Hq Ki Awaz Foundation

Hq Ki Awaz Foundation Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Hq Ki Awaz Foundation, Non-Governmental Organization (NGO), Village- Asawari, Nagaur Marwar.

22/02/2022

स्कूल कॉलेज में सभी के लिए समान यूनिफॉर्म की माँग हो रही है तो ये हाल है.. सभी के लिए समान नागरिक संहिता और कानून की तो पता नहीं क्या कीमत चुकानी पड़ेगी..? उफ्फ मैं तो भूल ही गया कि नियम कानून तो सिर्फ़ केवल बहुसंख्यक हिंदुओ के लिए ही है.. बाकी तो शरीयत और गजवा ए हिंद के सपने पाले बैठे है..

हर्षा को क्यों मार दिया..?? केवल समान यूनिफार्म का पक्षधर था इसीलिए...और ऐसा क्या गलत लिख दिया था इस लड़के ने..? क्या हिज़ाब इतना जरूरी है कि उसके लिए किसी की ह'त्या कर दी जाए..?

बाकी किशन भरवाड़, रूपेश पाण्डेय, चंदन गुप्ता, ट्विंकल, कमलेश तिवारी, अंकित शर्मा, दिलबर नेगी.. इस लिस्ट में हर्षा का एक और नाम जुड़ गया...और इसपर नोएडा सेक्टर 16 के खबरी दलाल प्राइम टाइम नहीं करेंगे और न ही ये खबर इंटरनेशनल सेंसेशन बनेगी क्योंकि इस लड़के की सुनियोजित ह'त्या से ज्यादा school में आसमानी नारा लगाती मज़हबी ज्यादा important है..

खैर तुम्हें क्या...? अगले वेलेंटाइन इसपर भी जोक्स बना लेना cool लगोगे....बजरंग दल वाला ही तो था हर्षा.. तुम फर्जी सेक्युलरिज्म का चूरन चाटो और पड़े रहो.. बारी तो तुम्हारी भी आएगी..

~ साभार अभ्युदय


11/06/2021

देश की आजादी के लिए प्राणों की आहुति देने वाले महान क्रांतिकारी #रामप्रसाद_बिस्मिल जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।

#एकऔरआजाद

गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएं! #गणतंत्र_दिवस   #जयहिंद
26/01/2021

गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएं!

#गणतंत्र_दिवस #जयहिंद

चीन के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए भारतीय जवानों को श्रद्धांजलि🙏ईश्वर वीर जवानों के परिवारों को यह दुःख सहने की शक्ति दें...
17/06/2020

चीन के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए भारतीय जवानों को श्रद्धांजलि🙏

ईश्वर वीर जवानों के परिवारों को यह दुःख सहने की शक्ति दें।

आज हम सेक्स एजुकेशन व सेक्सुअल प्रॉब्लम्स को लेकर बात करने वाले हैं कि लोग इन मुद्दों पर हमारे देश में खुलकर बात क्यों न...
10/06/2020

आज हम सेक्स एजुकेशन व सेक्सुअल प्रॉब्लम्स को लेकर बात करने वाले हैं कि लोग इन मुद्दों पर हमारे देश में खुलकर बात क्यों नहीं कर पाते हैं... ओर कौनसे कारण है जो हमें इस गंभीर विषय से दूर धेकेल रहे हैं।

जैसा कि हम सब को पता है कि हमारे देश की यह संस्कृति रही हैं कि सेक्स रिलेटेड लगभग हर एक टॉपिक को अशोभनीय माना जाता हैं और ऐसी बातों को करने वाले व्यक्तियों को अनैतिक आचरण वाला करार दे दिया जाता हैं लेकिन आज के समय की यह जरूरत है कि हम इन मुद्दों पर भी बाकी मुद्दों की तरह ही निसंकोच विचार - विमर्श करें तथा एक जागरूकता का मोहाल तैयार करें।

