Khalsa Yuva Dal B.Tal- Katihar

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ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਹੋਲੀਆਂ ਤੇ ਖਾਲਸੇ ਦਾ ਹੋਲਾ ਆਈ |Loka Diya Holiya Te Khalse Da Hola Aee.
05/03/2026

ਲੋਕਾਂ ਦੀਆਂ ਹੋਲੀਆਂ ਤੇ ਖਾਲਸੇ ਦਾ ਹੋਲਾ ਆਈ |

Loka Diya Holiya Te Khalse Da Hola Aee.

ਸਫ਼ਰ_ਏ_ਸ਼ਹਾਦਤਗੁ. ਮਾਤਾ ਮੁਖੋ ਕੌਰ ਸੰਪਤੌ ਕੌਰ ਟਰੱਸਟ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਭੰਡਾਰਤਲ ਵਿਖੇ ਮਾਤਾ ਗੁਜਰ ਕੌਰ ਜੀ, ਚਾਰ ਸਾਹਿਬਜ਼ਾਦੇ ਅਤੇ ਬੇਅੰਤ ਸਿੱਖਾਂ ਦ...
24/12/2025

ਸਫ਼ਰ_ਏ_ਸ਼ਹਾਦਤ
ਗੁ. ਮਾਤਾ ਮੁਖੋ ਕੌਰ ਸੰਪਤੌ ਕੌਰ ਟਰੱਸਟ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਭੰਡਾਰਤਲ ਵਿਖੇ ਮਾਤਾ ਗੁਜਰ ਕੌਰ ਜੀ, ਚਾਰ ਸਾਹਿਬਜ਼ਾਦੇ ਅਤੇ ਬੇਅੰਤ ਸਿੱਖਾਂ ਦੀ ਲਾਸਾਨੀ ਸ਼ਹਾਦਤ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਗੁਰਮਤਿ ਸਮਾਗਮ ਮਿਤੀ 22,23,24 ਦਸੰਬਰ ਨੂੰ ਖਾਲਸਾ ਨਵ ਯੂਵਕ ਦਲ ਭੰਡਾਰਤਲ ਵੱਲੋਂ ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਕ ਕਮੇਟੀ ਭੰਡਾਰਤਲ ਅਤੇ ਇਸ ਇਲਾਕੇ ਦੀ ਸਮੂਹ ਸਾਧ ਸੰਗਤ ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਨਾਲ ਮਨਾਇਆ ਗਿਆ।

18/12/2025
🌟 Sikh Youth Conference | ਸਿੱਖ ਨੌਜਵਾਨ ਸੰਮੇਲਨ🌟🙏 ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਜੀ ਕਾ ਖਾਲਸਾ, ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਜੀ ਕੀ ਫਤਹਿ🙏हम सभी युवाओं, अभिभावकों और संग...
18/12/2025

🌟 Sikh Youth Conference | ਸਿੱਖ ਨੌਜਵਾਨ ਸੰਮੇਲਨ🌟

🙏 ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਜੀ ਕਾ ਖਾਲਸਾ, ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਜੀ ਕੀ ਫਤਹਿ🙏

हम सभी युवाओं, अभिभावकों और संगत को Sikh Youth Conference (सिख युवा सम्मेलन) में सादर आमंत्रित करते हैं।
यह सम्मेलन सिख युवाओं को **इतिहास, पहचान और गुरमत आधारित जीवन** से जोड़ने का एक विशेष प्रयास है।

# # # 🎯 मुख्य विषय (Topics):

• चार साहिबज़ादों की शहादत और आज का सिख युवा
• सिख पहचान: चुनौतियाँ और समाधान
• गुरमत अनुसार जीवन कैसे बनाएँ
• मोबाइल और नशे से युवाओं को कैसे बचाएँ
• गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाएँ और आधुनिक जीवन
• सेवा, सिमरन और संतुलित जीवन

# # # 📅 तारीख: Dec 20, 2025

# # # 🕘 समय: 3pm to 5pm

# # # 📍 स्थान: Mata Mukho Kaur Sampatto Kaur Trast Gurdwara Bhandartal

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# # # 🎤 विशेष आकर्षण:

✔️ प्रेरणादायक Guest Speaker
✔️ प्रश्न-उत्तर सत्र
✔️ गुरु का लंगर

आप सभी से विनम्र निवेदन है कि अपने अमूल्य समय और सहयोग से इस सम्मेलन को सफल बनाएँ और अधिक से अधिक युवाओं को साथ लाएँ। संगत को लाने-लेजाने के लिय 🚌 बस की व्यवस्था की गई है।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें- 9708398866

# # # 📣 कृपया इस Event को Share करें🙏🏼

🙏 ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਜੀ ਕਾ ਖਾਲਸਾ
ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਜੀ ਕੀ ਫਤਹਿ🙏

16/11/2024

“गुरु साहिब की हज़ूरी की पवित्रता बनाए रखें”

श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी केवल एक ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि सिख पंथ के शाश्वत गुरु हैं, जो हमारे गुरुओं की दिव्य शिक्षा और ज्ञान का प्रतीक हैं। गुरु साहिब की हज़ूरी में किया गया हर कार्य हमारी श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक होना चाहिए। गुरु साहिब की हज़ूरी के वीडियो में बॉलीवुड गाने या सांसारिक संगीत का उपयोग करना अनुचित है और मर्यादा के विपरीत है।

यह प्रथा क्यों अनुचित है?

1. हज़ूरी एक पवित्र वातावरण है: गुरु साहिब की उपस्थिति दिव्य होती है और यह सर्वोच्च सम्मान की मांग करती है। बॉलीवुड संगीत, जो अक्सर सांसारिक और भौतिकवादी विषयों पर आधारित होता है, आध्यात्मिक वातावरण को कमजोर करता है।
2. गुरबानी के सार से भटकाव: गुरबानी का उद्देश्य हमें माया से ऊपर उठाकर वाहेगुरु से जोड़ना है। ऐसा संगीत उस पवित्र उद्देश्य को भंग करता है।

अनुचित प्रथाओं के उदाहरण

• पृष्ठभूमि संगीत: गुरु साहिब की हज़ूरी के वीडियो में बॉलीवुड गाने या रीमिक्स का उपयोग करना आध्यात्मिकता के सार को कम करता है।
• अनुपयुक्त बोल: बॉलीवुड गीतों के बोल अक्सर रोमांटिक या भौतिकवादी होते हैं, जो गुरबानी के संदेश के विपरीत हैं।

पवित्रता बनाए रखने के लिए वैकल्पिक उपाय

1. गुरबानी कीर्तन: वीडियो में पृष्ठभूमि के लिए शबद कीर्तन, राग आधारित रचनाओं, या गुरबानी पाठ का उपयोग करें।
2. वाद्य यंत्र आधारित गुरबानी: हारमोनियम, सितार, या तबले जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों का उपयोग करें, जो एक शांत और सम्मानजनक माहौल प्रदान करते हैं।
3. प्राकृतिक ध्वनियाँ: बहते पानी, पक्षियों की आवाज़, या अन्य प्राकृतिक तत्वों की मद्धम ध्वनियाँ दिव्यता को बढ़ा सकती हैं।

विचार करने के लिए संदेश

गुरु साहिब की हज़ूरी का सच्चा उद्देश्य गुरबानी में डूबना है, न कि सांसारिक प्रभावों से उसे कमजोर करना। आइए, हम श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की गरिमा को बनाए रखने के लिए यह सुनिश्चित करें कि हज़ूरी से संबंधित सभी सामग्री उच्चतम सम्मान और आध्यात्मिकता को दर्शाए।

धन्यवाद🙏🏻

16/11/2024

“Preserve the Sanctity of Guru Granth Sahib Ji’s Hazuri”

Guru Granth Sahib Ji is not just a scripture but the eternal Guru of the Sikh Panth, embodying the divine wisdom and teachings of our Gurus. Every action in Guru Sahib’s Hazuri reflects our reverence and devotion. Using Bollywood songs or any other form of worldly music in the sacred space of Guru Sahib is not appropriate and goes against the sanctity of Maryada.

Why This Practice is Disrespectful

1. Hazuri is a Sacred Environment: The presence of Guru Sahib is divine and commands utmost respect. Using Bollywood music, which often carries worldly themes, undermines the spiritual atmosphere.
2. Disconnect from Gurbani’s Essence: Gurbani conveys profound messages about connecting with Waheguru and rising above maya (worldly illusions). Using such music shifts focus away from this purpose.

Examples of Inappropriate Practices

• Background Music: Adding Bollywood songs or remixes in videos showing Guru Sahib’s Hazuri dilutes the spiritual essence.
• Incompatible Lyrics: Bollywood songs often carry romantic or materialistic lyrics, which are misaligned with the message of Gurbani.

