GYAN GIRI JAN SEWAK TRUST , SHRI SHIV RUDRA JAN KALYAN SANSTHA (Founded by) Swami 1008 Guru Gyan Giri Ji Maharaj Ji & Swami Mulkhraj Ji Maharaj Ji At Nangal dam Punjab Criater Fist Amarnath Free Sewa Lager Sine 1955 श्री श्री 1008 स्वामी ज्ञान गिरी जी महाराज जी जीवनी जीवन कथा-
शिव आश्रम मौजवाल हिस्ट्री -
शिव आश्रम, मोजोवाल: एक आध्यात्मिक और सेवा केंद्र
सत्तर के दशक की शुरुआत में, स
्वामी जी ने स्वामी देव दत्त गिरि की समाधि के पास निवास करना शुरू किया। उनकी तपस्या और समर्पण से यह स्थान "शिव आश्रम" के रूप में विकसित हुआ, जो आज आध्यात्मिक उन्नति और निःस्वार्थ सेवा का एक जीवंत केंद्र है।
आश्रम की प्रमुख विशेषताएँ:
* गौशाला: गौमाता की सेवा और संरक्षण।
* अंग्रेजी माध्यम मॉडल स्कूल: प्रतिभाशाली गरीब छात्रों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करना, जिससे उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए तैयार किया जा सके।
* अत्याधुनिक सुविधाएँ: ओवरहेड पानी की टंकी, मंदिर और यज्ञशाला, जो आध्यात्मिक और सामुदायिक आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।
आश्रम में आयोजित महत्वपूर्ण कार्यक्रम:
* महा रुद्र यज्ञ: दिव्य ऊर्जा और शांति का आह्वान।
* सर्व धर्म सम्मेलन (1975): विभिन्न धर्मों के बीच सद्भाव और एकता को बढ़ावा देना।
* विष्णु शांति यज्ञ (1983): विश्व शांति और कल्याण की कामना।
माननीय संतों और गणमान्य व्यक्तियों का आगमन:
आश्रम ने जगद्गुरु शंकराचार्य, स्वामी युगेश्वरानंद जी और विभिन्न धर्मों के कई प्रतिष्ठित संतों की मेजबानी की है। भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति श्री बी. डी. जत्ती, भारत के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय ज्ञानी जैल सिंह, लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री बलराम जाखड़ और पंजाब के मुख्यमंत्री श्री प्रकाश सिंह बादल जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने भी आश्रम का दौरा किया और स्वामी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
शिव आश्रम, मोजोवाल, आध्यात्मिक ज्ञान, निःस्वार्थ सेवा और सामाजिक उत्थान का एक प्रकाश स्तंभ है, जो सभी आगंतुकों को प्रेरणा और शांति प्रदान करता है।
( श्री बगलामुखी माता मंदिर नया नंगल मोजावल शिव आश्रम में स्वामी मुल्क राज जी द्वारा सन 2020 में ) -
माँ बगलामुखी 10 महाविद्या मैं 8 वी महाविद्या हैं माँ बगलामुखी को माँ पीतांबरा माँ वल्गा माँ बगला जैसे इत्यादि नामो से भी संबोधित किया जाता हैं
कुब्जिका उपनिषद के अनुसार, बगला नाम तीन अक्षरों से निर्मित है व, ग, ला; 'व' अक्षर वारुणी, 'ग' अक्षर सिद्धिदा तथा 'ला' अक्षर पृथ्वी को संबोधित करता है। अत: मां के अलौकिकता और स्तंभन शक्ति के कारण ही इन्हें यह नाम प्राप्त है।
माँ बगला की भक्ति उपासना व हवन गुरु निर्देशन मैं करने से माँ अपने भक्तों को अनेक फल प्रदान करती हैं
संत महात्माओं के निर्देशन मैं अगर कोई भक्त शिवालय मैं माता बगलामुखी का हवन करे तो उसको सभी तरह के कार्य शेत्रों मैं विजय मिलती है, सभी तंत्र नज़र दोष ओपरी बाधा खत्म होती है,ग्रह दोष समाप्त होता है,घर के झगड़े खत्म होते हैं, व्यवसाय वृद्धि होती है ,पितृ दोष निवारण होता है