आज सेक्स के मुद्दों पर हम इतना गहरा पर्दा डाल कर बैठे हैं कि अपने छोटे बच्चों को गुड टच - बेड टच, सेक्सुअल अस्सुअल्ट व सेक्सुअल एब्यूज जैसे महत्वपूर्ण विषय से रूबरू नही करवाते हैं और उन्हें अधर में लटकाये रखते है, जो उनके मस्तिष्क पर मानसिक व शारिरिक कुप्रभाव पैदा करते हैं जिसके हक़दार हम व हमारी सरकार की शिक्षण व्यवस्था है जिसमें शारिरिक बनावट व सरंचना की पाठ्य सामग्री आते ही उसे अनदेखा कर नया पृष्ठ खोल लेते हैं जो कि घोर आपराधिकता हैं। इसी कारण आगे चलकर यह बच्चे सेक्स लाइफ की समस्याओं का समय पर निस्तारण नही कर पाते और गंभीर रोगों के मकड़जाल में फस जाते हैं।

21वीं सदी की यह आवश्यकता है कि हम रूढ़िवादी परम्पराओं को त्यागते हुए सेक्स शिक्षा को सामान्य वार्तालाप प्रक्रिया में शामिल करें तथा शर्मिंदगी व अश्लीलता को नकारें ताकि भारत में सेक्स और सेक्सुअलिटी जैसे मुद्दों पर एक सुरक्षित वातावरण तैयार हो सकें।

साथ ही हमारे समाज व देश को सेक्स एजुकेशन, यौन हिंसा ओर शोषण जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक व्यापक व अनिवार्य कामुकता शिक्षा या मॉड्यूल की आवश्यकता है।

2005 में एडोलसेंट एजुकेशन प्रोग्राम भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया था लेकिन अध्यापक, बच्चों के माता पिता व नीति निर्माताओं ने इस पर आपत्ति जता दी थी जिसके कारण 2007 में यह प्रोग्राम प्रतिबंधित कर दी गया!

अब वक्त की यह मांग है कि ऐसे प्रोग्रामों को पुनः चलाया जाए ताकि शरीर व उम्र में होने वाले परिवर्तनों व यौन शिक्षा को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सकें।

©संजय ग्वाला

ऑडियो टेप लिंक - https://youtu.be/7dHhR5diEGY

वेबसाइट पोस्ट लिंक - https://www.maunvratpatrika.in/2020/06/Kyu-Darte-Hain-Sex-Sambandhi-Muddon-Par-Baat-Karne-Se.html

एक शानदार इंसान, शानदार अभिनेता की शानदार यात्रा समाप्त हुई!बेहद दुःखद समाचार।🙏 ॐ शांति
30/04/2020

एक शानदार इंसान, शानदार अभिनेता की शानदार यात्रा समाप्त हुई!

बेहद दुःखद समाचार।

🙏 ॐ शांति

"कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे हम रोये।ऐसी करनी कर चलो, हम हँसे जग रोये।।"इतनी जल्दी ऐसे जाना अपने प्रशंसकों के साथ अन्य...
29/04/2020

"कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे हम रोये।
ऐसी करनी कर चलो, हम हँसे जग रोये।।"

इतनी जल्दी ऐसे जाना अपने प्रशंसकों के साथ अन्याय है इरफ़ान!

आप सदा दिलों में राज करेंगे।

🙏 ॐ शांति

14/04/2020

अगर आप कोई ऐसी विशिष्ट सूचना चाहते हैं जिसे सरकार द्वारा स्वैच्छिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया जाता – उदाहरण के लिय...

14/04/2020

जीवन में जब आप कोई ऐसा काम करते हैं जिससे किसी के प्राण बचें तो इससे ज्यादा आप खुशनसीब या खुशकिस्मत नही हो सकते! हमा.....

05/04/2020

असावरी विद्यालय का विकास; अब होने लगा हैं!मेरा अपने विद्यालय पर यह लेख जरूर पढ़ें... आप तत्कालीन वास्तविकता से जरूर रूबरू...
19/02/2020

असावरी विद्यालय का विकास; अब होने लगा हैं!

मेरा अपने विद्यालय पर यह लेख जरूर पढ़ें... आप तत्कालीन वास्तविकता से जरूर रूबरू होंगे!

वेबसाइट लिंक - https://www.maunvratpatrika.in/2020/02/asawari-vidyalaya-ka-vikas-ab-hone-laga-hain.html

कहने को तो... मैं चाहता हूं, आप चाहते हैं और अपने असावरी गांव का शायद प्रत्येक परिवार व सदस्य चाहते हैं कि वर्षों पुरा...

