Kshatriya Youth

Kshatriya Youth Khattiya Youth / Kshatriya Youth
Raising Awareness of Our Rights & Interests Empowering Youth | Preserving Heritage !

क्या कोई बता सकता है जिस प्रदेश में लगभग 55 प्रतिशत क्षत्रिय समाज की जनसंख्या रहती हो उसमें कांग्रेस के द्वारा कितने क्ष...
10/08/2026

क्या कोई बता सकता है जिस प्रदेश में लगभग 55 प्रतिशत क्षत्रिय समाज की जनसंख्या रहती हो उसमें कांग्रेस के द्वारा कितने क्षत्रिय समाज के लोगों को अपनी प्रदेश कार्यकारणी में जगह दी है ?

आपने डांगावास में जाटों के आतंक के बारे में सूना ही होगा - आज से 11 साल पूर्व 40 जाटों ने मिलकर   5  मेघवाल और 1  मूल ओब...
10/08/2026

आपने डांगावास में जाटों के आतंक के बारे में सूना ही होगा - आज से 11 साल पूर्व 40 जाटों ने मिलकर 5 मेघवाल और 1 मूल ओबीसी (गोसाईं) समाज की ह्त्या कर दी थी। पिछल हफ्ते SCST कोर्ट के जज आशीष बिजारणिया (जाट) ने अपने ४० सजातियों को बरी कर दिया।

ऐसी ही एक दलित-उत्पीड़न की रूपरेखा राजस्थान के भीलवाड़ा में भी रची जा रही है। महाराणा प्रताप के पोते महाराणा करणसिंह द्वितीय ने आज से 400 साल पूर्व एक बलाई समाज (SC ) के परिवार को मंदिर का पुजारी ऑथोराइज़ किया और मंदिर की ज़मीं आवंटित की। किन्तु 2023 से आरएसएस से जुड़ा एक जाट दबंग - सम्पत चौधरी इस परिवार के पीछे पड़ गया है मंदिर और उसकी ज़मीन हड़पने के लिए। इसी मुद्दे पर मैंने यह आर्टिकल पढ़ा तो सोचा यहां साझा करें।।

The Balai family is not demanding admission into someone else's temple. It claims with historical authority that its ancestors established, maintained and served as hereditary priests of the shrine for centuries, and that these rights are now being challenged by people associated with the RSS.

क्षत्रिय यूथ टीम ने विगत दिवस बौद्ध धर्म के अनुयायी क्षत्रिय सम्राट अशोक मौर्य के प्रसिद्ध मध्यप्रदेश में स्थित बौद्ध स्...
10/08/2026

क्षत्रिय यूथ टीम ने विगत दिवस बौद्ध धर्म के अनुयायी क्षत्रिय सम्राट अशोक मौर्य के प्रसिद्ध मध्यप्रदेश में स्थित बौद्ध स्थल रुपनाथ का दौरा किया।

सम्राट अशोक के रुपनाथ शिलालेख का विवरण – वी.ए. स्मिथ द्वारा लिखित 'अशोक के शिलालेख' में प्रकाशित – देवताओं के प्रिय ने कहा: ढाई वर्ष से कुछ अधिक समय से मैं बुद्ध का गृहस्थ अनुयायी हूँ। परन्तु पहले एक वर्ष तक मैंने धर्म के कार्य में सक्रिय रूप से परिश्रम नहीं किया। परन्तु एक वर्ष से कुछ अधिक समय से मैं संघ से पूरी श्रद्धापूर्वक जुड़ा हुआ हूँ और सक्रिय रूप से धर्म के कार्य में लगा हुआ हूँ। जो देवता युगों-युगों से जंबूद्वीप में रहने वाले लोगों से अविभाजित थे, वे अब मेरे द्वारा उनसे विलीन हो गए हैं। यह वास्तव में धर्म के कार्य में मेरे परिश्रम का फल है। और यह फल केवल मेरे जैसे उच्च पदस्थ लोगों को ही प्राप्त नहीं होता; बल्कि एक साधारण मनुष्य भी धर्म के कार्य में तत्परता से लगे रहने पर स्वर्ग की प्राप्ति कर सकता है। अब, यह घोषणा निम्नलिखित उद्देश्य से जारी की गई है, कि गरीब और अमीर दोनों ही प्रयास करें, यहाँ तक कि मेरे राज्य की सीमाओं से बाहर रहने वाले लोग भी इसे समझें, और जनता का प्रयास दीर्घकालिक हो। मैं इस कार्य को लगभग डेढ़ गुना आगे बढ़ाऊँगा। और अब, मेरे अधिकारियों, जहाँ भी अवसर मिले, इस बात को पत्थर पर खुदवा लें। और, मेरे राज्य में जहाँ भी पत्थर के स्तंभ हैं, उन पर भी इसे खुदवा लें। और, इस घोषणा के निहितार्थ को ध्यान में रखते हुए, आप अपने अधीन जिले के सभी क्षेत्रों का भ्रमण करें। यह घोषणा मेरे द्वारा तब जारी की गई है जब मैं तीर्थयात्रा पर हूँ और राजधानी से दूर 256 रातें बिता चुका हूँ।