माता अपने भक्त के शत्रुओं की शत्रुता का नाश करके अपने भक्तों की समाज मैं ख्याति बढ़ाती हैं ।
आंखों का फ्री आई हॉस्पिटल शिव आश्रम नया नंगल मोतीवाल पंजाब में -
50 बिस्तरों, महिला वार्ड, पुरुष वार्ड, ऑपरेशन थिएटर और मरीजों और उनके परिचारकों के लिए मुफ्त बोर्डिंग और लॉजिंग वाले माइक्रोस्कोपिक आई सेंटर का एक बड़ा परिसर अब खोला जा रहा है। यह नेत्र केंद्र नंगल में पंजीकृत एक ट्रस्ट द्वारा उनके संरक्षण में चलाया जाएगा।
प्लस टू तक का फ्री स्कूल
श्री नलहडेशवर महादेव शिव आश्रम न्यू गुड़गांव हरियाणा में नालेश्वर -
नलहडेशवर महादेव का इतिहास बहुत पुराना तथा रोचक है, आश्रम अरावली पर्वत कि तरहटी मेंअति रमणीक शांतमयवातावरण मेंबना हुआ है।इसकी छवि देखतेही बनती है, नलहडेशवर महादेव के दर्शनों हेतुदेश के कोने-कोनेसेभक्तजन आतेहैंतथा प्रतेक सोमवार को तो शिवभक्तों का तांता लगा रहता हैशिवप्रेमी अपनी मनोकामना पूर्णकरनेहेतुदूर दूर सेमहादेव कोमाथा टेकनेआतेहैं।अमावस्या कि रात को इस शांतमय वातावरण मैंश्री रामचरित मानस के मासिक अखंड पाठ कि गूँज अतिमनभावक तथा शांति प्रदाई होती है।नलहडेशवर महादेव की स्थापना महाभारत के प्राचीन काल मेपांडवों द्वारा उनके वनवास दोरान कि गई थी,इसके कई प्रमाण श्रीश्री 1008 स्वामी ज्ञान गिरी जी महाराज जी द्वारा मंदिर के निर्माण करतेसमय 1985 मेंमिलेहैं, 1985 के पूर्वशिवलिंग केस्वरूप महादेव यहाँ 10-10 मन के पत्थरों सेबनी दीवारों मेंविराजमान थेजो की 4-5 फु ट चौड़ी थी।जीर्णोद्धार के समय यहाँ4 फ़र्शीं कि सतय भी मिली, पहाड़ कि खुदाई के समय दोरान संतों महात्मायों की तपस्या स्थल भी मिली तथा कुटिया केअवशेष भी मिलेजो की 12x6 कि ईंटों सेबनेथेअत उस प्राचीन काल का कु याँयहाँअभी भी मौजूद है।पहाड़ की चोटी पर एक पवित्र जल कि कुं डली हैजो सदा जल सेबनी रहती है, कुं डली का जल कई असाध्य बीमारियों के लिएउपयोगी पाया गया है, कुं डली के साथ ही एक सुंदर क़दम का वर्क्षहैजो कि के वल उसी प्राकृतिक स्थान पर पाया जाता हैजहाँश्री कृष्ण नेअपनेपावन क़दम रखेंहों अर्थात भगवान श्री कृष्ण जी का इस स्थान पर पांडवों के पास वनवास के दौरान उन्हेंशांतबना देनेका संके त, इससेयह बात की पुष्टि को बल मिलता हैकि यह शिवलिंग महाभारत काल का हैऔर पांडवों द्वारास्थापित है।परम पूज्य श्री श्री 1008 स्वामी ज्ञान गिरी जी महाराज जी स्वयं एक अति संपन्न परिवार सेसंबंधित हैं, स्वामी जी नेसब कु छत्याग कर अपना जीवन दिन दुखियों कि सेवा मेंतथा प्राचीन मदिरों के जिनौद्धार करनेमेंलगा दिया है, सन् 1985 मेंजब श्रीश्री 1008 स्वामी ज्ञान गिरी जी महाराज जी नलहडेशवर महादेव शिवलिंग के दर्शार्थहेतुयहाँपधारेतो शिवलिंग के स्थान किखस्ता हालत देखकर मंदिर के निर्माण का बीड़ा उठा लिया और तब सेलेकर अब तक शिव शंकर भोलेभंडारी जी की आपारकृ पा सेएवंश्री श्री 1008 स्वामी ज्ञान गिरी जी के कठिन परिश्रम सेनलहडेशवर महादेव स्थल का कार्यजोरों शोरों सेचल रहाहै।स्वामी जी का मुख्य आश्रम नंगल डैम पंजाब मेंहैजो कि शिव आश्रम के नाम सेप्रसिद्ध है, इस आश्रम मेंस्वामी जी नेआँखोंका फ़्री हस्पताल भी चला रखा हैजिनमेंमरीजों का अति आधुनिक मशीनों सेमुफ्त मेंचैकअप एवं लेंस भी डालेजातेहैं, आश्रममैंग़रीब बच्चों के लिए 12वी कक्षा तक का स्कूल भी चलाया जा रहा है l गो वंश को बचानेव उनकी सेवा हेतुगोशाला भीचलाई जा रही है , तथा ग़रीब लड़कियों का विवाह भी किया जाता है।
