03/05/2026
बरगी,जबलपुर क्रूज़ ट्रेजेडी और वृंदावन नाव दुर्घटना में बस एक अंतर है कि वृंदावन में डूबी नाव प्राइवेट व्यक्ति की थी....बरगी बांध दुर्घटना में डूबी नाव सरकारी अधिग्रहण में थी.... नाव में सिर्फ 19 लोगों के लिए स्थान था,29 लोगों को टिकट issue की गईं थीं... जांच के दौरान एंट्री गेट पर लगे CC कैमरे में नाव पर 43 लोग पाए गए गए हैं...
इस पूरे कांड की सबसे खतरनाक बात यह है कि बरगी ,जबलपुर में इस क्रूज़ सर्विस पर 2023 से सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी थी....
इसमें कोई शक नहीं कि जिन 14 लोगों को क्रूज़ में बगैर टिकट चढ़ाया गया .... वह लोग कौन थे, कुछ न कुछ धन तो इन 14 लोगों से लिया गया होगा,उत्तरदायी व्यक्ति को अरेस्ट करके अभी तक पूछताछ का कोई निष्कर्ष क्यों नहीं निकाला गया ?
मौसम बेहद खराब था,अंधड़ चल रहा था, जल में लहरे उत्प्लावित थीं... किसी न किसी ने क्रूज़ को इतने खतरनाक माहौल में क्रूज़ को जल में वेंचर की इजाज़त अवश्य दी होगी ,यही वीडियो में देखिये , किसी ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी है,एक वीडियो में क्रूज़ में पानी भर चुकने के बाद पर्यटकों में लाइफबोट बांटी जा रही है ! तीन दर्जन पर्यटकों में आठ दस लाइफ जैकेट्स से क्या होना था, लाइफ जैकेट पहने यात्री भी मारे गए हैं...यही नहीं क्रूज़ में तेज हवाओं के बीच अधिकांश पर्यटक एक तरफ खड़े दिखाई दे रहे हैं,कोई क्रूज़ कोऑर्डिनेटर दिख नहीं रहा है....
जो दो मंजिला क्रूज़ डूबा है, वह इतना छोटा है कि वह क्रूज़ कहलाने योग्य ही नहीं है,इतनी छोटी नौका को दो मंजिला बनाकर उस पर 43 लोगों को सवार करा देना.... यह मौत का व्यापार था ! यह प्रशासनिक अपराध था, मगर न वृंदावन में किसी को सज़ा मिली न यहां मिलेगी....
हिन्दूजन मनोरंजन की चाह में सदियों से प्राण गवाते आ रहे हैं...केदारनाथ में भी प्रतिदिन 50000 लोग पहुंच रहे हैं,प्रकृति को चैलेंज मत करिये... अभी तो पूरा टूरिस्ट सीज़न पड़ा है... ऐसी खबरें न मिलें,ईश्वर से प्रार्थना है !!