16/09/2023
धर्म, जाति, पंथ, क्षेत्र से संबंधित सभी विवाद राष्ट्र विकास में रुकावट का वो चट्टान है जिसे तोड़कर या छोड़कर हमें आगे बढ़ने का प्रयत्न करना होगा।
धर्म, जाति, पंथ, क्षेत्र आपकी व्यक्तिगत विकास में सहयोगी हो सकते है, पर यदि इसे सामाजिक विकास में लाने का प्रयत्न किया जाए तो यह कैंसर जैसे भयावह बीमारी की तरह समाज के विकास को अवरोध कर समाज को खत्म करने का कार्य करेगी।
अतः धर्म, जाति, पंथ, क्षेत्र के विचारधारा को समाज से दूर रखकर सामाजिक विकास और सामाजिकता की बात करे।
क्यों की धर्म, जाति, पंथ, क्षेत्र की बात करने वाला व्यक्ति सदैव अपने व्यक्तिगत विकास की बात करता है।
और सामाजिक विकास व व्यक्तिगत विकास दोनों भिन्न है ।
अतः राष्ट्र का विकास सामाजिक विकास से होगा। व्यक्तिगत विकास से नही। और सामाजिक विकास (राष्ट्र विकास) के लिए इस बाधित चट्टान को दूर करना होगा।
रोशन झा
समाजसेवी व समाज सुधारक
केंद्रीय निर्देशक व नियोजक