28/04/2026
सांसद रवि किशन द्वारा पश्चिम बंगाल के चुनावी मंच से यह कहना कि “बिहार के हर घर में गुंडे और माफिया रहते हैं” न सिर्फ तथ्यहीन है, बल्कि पूरे बिहार और उसके करोड़ों लोगों के आत्मसम्मान पर सीधा प्रहार है।
बिहार कोई साधारण राज्य नहीं, बल्कि मेहनत, संघर्ष और प्रतिभा की मिसाल है। यहां के छात्र देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में सफलता हासिल करते हैं, यहां के युवा अपने दम पर देश-विदेश में पहचान बनाते हैं, और यहां के मजदूर अपने पसीने से भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हैं। इस मिट्टी ने हर क्षेत्र—शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान और सेवा—में देश को अनगिनत प्रतिभाएं दी हैं। ऐसे राज्य को एक स्टीरियोटाइप में बांध देना न सिर्फ गलत है, बल्कि दुर्भावनापूर्ण भी है।
चुनाव आते ही कुछ नेता असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के बयान देने लगते हैं। अगर सच में जनता की चिंता होती, तो बात रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों की आय और युवाओं के भविष्य की होती। लेकिन जब ठोस काम और ठोस जवाब नहीं होते, तब पूरे समाज या राज्य को निशाना बनाना एक आसान हथकंडा बन जाता है।
सबसे अहम बात यह है कि किसी एक व्यक्ति या कुछ घटनाओं के आधार पर पूरे बिहार को बदनाम करना सरासर अन्याय है। बिहार के ज्यादातर लोग ईमानदारी से जीवन जीते हैं, मेहनत करते हैं और देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
इस तरह के बयान सिर्फ समाज में दूरी और विभाजन पैदा करते हैं, और राजनीति के स्तर को गिराते हैं। देश को ऐसी राजनीति की जरूरत है जो जोड़ने का काम करे, न कि तोड़ने का। सम्मान, संवेदनशीलता और वास्तविक मुद्दों पर आधारित संवाद ही लोकतंत्र को मजबूत बनाता है।
बिहार की पहचान उसकी मेहनत, उसकी संस्कृति और उसके लोगों के आत्मसम्मान से है—और कोई भी गैर-जिम्मेदार बयान इस पहचान को कम नहीं कर सकता।
Chandra Shekhar Aazad
Amar Jyoti
Aazad Samaj Party - Kanshi Ram