Neet पेपर लीक से करीब 40 वर्ष पूर्व से ही बड़े बड़े शैक्षणिक घोटाले चल रहे हैं।
08/08/2026

Neet पेपर लीक से करीब 40 वर्ष पूर्व से ही बड़े बड़े शैक्षणिक घोटाले चल रहे हैं।

एक कम था जो ....अब एक दूसरा करणी सेना का संचालक मूर्ख दिल्ली में UGC के विरोध के लिए जाने की तैयारी कर रहा है। करणी सेना...
07/08/2026

एक कम था जो ....

अब एक दूसरा करणी सेना का संचालक मूर्ख दिल्ली में UGC के विरोध के लिए जाने की तैयारी कर रहा है। करणी सेना के वर्जन नेटफ्लिक्स के सीजन से भी अधिक हैं...। और ये जो मूर्ख आज भी एक नहीं हैं, समाज को सामाजिक और वैचारिक रूप से एक कैसे बनाएंगे ?
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एट्रोसिटी एक्ट अनुसूचित जाति-जनजाति को संविधानिक संरक्षण प्रदान करती है । एट्रोसिटी एक्ट के दायरे में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सभी जातियां, सामान्य वर्ग की सभी जातियां व ईडब्ल्यूएस श्रेणी के सभी जाति समाज आते हैं ।

सीधे-सरल शब्दों में कहें तो एससी-एसटी वर्ग के संरक्षण के लिए बने इस कानून के दायरे में हर कोई जाति-समाज आता है ।

लेकिन, विरोध की चुल्ल 2018 में केवल करणी सेना के इन कुतरू नेताओं को ही उठी । ये करणी सेनाएं एक क्षत्रिय "राठौड़" वर्ण की आराध्य देवी के नाम पर स्थापित है और इन संगठनों का दावा है कि ये क्षत्रिय समुदाय का प्रतिनिधित्व करते है ।

अब राजपूतो द्वारा इनसे पूछा जाना चाहिए कि यदि तुम्हारी ये सेनाएं राजपूत समाज का प्रतिनिधित्व करती हैं तो तुम किस हैसियत से सभी ओबीसी व सामान्य जातियों के हितों के ठेकेदार बन रहे थे !

राजकीय आंकड़ो के अनुसार एट्रोसिटी एक्ट के तहत पुलिस केस मुख्यतः ओबीसी वर्ग की जातियों के खिलाफ दर्ज होते हैं । भारी आबादी होने के बाद भी राजपूतो के खिलाफ दर्ज मामले 2-3 प्रतिशत से भी कम होते हैं ।

जब एट्रोसिटी एक्ट सभी गेर दलित-आदिवासी जातियों पर लागू है तो तुम लोग सौहार्द पूर्वक सदियों से मिल जुल कर रह रहे समाजों में आपसी कटुता पैदा करके हासिल क्या करना चाहते थे !

इस पूरे मामले में इन कुतरू सेनापतियों का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द को तूली लगा केवल हीरो बनना ओर देश में अपनी निजी पहचान कायम करना था ।

जब बांग्लादेश में आंतरिक राजनीतिक क्लेश हुआ, कट्टरपंथीयों द्वारा बांग्लादेशी हिंदुओ पर अत्या,चार के वीडियोज वायरल हुए तो इन कुतरू सेनापतियों ने थूक बिलोते हुए एलान कर डाला कि हम हज़ारों करणी सैनिकों को मुस्लि.मो से लड़.ने वेस्ट बेंगोल भेजेंगे !

