01/06/2026
🌷🤝🪴‘नई सोच, नई दिशा’ संवाद कार्यक्रम में सामाजिक जागृति का संकल्प, रावलामंडी इकाई की नई कार्यकारिणी का गठन
-📚📚शिक्षा, एकता और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को गांव-गांव पहुंचाने पर जोर, युवाओं से समाजहित में सेवा का आह्वान
✍✍✍रावलामंडी.राजस्थान बावरी समाज विकास संस्था की ओर से रविवार को रावलामंडी स्थित बावरी समाज धर्मशाला में “नई सोच, नई दिशा” समाज जागृति संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के जिलाध्यक्ष आनंद कुमार चौहान ने की। इस अवसर पर प्रदेश प्रतिनिधि सभा एवं चुनाव कार्यक्रम प्रभारी जोतराम चौहान, सरपंच प्रतिनिधि मेघराज बावरी तथा सोहनलाल राठौड़ की मौजूदगी में चुनाव प्रक्रिया संपन्न करवाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक, युवा एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।संस्था पदाधिकारियों ने बताया कि “नई सोच, नई दिशा” समाज जागृति संवाद कार्यक्रम की अगली कड़ी 14 जून 2026 को श्रीविजयनगर में आयोजित की जाएगी।
🤝मनीराम बावरी तहसील अध्यक्ष चुने गए
कार्यक्रम के दौरान समाज के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से तहसील स्तरीय नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें मनीराम बावरी को तहसील अध्यक्ष, जोगेंद्र सिंह को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कुलदीप सिंह को उपाध्यक्ष, राजाराम को सचिव, साहबराम को उप सचिव, राजकुमार को कोषाध्यक्ष, भीमसैन एवं विनोद कुमार को संगठन मंत्री तथा मोहन रोजड़ी को मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया। इसके अलावा जिला प्रतिनिधि सभा के लिए बलविंद्र सिंह, जयपाल एडवोकेट, सोहनलाल राठौड़, रिछपाल बावरी एवं जीत सिंह सोलंकी का चयन किया गया। वहीं प्रदेश प्रतिनिधि सभा में मेघराज बावरी, हंसराज पंवार, कमल कुमार, राकेश बावरी तथा बलवंत सिंह सोलंकी को प्रतिनिधि चुना गया।
📚📚बावरी समाज धर्मशाला के विकास पर हुआ मंथन
संवाद कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि एवं प्रदेश प्रतिनिधि रामदेवी बावरी, प्रदेश उपाध्यक्ष रामलीलाल चौहान, जिला उपाध्यक्ष भैराराम चौहान तथा घड़साना तहसील अध्यक्ष सतपाल बावरी सहित अन्य वक्ताओं ने समाज में शिक्षा के प्रसार, संगठन की मजबूती, सामाजिक एकता और जागरूकता को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को गांव-गांव और ढाणी-ढाणी तक पहुंचाना समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए।
वक्ताओं ने रावलामंडी स्थित बावरी समाज धर्मशाला के विकास, सुविधाओं के विस्तार तथा समाजहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मंथन और चिंतन किया। साथ ही युवाओं से नि:स्वार्थ सेवा भाव के साथ समाज के उत्थान के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, संगठन और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से ही समाज को नई दिशा और नई पहचान मिल सकती है। समाज की एकता और जागरूकता ही उसके सर्वांगीण विकास का आधार है।