27/03/2026
आज, हमारे लिए एक भावुक और प्रेरणादायक दिन है।
आज से पाँच साल पहले, हमने अपने जीवन के सबसे अहम प्रेरणास्रोत, श्री रामाकांत मिश्रा जी को खो दिया था, लेकिन उनकी विरासत ने हमें जीने का एक नया उद्देश्य दिया है।
इन पाँच सालों में, उनकी सोच, उनके आदर्श और उनकी प्रेरणा ही हमारे मार्गदर्शक बने रहे। उन्हीं की स्मृति और उनके नाम पर स्थापित आर.के. मिश्रा फ़ाउंडेशन फ़ॉर एजुकेशनल एम्पावरमेंट के ज़रिये हमने समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने, जागरूकता फ़ैलाने और अपने स्तर पर छोटे-छोटे सकारात्मक प्रयास करने की निरंतर कोशिश की है। हमें संतोष है कि इन कोशिशों से हम कुछ हद तक बदलाव लाने में सफल भी हुए हैं।
रमाकांत जी सिर्फ़ एक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि एक ऐसी प्रेरणा थे, जो हर निराश मन में भी आशा की नई किरण जगा देते थे। वे जीवन को पूरी खुशी के साथ जीने की कला जानते थे, और उनके संपर्क में आने वाला हर व्यक्ति उनसे यही सीख लेकर जाता था कि जीवन के हर पल को सकारात्मकता और प्रसन्नता के साथ कैसे जिया जाए। इन्होंने अपने दरवाज़े पर आए किसी भी व्यक्ति को कभी ख़ाली हाथ वापस नहीं जाने दिया। यथासंभव जब जितना बन पड़ा बेहिचक मदद की।
भले ही आज उन्हें हमारे बीच से गए पाँच साल हो चुके हैं, लेकिन उन्हें जानने वाले और उनसे जुड़े हर व्यक्ति के दिल में उनकी यादें आज भी उतनी ही जीवंत हैं।
आज हम संकल्प लेते हैं कि उनकी दी हुई सीख और मूल्यों को आगे बढ़ाते रहेंगे। हम यह भी आग्रह करते हैं कि आप सभी, चाहे आपने उन्हें जाना हो या नहीं उनसे यह छोटी सी प्रेरणा लेकर, एक-दूसरे की मदद करते रहें।
क्योंकि छोटे-छोटे सकारात्मक कदम ही मिलकर बड़े बदलाव की नींव रखते हैं।
🙏 उनकी स्मृतियों को विनम्र श्रद्धांजलि🙏
#शिक्षाज़रूरीहै