स्वामी जी के कै लाशवास पश्चात्स्वामी जी के एन धर्मार्थशिव कार्यों का संचालन पूज्य श्री महाराज जी के मनोनीत एवंअधिकृ त उत्तराधिकारी श्री श्री 1008 स्वामी मुलखराज गिरी जी महाराज कर रहेंहैंपूज्य महाराज जी के वचनों अनुसार जो भक्त श्री अमरनाथ यात्रा नहीं कर पाता वो अगर नलहडेशवर महादेव माथा टेक लेतोउसेअमरनाथ यात्रा के जितना ही महाफल प्राप्त होता हैएवं नलहडेशवर महादेव स्थान एक परम सिद्ध स्थान हैऔर शायद ही और ऐसा शिव स्थल शिव भक्तों को देखनेके लिएमिलेगा।
हरी नगर प्रताप नगर दिल्ली आश्रम -
स्वामी जी की सेवा का विस्तार: दिल्ली और हरियाणा में नेत्र सेवा
स्वामी जी ने न केवल जम्मू-कश्मीर में अपनी सेवाएँ प्रदान कीं, बल्कि उन्होंने अपनी करुणा और सेवा भाव को दिल्ली और हरियाणा तक भी पहुँचाया।
* प्रताप नगर, नई दिल्ली में आश्रम शाखा:
* स्वामी जी ने दिल्ली के प्रताप नगर में अपने आश्रम की एक शाखा की स्थापना की है। यह शाखा दिल्ली में रहने वाले लोगों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन और सेवाएँ प्रदान करती है। स्वामी जी की ये गतिविधियाँ उनके सेवा भाव और समाज के प्रति समर्पण को दर्शाती हैं।
शिव आश्रम दिखरा जिला हमीरपुर हिमाचल प्रदेश - दिखरा हिमाचल डिस्ट्रिक्ट हमीरपुर में आश्रम में फ्री आंखों का अस्पताल खोलने की योजना है
शिव आश्रम दुल्हन जिला टालीवाल हिमाचल प्रदेश - मैं शिव मंदिर और बड़ी गौशाला बनाने की योजना है
शिव आश्रम मौजवाल नया नंगल पंजाब में विशाल गौशाला - जब से आश्रम बना है तब से ही आश्रम में विशाल गौशाला भी चलाई जा रही है
श्री बाबा देवदत्त गिरी जी समाधि-
शिव आश्रम मौजवाल में एक बहुत तपस्वी संत श्री देवदत्त गिरी जी महाराज की समाधि भी है और स्वामी ज्ञान गिरी महाराज जी की भी बताते थे कि यहां पर जो आप मन से मनोकामना लेकर आता है बाबा देवगिरी जी की कृपा से उनकी मनोकामना पूरी होती है
शिव आश्रम जूनीवाल लुधियाना- जोनिवाल में भी शिव मंदिर बनकर तैयार है और वहां भंडारा हाल और कमरों बनाने का काम चल रहा है
श्री अमरनाथ यात्रा में शिव आश्रम स्वामी ज्ञान गिरी जी धर्मशाला-
श्री अमरनाथ यात्रा के इतिहास में स्वामी ज्ञान गिरी जी महाराज का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने न केवल यात्रियों की सुविधा के लिए अथक प्रयास किए, बल्कि इस पवित्र यात्रा को सुगम और सुलभ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रारंभिक सेवा और भंडारा:
* स्वामी ज्ञान गिरी जी ने 1955 में श्री अमरनाथ गुफा के समीप सबसे पहले भंडारा शुरू किया। उस समय, उन्होंने स्वयं अपने कंधों पर चने ले जाकर यात्रियों में वितरित किए। यह उनकी निःस्वार्थ सेवा और प्रभु-भक्ति का प्रतीक था।
धर्मशाला का निर्माण:
* 1979 में, उन्होंने पवित्र गुफा के समीप एक धर्मशाला का निर्माण करवाया, जिसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने किया था। इसके बाद, डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला ने भी इस कार्य में अपना सहयोग दिया।
