30/04/2026
क्या डुमरी विधायक जयराम महतो की पार्टी वसूली भाई बन गया है... क्या है आखिर मामला 1लाख का... JLKM के जिला अध्यक्ष दीपक महतो पर वसूली का #आरोप या पार्टी से हो रहे हैं निष्काशित... कौन है जो पार्टी को बदनाम करने में लगे हैं?
*सर्पदंश #पीड़ित #परिवार से मुआवजा राशि में कथित #अवैध वसूली, धमकी, निष्कासन #विवाद एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस से उठे गंभीर सवाल*
सरायकेला-खरसावां #जिला अंतर्गत गम्हरिया प्रखंड के कांड्रा निवासी संगीता दास द्वारा एक अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने #सामाजिक एवं #राजनीतिक दोनों स्तरों पर चिंता बढ़ा दी है।
ज्ञात हो कि संगीता दास के पुत्र अंश दास की पिछले वर्ष सर्पदंश के कारण दुखद मृत्यु हो गई थी। इस #घटना के बाद उन्हें सरकार द्वारा ₹4 लाख की सहायता राशि प्राप्त हुई। पीड़िता के अनुसार, सहायता प्राप्त करने में सहयोग मिला, लेकिन मुआवजा मिलने के बाद #झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के जिला अध्यक्ष दीपक महतो पर ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की कथित अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाया गया है।
पीड़िता का आरोप है कि उनसे जबरन एसबीआई #बैंक का चेक (संख्या: 807751) भी ले लिया गया, ताकि राशि की निकासी की जा सके। इसके साथ ही उन्हें लगातार डराया-धमकाया गया—यहां तक कि रात लगभग 9 बजे उनके घर जाकर दबाव बनाया गया और यह कहा गया कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो मुआवजा राशि वापस करवा दी जाएगी।
संगीता दास ने स्पष्ट किया है कि वह सहयोग के लिए आभारी हैं, लेकिन यह राशि उनके बच्चों के भविष्य के लिए है। उनका एक छोटा बेटा है, और वह चाहती हैं कि इस राशि को उसके नाम पर सुरक्षित (फिक्स डिपॉजिट) किया जाए, ताकि उसकी पढ़ाई-लिखाई सुनिश्चित हो सके।
मामले को और गंभीर बनाते हुए, दिनांक *21 अप्रैल 2026* को संगीता दास ने सरायकेला विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी *प्रेम मार्डी* को लिखित आवेदन देकर कथित वसूली, दबाव एवं भयादोहन की शिकायत की तथा न्याय की मांग की।
*निष्कासन प्रकरण और संगठन के भीतर विवाद*
इसी घटनाक्रम के बीच पार्टी द्वारा गम्हरिया प्रखंड अध्यक्ष को सभी पदों से निष्कासित (पदमुक्त) कर दिया गया। निष्कासन पत्र में अनुशासनहीनता, गुटबाजी, संगठन विरोधी गतिविधियां, षड्यंत्रपूर्वक मामला दर्ज कराने, तथा संगठनात्मक निष्क्रियता जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
*प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रखंड अध्यक्ष का पक्ष*
इस पूरे मामले पर गम्हरिया प्रखंड के प्रखंड अध्यक्ष रहे *गोपाल चंद्र महतो* ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा:
*“एक पीड़ित महिला के साथ अवैध वसूली हो रही थी, जिसे रोकने का प्रयास मैंने किया। क्या गरीब और शोकग्रस्त परिवार को न्याय दिलाने की कोशिश करना गुनाह है?”*
उन्होंने आगे कहा:
*“मैंने पार्टी की छवि को बनाए रखने और गलत कार्यों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन मुझे ही साजिश के तहत बदनाम कर निष्कासित किया गया, ताकि सच्चाई सामने आने पर लोग उस पर भरोसा न करें।”*
उन्होंने स्पष्ट कहा:
*“यदि किसी पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के लिए मुझे पार्टी से निष्कासित होना पड़े, तो मैं इसके लिए तैयार हूं। गरीबों के हक की रक्षा करना यदि अपराध है, तो मैं यह ‘अपराध’ बार-बार करूंगा।”*
*अन्य नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया*
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए *प्रेम मार्डी* ने कहा:
*“इस तरह का षड्यंत्र और जिला अध्यक्ष की मनमानी नहीं चलेगी। यदि पार्टी सच्चाई और न्याय के साथ खड़ी नहीं होती है, तो आवश्यकता पड़ने पर सामूहिक इस्तीफा भी दिया जाएगा।”*
वहीं, केंद्रीय महासचिव *बिंदेश्वर महतो* ने कहा:
*“ऐसे जिला अध्यक्ष की पार्टी को आवश्यकता नहीं है, जो संगठन को जोड़ने के बजाय तोड़ने का काम करे। अवैध वसूली जैसे मामलों में अपना नाम छुपाने के लिए किसी और की छवि खराब करना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”*
*गंभीर सवाल और मांग*
यह पूरा घटनाक्रम एक शोकग्रस्त एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के साथ संभावित शोषण को उजागर करता है, वहीं संगठन के भीतर पारदर्शिता और नेतृत्व पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के अवसर पर पार्टी के सैकड़ो महिला एवं पुरुष कार्यकर्ता उपस्थित थे
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