14/02/2020

31/01/2020

*सूचना का अधिकार मेरी मदद किस तरह कर सकता है!*

https://maunvratpatrika.in/2019/05/soochana-ka-adhikaar-meri-madad-kis-tarah-kar-sakata-hai.html

*मैं किससे सूचनाएँ ले सकती/सकता हूँ?*

https://maunvratpatrika.in/2019/05/main-kisase-soochanaen-le-sakatee-sakata-hoon.html

*अगर मुझे निवेदित सूचना नही मिलती है तो क्या करूं?*

https://maunvratpatrika.in/2019/05/agar-mujhe-nivedit-soochana-nahi-milatee-hai-to-kya-karoon.html

*मेरे आवेदन पर फैसला कैसे किया जाएगा!*

https://maunvratpatrika.in/2019/05/mere-aavedan-par-phaisala-kaise-kiya-jaega.html

*मैं सूचना के अधिकार को बढ़ावा देने के लिये क्या कर सकती/सकता हूँ!*

https://maunvratpatrika.in/2019/05/main-soochana-ke-adhikaar-ko-badhaava-dene-ke-liye-kya-kar-sakata-sakatee-hoon.html

*सूचना का अधिकार क्या है?*
https://maunvratpatrika.in/2019/05/soochana-ka-adhikaar-kya-hai.html

*RTI क्या है, विस्तार से जानें?*
https://maunvratpatrika.in/2018/01/rti-kya-hai-vistaar-se-jaane.html

*मैं सूचनाओं के लिये आवेदन कैसे करूं?*

https://maunvratpatrika.in/2019/05/main-soochanaon-ke-liye-aavedan-kaise-karoon.html

*मैं कौन सी सूचनाएँ हासिल कर सकती/सकता हूँ!*

https://maunvratpatrika.in/2019/05/main-kaun-si-soochanaen-haasil-kar-sakatee-sakata-hoon.html

*कौन सी सूचनाओं को स्वैच्छिक रूप से प्रकाशित करना जरूरी है!*

https://maunvratpatrika.in/2019/05/kaun-si-soochanaon-ko-svaichchhik-roop-se-prakaash*t-karana-jarooree-hai.html

सही मायनों में जश्ने-ए-आजादी!सुप्रभात; सबसे पहले आप सभी को 71 वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आज का दिन रगों में...
26/01/2020

सही मायनों में जश्ने-ए-आजादी!

सुप्रभात; सबसे पहले आप सभी को 71 वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आज का दिन रगों में जोश व आंखों में देश व देशवासियों के लिए कुछ कर गुजरने के जज्बे समान हैं, हां यह अलग बात है कि हम इसके ऊपर कितना अमल कर पाते हैं।

दैनिक दिनचर्या अनुसार सुबह उठते ही आधुनिकता की डिजिटल दुनिया में कदम रख दिया और सोशल मीडिया पर विचरण करने लगा।

फ़ेसबुक, ट्विटर या व्हाट्सएप; हर कही दोस्तों, सगे संबंधियों या देशप्रेमियों के दर्द-भरे देशभक्ति गीत वाले स्टेटस/फोटोज लगे हुए हैं, किसी में भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव को फांसी दी जा रही हैं, किसी मे चंद्रशेखर आजाद अपनी मूछों को ताव दे रहे हैं, तो किसी में भारत को सोने की चिड़िया के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, कही सनी देओल अपनी बुलंद आवाज़ से रोंगटे खड़े कर रहे हैं... सब लाजवाब हैं! एक फोटो/वीडियो को देखकर/सुनकर दूसरे पर चल पड़ते हैं लेकिन किसी ने इनमें बताये भाव, जज्बे व कुछ कर गुजरने के हौसले को समझा है?

हमारे द्वारा 15 अगस्त व 26 जनवरी के अलावा आजादी के उन वीर सपूतों के साहस व बलिदानों की कितनी लाज रखी जा रही हैं? ओर आजाद भारत की उस संकल्पना को कितना साकार किया जा रहा है जिसमें उनके देखें अखंड भारत, सर्वश्रेष्ठ भारत, सर्व प्रथम भारत व सर्व हितकारी भारत की ज्योत हो!

मन-मस्तिष्क सोचने लगा कि हम उनके बताए मार्गों पर कितने कदम चल रहे हैं...? शायद कुछ कदम भी नहीं!