बालटाल मार्ग का विकास:
* 1982 में, स्वामी जी ने बालटाल में दूसरी धर्मशाला बनवाई और बालटाल मार्ग को प्रचलित किया। इस मार्ग के विकास से यात्रा का समय तीन दिन से घटकर एक दिन रह गया, जिससे यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई।
* स्वामी जी ने 1982 में बड़ी कठिन मेहनत और लगन से इस रास्ते को शुरू करवाया, जिससे सभी यात्री आसानी से दर्शन कर पाते हैं।
अन्य जनसेवा कार्य:
* स्वामी जी ने 1984 में दोमेल से संगम तक सड़क बनवाई और स्वयं जीप चलाकर यात्रियों को संगम तक पहुंचाया।
* श्री श्री 1008 स्वामी ज्ञान गिरी जी महाराज द्वारा श्री अमरनाथ बालटाल दोमेल मार्ग में विशाल (शिवद्वार भव्य गेट) बनवाने की योजना है।
* पवित्र गुफा के पास और दोमेल बालटाल मे उन्होंने धर्मशालये बनवाई, जहां भोजन, आवास, दवाइयां और कंबल जैसी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं। इस धर्मशालो में 5000 यात्री ठहर सकते हैं।
* वर्तमान में, स्वामी मुल्क राज गिरी जी महाराज इन सभी कार्यों का संचालन कर रहे हैं।
स्वामी जी के कार्यों का महत्व:
* स्वामी ज्ञान गिरी जी महाराज ने अपनी सेवा और समर्पण से श्री अमरनाथ यात्रा को एक नया आयाम दिया।
* उन्होंने यात्रियों की सुविधाओं में वृद्धि की और यात्रा को सुगम बनाया।
* उनके द्वारा स्थापित धर्मशालाएं और लंगर सेवा आज भी हजारों यात्रियों को सहारा दे रही हैं।
स्वामी ज्ञान गिरी जी महाराज का जीवन और कार्य हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
बालटाल मार्ग की खोज और विकास:
* यह उल्लेखनीय है कि बालटाल से अमरनाथ गुफा तक के मार्ग को विकसित करने में स्वामी ज्ञान गिरी जी महाराज की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
* ऐसा माना जाता है कि एक आर्मी कर्नल के सहयोग से स्वामी जी ने इस मार्ग की खोज की थी। आर्मी कर्नल ने स्वामी जी को इस रास्ते के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद स्वामी जी ने इसे विकसित करने का कार्य किया।
* इस मार्ग के विकास से पहले, अमरनाथ यात्रा पहलगाम से होती थी, जिसमें तीन दिन लगते थे। बालटाल मार्ग के खुलने से यात्रा का समय घटकर एक दिन रह गया, जिससे यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई।
* स्वामी जी ने 1982 में बड़ी कठिन मेहनत और लगन से इस रास्ते को शुरू करवाया था जिससे सभी यात्री आसानी से दर्शन कर पाते हैं।
अन्य महत्वपूर्ण योगदान:
* स्वामी जी ने न केवल मार्ग विकसित किया, बल्कि यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाओं जैसे कि धर्मशालाओं और भंडारों का भी निर्माण करवाया।
* उन्होंने दोमेल से संगम तक सड़क का निर्माण करवाया, जिससे यात्रियों को और अधिक सुविधा मिली।
* श्री श्री 1008 स्वामी ज्ञान गिरी जी महाराज द्वारा श्री अमरनाथ बालटाल दोमेल मार्ग में विशाल (शिवद्वार भव्य गेट) बनवाने की योजना है।
मणिमहेश की यात्रा लंगर-