क्यों भाई ! तुम्हारी कुपोषित खोपड़ियों को इतना भी ज्ञात नहीं है क्या की राजतन्त्र की वर्ण व्यवस्था कभी की ध्वस्त हो चुकी है और नागरिकों की रक्षा स्टेट की जिम्मेदारी होती है !

अब, सरकार द्वारा प्रस्तावित UGC एक्ट भी सामान्य वर्ग की सभी जातियों पर लागू होता है । यद्द्पि अब इस एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा दिया है और केन्द्र सरकार भी सामान्य वर्ग की प्रतिकिया देख इसे अघोषित तौर पर रदद् कर ही चुकी है !

लेकिन, लंबे अंतराल से बेरोजगार बैठे इन कुतरूओ को बैठे ठाले अब ये UGC का मुद्दा मिल गया है और ये समूचे सामान्य वर्ग के बेवजह ठेकेदार बन एक बार फिर हीरो बनने का प्रयास कर रहे हैं !

सामान्य जातियों से आने वाले आर्थिक पिछड़ा वर्ग (EWS) के प्रतियोगी केंद्र सरकार से इस कोटे के सरलीकरण की मांग कर रहे हैं ! EWS वर्ग पंचायती राज चुनाव में आरक्षण लागू करने की डिमांड लंबे अंतराल से कर रहा है । लेकिन ये ढपोल शंख उस आवश्यक मुद्दे पर कभी नहीं बोलते !

इन्हें तो डस्टबिन में फेंके जा चुके UGC एक्ट पर पाजामा फाड़ फाड़ नारेबाजी करने में दिलचस्पी है ! ये अलग बात है कि इन कुतरूओं ने ना कभी उस एक्ट को पढा ही है और ना इन्हें UGC की फुल फॉर्म ही पता है ! इन लोगों ने आज तक कोई यूनिवर्सिटी कैंपस देखा तक नहीं होगा ! इन्हें तो बस फिजूल में बवाल काट मिडिया की सुर्खियों में आना है !

ओर इनसे भी बड़े दोषी वो भद्र लोग हैं जो इन भस्मासुरों द्वारा भाईचारे को आ.ग लगाने की बार-बार हरकतें देखने के बाद भी चुप हैं !

07/08/2026

जो लोग उमाशंकर सिंह जी के अपार संकट की घड़ी में लॉकर, अकाउंट देखकर इनकम (कमाई) देखना चाहते थे, उन्हें बलिया के लाखों लोगों की आँखों के आँसू, दिल के भाव गिन लेने चाहिए। शायद असली कमाई यही थी, जो लॉकर में खोजी जाती रही। किन्तु यह कमाई तो लोगों के दिलों से ज़ब्त नहीं की जा सकती।

पूर्वांचल की स्तुत्य जनता ने दलीय /जातीय सीमाएं लांघ कर, राजनैतिक भेदभाव से ऊपर उठकर, भीगते हुए, सिर झुकाकर, नम आँखों से , लगभग 100 किलोमीटर (पूर्वांचल expressway से मां गंगा के पावन तट तक) सड़क के किनारे किनारे खड़े होकर ,विनम्रता से वह सब सच सच कह दिया, किन्तु सुनने वाला ही नहीं रहा।

अलविदा उमाशंकर जी।
थैंक्यू बलिया 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

07/08/2026

Kshatriya Parishad pays heartfelt tribute to Shri Umashankar Singh Sengar (2 January 1971 – 5 August 2026), three-time MLA from Rasra, Ballia.

A people’s politician who stood for dignity, restraint, and public service. A symbol of Rajput–Dalit unity and rural empowerment.

His life will continue to inspire generations.

ॐ शांति 🙏

07/08/2026

भारतीय जनता में अपने उचित प्रतिनिधि को चुनने की समझ नहीं है, वरना उमाशंकर सिंह जैसे व्यक्ति केवल विधायक नहीं रहते। विनम्र श्रद्धांजलि 🇮🇳

उमाशंकर सिंह जी को अंतिम विदाई देकर श्रद्धांजलि अर्पित करतीं बहन मायावती
06/08/2026

उमाशंकर सिंह जी को अंतिम विदाई देकर श्रद्धांजलि अर्पित करतीं बहन मायावती

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