आज जब चलचित्रों के माध्यम से उन वीरों के स्वरूप को देखता हूं तो लगता है उनकी आंखों में, रगों में ओर कतरे-कतरे में इस हिन्दुस्तां के लिए बहुत कुछ ओर भी था! जो अब तक नहीं हो पाया है।

आज भी उन वीरों की निगाहें हम सब टिकी हुई होगी कि कब हम सब बहन-बेटियों की इज्ज़त करना शुरू करेंगे! कब हम सब गरीब व आर्थिक रूप से कमजोर लोगों/परिवारों के अधिकारों की आवाजें उठानी शुरू करेंगे तथा उन्हें कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, संबल बनाएंगे! कब हम सब जाति, धर्म, वेशभूषा, लिंगभेद, भाई-भतीजावाद से ऊपर उठकर केवल ओर केवल भारत की सोचेंगे व यहां के लोगों की बात करेंगे!

लेकिन फिर भी उम्मीद है कि भारत का हर नागरिक इसे सर्व शक्तिमान व सर्वश्रेष्ठ बनाने में अपना जी-जान लगा देगा...

इसी के साथ आप सभी को आजादी की इस एक ओर नई सुबह की शुभकामनाएं।

जय हिंद | जय भारत | जय जवान | जय किसान

©संजय ग्वाला

ब्लॉग पोस्ट लिंक ~ https://www.maunvratpatrika.in/2020/01/sahi-maayanon-mein-jashne-e-aajadi.html

मौनव्रत पत्रिका: अरे, कुछ बोल कर तो देखिए!

 िसान_का_वास्तविक_दर्द...स्कूल प्रिंसिपल ने बहुत ही कड़े शब्दों मे जब किसान की बेटी ख़ुशी से पिछले एक साल की स्कूल फीस मां...
18/01/2020

िसान_का_वास्तविक_दर्द...

स्कूल प्रिंसिपल ने बहुत ही कड़े शब्दों मे जब किसान की बेटी ख़ुशी से पिछले एक साल की स्कूल फीस मांगी, तो ख़ुशी ने कहा मैडम मैं घर जाकर आज पिता जी से कह दूंगी!

घर जाते ही बेटी ने माँ से पूछा पिता जी कहाँ है? तो माँ ने कहा तुम्हारे पिता जी तो रात से ही खेत में है, बेटी दौड़ती हुई खेत मे जाती है और सारी बात अपने पिता को बताती है!

ख़ुशी का पिता बेटी को गोद मे उठाकर प्यार करते हुए कहता है की इस बार हमारी फसल बहुत अच्छी हुई है, अपनी मैडम को कहना- अगले हफ्ता सारी फीस आजाएगी।

क्या हम मेला भी जाएंगे?? ख़ुशी पूछती है...
हाँ, हम मेला भी जाएंगे और पकोड़े, बर्फी भी खाएंगे! ख़ुशी के पिता कहते है।

ख़ुशी इस बात को सुनकर नाचने लगती है और घर आते वक्त रस्ते मे अपनी सहेलियों को बताती है की मैं अपने माँ-पापा के साथ मेला देखने जाउंगी, पकोड़े-बर्फी भी खाउंगी।

ये बात सुनकर पास ही खड़ी एक बुजुर्ग कहती है, बेटा ख़ुशी मेरे लिए क्या लाओगी मेले से??

काकी, हमारी फसल बहुत अच्छी हुई है, मैं आपके लिए नए कपडे लाऊंगी, ख़ुशी कहती हुई घर दौड़ जाती है!

अगली सुबह ख़ुशी स्कूल जाकर अपनी मैडम को बताती है की मैडम इस बार हमारी फसल बहुत अच्छी हुई है, अगले हफ्ते सब फसल बिक जाएगी और पिता जी आकर सारी फीस भर देंगें।

प्रिंसिपल : चुप करो तुम, एक साल से तुम बहाने बाजी कर रही हो!
ख़ुशी चुप-चाप क्लास मे जाकर बैठ जाती है और मेला घूमने के सपने देखने लगती है... तभी ओले पड़ने लगते है, तेज बारिश आने लगती है, बिजली कड़कने लगती है, पेड़ ऐसे हिलते है मानो अभी गिर जाएंगे!