मणिमहेश हिमाचल में पांच मंजूरी धर्मशाला और प्रवेश द्वार जो बनकर तैय हो चुका है जिसका उद्घाटन माननीय श्री वीरभद्र जी व श्री रानी प्रतिभा सिंह जी ने किया था वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमोरी जी ने बड़े प्रेम से श्री श्री 1008 स्वामी मुल्क राज गिरी जी महाराज के साथ मिलकर पांचवी मंजिल का कार्य शुरू कर दिया है इस सभी कार्यों में आप सभी का सहयोग सराहनीय और आवश्यक है
आश्रम के वार्षिक कार्यक्रम के 2025
• स्वामी ज्ञान गिरी जी महाराज बरसी 1 जनवरी से 11 जनवरी पूर्ण होती
• गुरु माता परमेश्वरी देवी बरसी
• शिवरात्रि 25 2 2024
• अमरनाथ जी लंगर जुलाई से अगस्त
• गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई 2025
• कृष्ण जन्माष्टमी 2025 16 अगस्त
• अगस्त से सितंबर तक मणिमहेश भंडारा
• मंथली पूर्णिमा भंडारा एट शिव मंदिर मौजवाल
परम पूज्य श्री श्री 1008 स्वामी ज्ञान गिरी जी महाराज जी के अपार कृपा से उनके पद चोन पर चलते हुए श्री श्री 1008 स्वामी मुल्क राज गिरी जी महाराज जी के संचालन में निम्नलिखित कार्य चल रहे हैं
• शिव आश्रम मोजवाल में 50 बेड हॉस्पिटल को और बड़ा किया जा रहा है जो की फ्री आई हॉस्पिटल के स्वामी ज्ञान गिरी माइक्रो सर्जरी आई हॉस्पिटल के नाम से जाना जाता है
• श्री अमरनाथ जी जम्मू कश्मीर बालटाल दोमेल में जो धर्मशाला पहले वाले विशाल भवन के साथ में एक और विशाल भवन का कार्य निर्माण अधीन है
• दिखरा हिमाचल डिस्ट्रिक्ट हमीरपुर में आश्रम में फ्री आंखों का अस्पताल खोलने की भी योजना है
• श्री शिव आश्रम हरी नगर प्रताप नगर दिल्ली में विशाल हाल का निर्माण करवाया जा रहा है
• छतरपुर छतरपुर टाटा उना डिस्टिक हिमाचल प्रदेश में शिव आश्रम ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है
• श्री मणिमहेश हड़सर हिमाचल प्रदेश जिला श्रीमणि महेश हरसर चंबा डिस्टिक हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला की पांचवी मंजिल का काम जोरों शोरों से चल रहा है
• शिव आश्रम उज्जवल नांगल डैम में लंगर हाल का कार्य भी निर्माण अधीन है
श्री अमरनाथ स्वामी ज्ञान गिरी जी धर्मशाला दोमेल बालटाल आश्रम के सभी कार्यों में श्री धर्मवीर बत्रा जी, और उनके सुपुत्र श्री हिम्मत बत्रा जी, श्री देवेंदर बत्रा जी , श्री नरेंद्र बत्रा जी की सेवा सराहनीय है श्री अमरनाथ स्वामी ज्ञान गिरी जी धर्मशाला दोमेल बालटाल प्रधान श्री धर्मवीर बत्रा जी
हमारा संगठन 80G के अंतर्गत पंजीकृत है, अतः आपके दान पर आयकर में छूट उपलब्ध होगी। हमारा 80G पंजीकरण संख्या है। 2,000 रुपये से अधिक के दान हेतु चेक, डिमांड ड्राफ्ट, इंटरनेट बैंकिंग अथवा UPI का उपयोग करना अनिवार्य है; अन्यथा आयकर छूट का लाभ प्राप्त नहीं हो पाएगा। आयकर दाता को आयकर रिटर्न के समय फॉर्म 10BE प्रस्तुत करना आवश्यक है।
श्री शिव रूद्र जन्म कल्याण संस्था (रजिस्टर्ड 12) गोस्वामी ज्ञान गिरी जन सेवा ट्रस्ट
शिव आश्रम मौजवाल नांगल डैम पंजाब
शिव आश्रम हरी नगर प्रताप नगर R6 (न्यू दिल्ली 64)
अमरनाथ लंगर के प्रधान श्री धर्मवीर बत्रा, हेमंत बत्रा जी, दविंदर बत्रा जी, नरेंद्र बत्रा जी
अध्यक्ष- सरदार गुरु चरण सिंह मलिक
प्रधान गौरव - शर्मा राजा ,शशि पाल , ऋषि गोस्वामी, रुद्राक्ष गोस्वामी, कार्तिक गोस्वामी
मोबाइल नंबर 9417024011,9464649149,9417019011,9463653 019
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