12/05/2024
From Yogendra Yadav:
https://twitter.com/_YogendraYadav/status/1789533382122287570?t=vpHz3VO5UKuXXVP3WAOinA&s=19
बिहार में भी उत्तर प्रदेश की तरह चुनावी भूचाल के संकेत हैं।प्रदेश की 7 सीटों में घूमने पर हमें एनडीए के 1/3 वोट खिसकते दिखे।लेकिन अगर उससे कहीं कम यानी एनडीए का 1/5 वोट टूटता है तो भी पासा पलट जाएगा और दोनों पक्ष बराबर होंगे: 22 एनडीए: 18 महागठबंधन
इस गणित को आप भी समझ लीजिए👇🏽
मैंने और मेरे सहयोगियों ने पश्चिम बिहार की सात सीटों (कराकाट, जहानाबाद, पाटलिपुत्र, नालंदा, हाजीपुर, वैशाली, आरा और बक्सर) का दौरा किया जहां अभी चुनाव होना बाक़ी है। हमने लगभग 300 साधारण वोटर से बात की (अधिकांश पुरुष थे, महिलाएँ जिनकी एनडीए के साथ टिके रहने की संभावना ज़्यादा है उनसे हम बहुत कम बात कर पाये)।पिछले लोक सभा चुनाव में बीजेपी और सहयोगियों को जिन 188 लोगों ने वोट दिया था, उनमें से 63 (यानी 33%) ने कहा कि वो इस बार वोट बदलेंगे। उधर महागठबंधन के वोटरों में सिर्फ़ 3% अपना वोट बदलेंगे। मतलब 2019 में एनडीए को जो 53% वोट मिले थे, उसमें 16% की गिरावट हो सकती है। अगर वो सब वोट पलट कर महागठबंधन में गये तो एनडीए 37% और महागठबंदन 46% वोट पर पहुँच जाएगा। ऐसे में एनडीए 5 सीट पर सिमट जाएगा।
लेकिन हमने सावधानी से काम लेते हुए कम से कम का हिसाब किया, इसलिए भी कि महिलाओं में एनडीए का वोट ज़्यादा हो सकता है। मान लीजिए एनडीए का हर तीसरा नहीं, हर पाँचवा वोट खिसक रहा है, यानी उसे 11% का नुक़सान है और उसमें से 10% महागठबंधन के पास जाता है। ऐसे में एनडीए 42% और महागठबंधन 40% वोट पर रहेगा और एनडीए को 22 सीट आयेंगी तथा महागठबंधन को 18 सीट।
निष्कर्ष: बिहार में बीजेपी और सहयोगियों को कम से कम 17 सीट का नुक़सान है, अगर महागठबंधन की हवा तेज हो गई तो यह 25 का नुक़सान भी हो सकता है। यानी कम से कम महागठबंधन को 18 और एनडीए को 22 और ज़्यादा हुआ तो महागठबंधन को 25 और एनडीए को 15 सीट आने का अनुमान है।
वैधानिक चेतावनी: यह ज़मीनी मूल्यांकन है, कोई एग्जिट पोल नहीं है। शर्त या सट्टा ना लगायें! मेरी बात पर विश्वास ना हो तो ख़ुद घूमकर 50 साधारण वोटर से बात करें और अपने निष्कर्ष यहाँ पोस्ट करें।बिहार