ख़ुशी एकदम घबरा जाती है। ख़ुशी की आँखों मे आंसू आने लगते है, वो ही डर फिर सताने लगता है... डर सब खत्म होने का, डर फसल बर्बाद होने का, डर फीस ना दे पाने का।

स्कूल खत्म होने के बाद वो धीरे-धीरे कांपती हुई घर की तरफ बढ़ने लगती है। हुआ भी ऐसा कि सभी फसल बर्बाद हो गई और खुशी स्कूल में फीस जमा नही करने के कारण ताना सुनने लगी।

उस छोटी-सी बच्ची को मेला घुमने और बर्फी खाने का शौक मन में ही रह गया।

छोटे किसान और मजदूरों के परिवार में जो दर्द है, उसे समझने में पूरी उम्र भी गुजर जाएगी तो भी शायद वास्तविक दर्द को महसूस नही कर सकते आप।।

भारत के आम किसान का वास्तविक दर्द यह है!

🙏

मौनव्रत पत्रिका: अरे, कुछ बोल कर तो देखिए!

असावरी गांव का सरपंच कैसा हो?नमस्कार👏 कुछ दिनों बाद देश के विकास के आधार स्तम्भ यानी ग्राम पंचायतों के चुनाव होने वाले ह...
29/12/2019

असावरी गांव का सरपंच कैसा हो?

नमस्कार👏 कुछ दिनों बाद देश के विकास के आधार स्तम्भ यानी ग्राम पंचायतों के चुनाव होने वाले हैं, हर गाँव के लोगों का सपना होता है की अपना गांव विकसित हो, दूसरों के लिए पथप्रेरक हो व विकास के उच्चतम आयामों को हासिल करें लेकिन ऐसा हो नही पाता है क्योंकि हम गांव के प्रधान(सरपंच) को चुनने में लचीलापन दिखाते हैं या प्रलोभन के मायाजाल में भटक जाते हैं और फिर 5 साल ठोकरे खाते रहते हैं...

लेकिन इस बार जब हम सब वोट डालने जाए तो इस बात का आत्ममंथन करें कि अब हमें अगले 5 साल ठोकरे नही खानी हैं, पालतू जानवरों की भांति उनके पीछे दुम नही हिलानी हैं जो पहले कुछ और कहते हैं और बाद में करते कुछ और हैं।

अबकी बार अपने गांव में सरपंच पद के ‌उम्मीदवारों की झड़ी लगी हुई हैं लेकिन हमें बस एक ऐसे योग्य उम्मीदवार का चयन करना है जो गांव के मूलभूत विकास के मुद्दों को लेकर खड़ा हो और उन्हें पूरा करने में सक्षम दिखता हो! क्योंकि कई ऐसे लोग होते हैं जो जीतने के बाद अपने विरोधी के बाड़े में खड़े होकर गोबर करने लग जाते हैं, वह भूल जाते हैं कि जिन्होंने उन्हें जिताया था, इसी विरोधी को हराकर जिताया था! जिसके बाड़े में तू आज अपना फ़लसफ़ा बिखेर रहा है...

गांव के कुछ मुद्दे हैं... जो सभी लोग चाहते हैं कि चुनाव लड़ने वाला उन्हें पूरा करें या पूरा करने वाला चुनाव लड़े व जीते👇

तो सर्वप्रथम या पहले मुद्दे के रूप में हम नव चयनित सरपंच से यही चाहेंगे कि वह पंचायत के सभी गांवों में पीने के पानी की व्यवस्था सुचारू रूप से करें, वो भी जल्द से जल्द क्योंकी पानी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और लोग मजबूरी में 500 से 600 रुपये में 10-15 दिन के अंतराल से पानी का टैंकर मंगवाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं!

दूसरा मुद्दा यह है कि गांव के माध्यमिक विद्यालय की हालत बेहद ही खराब हो चुकी है, कई बार अखबारों में भी प्रकाशित हो चुका है कि भवन लगभग पूर्णतः छतिग्रस्त हो चुका है, तो नव चयनित सरपंच हम चाहेंगे कि या तो वह संपूर्ण भवन की मरम्मत करवाएं या फिर राजनीति के साम-दाम-दंड-भेद लगा कर विद्यालय भवन का नव निर्माण करवाएं।

तीसरा व अहम मुद्दा यह है की कई बार सरपंच पंचायत के जिस गांव का होता है वह केवल उसी गांव का विकास करवाता है, बाकी के गांव को भूल जाता है, तो नव चयनित सरपंच से उम्मीद रहेगी कि वे चाहे पंचायत के किसी भी गांव से खड़ा हो लेकिन सभी गांवों को एक समान व बराबर की नजरों से देखें।