Alternatives to Promote Maryada

1. Gurbani Kirtan: Use Shabad Kirtan, Raag-based compositions, or Gurbani recitations as the background for videos.
2. Instrumental Gurbani Music: Traditional instruments such as the harmonium, sitar, or tabla can provide a serene and respectful background.
3. Nature Sounds: Soft sounds of flowing water, birds, or other natural elements can enhance the divine ambiance.

Message to Reflect Upon

The true purpose of being in Guru Sahib’s Hazuri is to immerse in Gurbani, not to dilute its essence with worldly influences. Let us uphold the dignity of Guru Granth Sahib Ji by ensuring that all content related to Hazuri reflects the highest standards of respect and spirituality.

21/10/2024

’एक विचार’

सिख धर्म में करवाचौथ जैसे त्यौहार की कोई जगह नहीं है, क्योंकि सिख धर्म हमें सिखाता है कि जीवन, उम्र और भाग्य सिर्फ और सिर्फ वाहेगुरु के हाथों में है। सिख धर्म में हम किसी बाहरी रस्मों, व्रतों या रिवाजों पर विश्वास नहीं करते, बल्कि सच्ची श्रद्धा और वाहेगुरु की भक्ति पर ज़ोर देते हैं।

उदाहरणों के साथ समझने के लिए:

1. रस्मों और व्रतों पर विश्वास नहीं:
सिख धर्म का सबसे बड़ा सिद्धांत यह है कि किसी भी रस्म या व्रत से हमारी जिंदगी पर कोई असर नहीं पड़ता। मान लीजिए, एक महिला करवाचौथ का व्रत रखती है ताकि उसके पति की उम्र लंबी हो, लेकिन सिख धर्म हमें यह सिखाता है कि उम्र या जीवन सिर्फ वाहेगुरु की मर्जी से ही तय होता है, ना कि किसी व्रत से।
उदाहरण: जैसे आप बारिश को रोकने के लिए छाता पकड़ सकते हैं, लेकिन आप छाते से बारिश को नहीं रोक सकते, उसी तरह व्रत रखने से किसी की उम्र या तकदीर को नहीं बदला जा सकता।
2. बराबरी और सम्मान:
सिख धर्म में पुरुष और महिला को एक समान माना गया है। अगर एक महिला अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखे, तो इसका मतलब यह हुआ कि वो खुद से कमज़ोर समझी जा रही है और पति की भलाई का ज़िम्मा सिर्फ उसके ऊपर है। सिख धर्म हमें सिखाता है कि दोनों पति-पत्नी को मिलकर ज़िंदगी के फैसले करने चाहिए और गुरबाणी के अनुसार चलना चाहिए।
उदाहरण: जैसे एक गाड़ी के दो पहिये होते हैं, दोनों के बिना गाड़ी नहीं चल सकती। इसी तरह, पति और पत्नी को बराबर की जिम्मेदारी निभानी चाहिए, ना कि एक-दूसरे के लिए व्रत रखना।
3. सच्चा भरोसा सिर्फ गुरु पर:
सिख धर्म में हमें सिखाया गया है कि हर मुश्किल या ख़ुशी में, हमें सिर्फ गुरु ग्रंथ साहिब और वाहेगुरु पर भरोसा रखना चाहिए। किसी विशेष रस्म से हमारे जीवन में कोई बदलाव नहीं होता। सच्ची भक्ति और सच्चे दिल से नाम जपने से ही मन को शांति मिलती है।
उदाहरण: जैसे एक बीज को पानी और धूप चाहिए उगने के लिए, वैसे ही हमारी आत्मा को वाहेगुरु का नाम चाहिए आगे बढ़ने के लिए, ना कि बाहरी रस्में या व्रत।

सिख धर्म का संदेश:
सिख धर्म का मुख्य संदेश यह है कि हर परिस्थिति में सिर्फ वाहेगुरु पर भरोसा करना चाहिए, और बाहरी रस्मों से दूर रहना चाहिए। हमें वाहेगुरु के नाम का सुमिरन, सेवा और आपसी प्यार पर ज़ोर देना चाहिए, क्योंकि यही असली धर्म है।

🙏भूल चूक मुआफ़
सुरजीत सिंघ

02/10/2024
05/09/2024

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