पहचान का हिस्सा बन चुका है और अनेक कार्यक्रमों में प्रमुखता से बजाया जाता है।
उन्होंने कहा कि यह वेब सीरीज़ केवल बड़े नेताओं या प्रमुख घटनाओं तक सीमित नहीं रहेगी। आंदोलन में योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका को सम्मान देने का प्रयास किया जाएगा।
इस संदर्भ में अरुण नागर ने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार रामसेतु निर्माण में एक छोटी सी गिलहरी के योगदान का भी उल्लेख मिलता है, उसी प्रकार इस वेब सीरीज़ में आंदोलन से जुड़े हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता के योगदान को सम्मानपूर्वक स्थान देने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “इतिहास केवल बड़े नामों से नहीं बनता, बल्कि हजारों लोगों के त्याग, समर्पण और संघर्ष से बनता है। आने वाली पीढ़ियों को यह जानना चाहिए कि आंदोलन की सफलता के पीछे किन-किन लोगों का योगदान रहा।”
अरुण नागर ने बताया कि उनकी टीम वर्तमान में गुर्जर आंदोलन से जुड़े आंदोलनकारियों, शहीद परिवारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, प्रत्यक्षदर्शियों तथा विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से संपर्क कर रही है, ताकि उनके अनुभवों और योगदान को प्रमाणिक रूप से वेब सीरीज़ में दर्शाया जा सके।
उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति, परिवार या कार्यकर्ता के पास आंदोलन से जुड़े दस्तावेज़, समाचार कटिंग्स, तस्वीरें, वीडियो, संस्मरण अथवा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी हो तो वह उनसे संपर्क कर सकता है।
उन्होंने समाज के सभी जागरूक व्यक्तियों, संगठनों, उद्योगपतियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं युवाओं से इस ऐतिहासिक अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज के इतिहास, शहीदों और आंदोलनकारियों की विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने के इस प्रयास में किसी भी प्रकार का सहयोग करने वाले सभी लोगों का स्वागत है।
अरुण नागर ने कहा कि इस ऐतिहासिक परियोजना में सहयोग देने वाले व्यक्तियों, संगठनों एवं समाजजनों के योगदान का सम्मान किया जाएगा तथा उनके सहयोग को विशेष रूप से वेब सीरीज़ में उचित स्थान देकर उल्लेखित किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी जान सकें कि समाज के इतिहास को संरक्षित करने के इस अभियान में किन-किन लोगों ने अपनी भूमिका निभाई थी।
अरुण नागर ने कहा कि “यह इतिहास हम सबका है, इसलिए इसे सहेजने और दुनिया तक पहुँचाने की जिम्मेदारी भी हम सबकी है।”
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज के सहयोग, मार्गदर्शन और आशीर्वाद से यह वेब सीरीज़ आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज़ सिद्ध होगी।
संपर्क:
अरुण नागर (Aarun Nagar)
निर्देशक एवं निर्माता
Gurjar Aandolan
मो.: 9990999052