चौथा मुद्दा यूं है कि पंचायत के लगभग सभी गांवों में गोचर भूमि पर अतिक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा है जिसके कारण आवारा व गोशाला के पशुओं के चारे की दिक्कतें पैदा हो रही है और वह मजबूरी में किसानों के खेतों में डेरा डाल रहे हैं तथा फसलें नष्ट कर रहे हैं, तो नव चयनित सरपंच से उम्मीद रहेगी कि वह अपने वोट बैंक की परवाह न करते हुए पंचायत की कीमती जमीनों को जल्द से जल्द अतिक्रमण से मुक्त करवाएगा।

पांचवा मुद्दा असावरी के गौशाला के संबंध में है, जो अब लगभग बिना देखरेख के राम भरोसे चल रहा है व राजनीति का अखाड़ा बन चुका है तो, नव चयनित सरपंच से निवेदन रहेगा कि वह मौजूदा समिति को भंग करके या करवाकर नई समिति नवगठित करेगा/करवाएगा और गौशाला को एक नया रूप प्रदान करेगा।

छठा मुद्दा नरेगा में जो दलाली का सिस्टम चल रहा है वहां जमे हुए कुछ पुराने रसूखदाराओं द्वारा तो, नव चयनित सरपंच से उम्मीद करते हैं कि वह उन्हें हटा कर या एक तरफ धकेलकर नए व बेरोजगार लोगों को मौका दिलवाने का प्रयास करेंगे।

सातवां मुद्दा, गांव से संबंधित जो भी अधिकारी व कर्मचारी जुड़े हैं जैसे- पटवारी, ग्रामसेवक अरे माफ कीजिएगा अब यह महाशय ग्राम विकास अधिकारी बन गए हैं, पोस्टमैन, अध्यापक व चिकित्साकर्मी की उपस्थिति, नव चयनित सरपंच सुनिश्चित करें या करवाएं ताकि आमजन को किसी प्रकार की दुविधा ना हो। इसी मुद्दे में नव चयनित सरपंच रात्रि कालीन चिकित्सा कर्मी के संबंध में गौर करें क्योंकि लोगों को चिकित्सा सेवाएं समय पर व सही प्रकार से नहीं मिल पा रही है।

आठवां मुद्दा, पंचायत की योजनाओं व नए क्रियाकलापों की सूचनाओं के अभाव के संबंध में है, तो नव चयनित सरपंच से चाहेंगे कि वह पंचायत स्तर पर एक ऐसा सिस्टम बनाएं की पंचायत के संबंध में जो भी कार्य हो रहे हैं या योजनाएं आ रही है, की जानकारी लोगों तक उचित समय पर पहुंचे।

नौवां मुद्दा, नव चयनित सरपंच से चाहेंगे कि वो पंचायत का जो अधिकृत ई मित्र सेवा केंद्र है, उससे सभी लोगों को लागत मूल्य पर सेवाएं उपलब्ध करवाने का संकल्प करें ताकि आमजन ईमित्र संचालकों की लूटमारी से मुक्त हो सके।

दसवां मुद्दा, सभी लोग चाहेंगे कि पंचायत का जो मुखिया हो वह नियमित रूप से ग्राम सभाओं का आयोजन पंचायती राज कानून के तहत समय-समय पर करें ताकि पंचायत में जो कुछ चल रहा है उससे लोग अवगत हो सकें।

ग्यारहवां और सबसे अहम-अहम मुद्दा, जिसके बल पर ही मैं वोट करूंगा तो, जो भी प्रत्याशी खड़ा हो... उससे चाहेंगे कि वह अपने व पंचायत के सभी कार्यालयों में "सूचना का अधिकार कानून, 2005" को लागू करवाने का संकल्प करें व आरटीआई अधिनियम, 2005 की धारा 4(1) के तहत अपने कार्यालय की सूचनाएं स्वयं प्रकाशित करें तथा इस अधिनियम के तहत मांगी जाने वाली सभी सूचनाओं को सुनिश्चित तरीके से अदा करने का आह्वान करें।

तो मैं संजय ग्वाला आप सभी से चाहूंगा कि आप सब इस चुनाव में पक्षपात, परिवारवाद, प्रलोभन, डर व ऊंच-निच से ऊपर उठकर, मुद्दों पर खरे उतरने वालों के पक्ष में वोट करें ताकि सबका विकास व कल्याण हो।

जय हिंद | जय भारत

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Village- Asawari
Nagaur Marwar
342902

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