20/09/2026
चांडिल माथा एलीफैंट कॉरिडोर, तिरला पहाड़ और रामनगर के पास गजराज की मौजूदगी
बीते रात चांडिल माथा एलीफैंट कॉरिडोर के तिरला पहाड़ से सटे रामनगर गाँव के पास हाथियों की आवाजाही देखी गई है।
हमारा मकसद हाथियों के पास जाकर उन्हें परेशान करना या रील/वीडियो बनाना बिल्कुल नहीं है। उद्देश्य केवल यह समझना और जानकारी साझा करना है कि कॉरिडोर क्षेत्र में हाथी रात के समय किन सुरक्षित स्थानों, जंगलों या पानी के स्रोतों के पास रुकते हैं।
दिन के समय हाथी धूप और शोर से बचने के लिए तिरला पहाड़ के घने जंगली हिस्सों में विश्राम करते हैं।
रात की आवाजाही के बाद पानी की तलाश में हाथी पास के नदी-नालों, पोखरों या डैम के कैचमेंट एरिया का रुख करते हैं।
चांडिल और दलमा का यह क्षेत्र हाथियों का Corridor है, जहाँ वे मौसम और भोजन के हिसाब से एक जंगल से दूसरे जंगल जाते हैं।
अपील:
हाथियों के करीब जाने का प्रयास न करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
रात के समय इस कॉरिडोर रूट पर यात्रा करते वक्त सतर्क रहें।
जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा में स्थानीय प्रशासन और वन विभाग का सहयोग करें।