22/10/2025
हमें मालूम है यह बहुत कठिन काम है, लेकिन कठिन है इसलिए हमें करना है कोई दूसरा नहीं करेगा इसलिए हम कर रहे हैं। किसी की हिम्मत नहीं पड़ रही है इसलिए हम हिम्मत उठा रहे हैं । हमें कोई एमएलए एमपी बनने की इच्छा नहीं है।
हमको इस समाज ने अपना नाम दिया पहचान है उसको भी वापस सम्मान देना ये ही तो मानवता है हम समाज के सम्मान वजूद के लिए लड़ रहे हैं। जिसमें आप सबका साथ चाहिए।