Titavi-Distt. Muzfarnagar

Titavi-Distt. Muzfarnagar तितावी उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर

27/09/2021
19 April 2021 ko vote kijiye apni Gram Sabha ko Mazboot kijiye.Jai Hind
26/03/2021

19 April 2021 ko vote kijiye apni Gram Sabha ko Mazboot kijiye.
Jai Hind

21/12/2020

यूपी में इस समय पंचायत चुनाव की सरगर्मी है। गांव-गांव में ग्राम प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य की चर्चा हो रही है। सरकारी मशीनरी भी वोटर लिस्ट, परिसीमन और आरक्षण सूची बनाने में जुटी हैै। ऐसे में आज हम आपको बताते हैं कि अगर आप भी ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ना चाहते हैं तो क्या-क्या जरूरी हैं-

गांव में हर पांच साल के बाद ग्राम प्रधान का चुनाव कराया जाता है। निर्वाचन आयोग इसके लिए तैयारी करवाता है। यह चुनाव भी ठीक उसी तरह से होता है जैसे लोकसभा या विधानसभा का चुनाव। इसमें भी सबसे पहले अधिसूचना जारी की जाती है, अधिसूचना जारी होते ही आचार संहिता लागू हो जाता है। अब जो व्यक्ति ग्राम प्रधान या सदस्य के पद पर चुनाव लड़ना चाहता है, उसको एक निर्धारित समय अवधि के अंदर पर्चा दाखिल या आवेदन पत्र को जिले के निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होता है | इसके बाद निर्वाचन कार्यालय के द्वारा प्रत्येक आवेदन कर्ता को एक चुनाव चिन्ह प्रदान किया जाता है | अब सभी प्रत्याशी के द्वारा चुनाव प्रचार किया जाता है, यह चुनाव प्रचार निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार किया जाता है | इसके बाद निर्धारित तिथि को मतदान कराया जाता है, मतदान के पश्चात मतगणना की जाती है, जिस प्रत्याशी को अधिक मत प्राप्त होते है, उसे ग्राम प्रधान पद पर निर्वाचित किया जाता है | निर्वाचित सदस्य को निर्वाचन अधिकारी के द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है |

03/08/2020

✒️ सामाज व परिवार को एकता के सूत्र में बांधने वाले बहन-भाई के मृदुल स्नेह, प्रेम के प्रतीक पावनपर्व 'रक्षाबंधन' की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

स्नेह-पर्व की शुभकामनाएं....🙏

खसरा खतौनी ऑनलाइन कैसे देखेउत्तर प्रदेश सरकार नें 2 मई 2016 को एक भूलेख से सम्बंधित ऑनलाइन जानकारी प्राप्त करने के लिए ए...
25/07/2020

खसरा खतौनी ऑनलाइन कैसे देखे

उत्तर प्रदेश सरकार नें 2 मई 2016 को एक भूलेख से सम्बंधित ऑनलाइन जानकारी प्राप्त करने के लिए एक वेब पोर्टल (upbhulekh.gov.in) लांच किया है, जिसके माध्यम से हम अपनी जमीन की सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, यह प्रक्रिया अत्यंत सरल हैं, परन्तु इसके लिए आपको कंप्यूटर का ज्ञान होना आवश्यक हैं, हाल ही में सरकार नें एक वेब पोर्टल लांच किया है, जिसके माध्यम से भू अभिलेखों के रख-रखाव में पारदर्शिता हो गई है, जिससे भूमाफियों पर अंकुश लगा हैं,
ऐसे प्राप्त करे खसरा खतौनी की नकल

1.सबसे पहले आपको अपने कंप्यूटर के वेब ब्राउज़र को खोलना होगा |
2.ब्राउज़र खोलनें के उपरांत आप गूगल (Google.com) का प्रयोग कर सकते है, अथवा http://upbhulekh.gov.in टाईप कर सकते है |
3.टाईप करने के बाद इंटर (Enter) की प्रेस (दबाना) करनी होगी |
4.इसके बाद आप उत्तर प्रदेश सरकार की वेबसाइट पर पहुँच जायेगे |
5.वेब पेज पर आपको “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नक़ल देखे” पर क्लिक करे |
6.इसके बाद कैप्चा कोड (Captcha Code) जो सामनें लिखा होगा उसको नीचे टाइप करे और सबमिट का बटन दबाये |
7.सबमिट बटन के उपरांत आपके सामन एक नया पेज खुल जायेगा, इस पेज पर, ‘जनपद चुने’, ‘तहसील चुने’, ‘ग्राम चुने’ , ‘ग्राम का पहला अक्षर चुनें’ दिखाई देगा |
8.सबसे पहले आप जनपद चुने, अब आपके सामने उस जनपद की तहसीलों की एक लिस्ट दिखायी देगी |
9.अब आप अपनी तहसील का चुनाव करे, अब आपके सामने उस तहसील से सम्बन्धित ग्राम दिखायी देगे |
10.अब आप ग्राम के पहलें अक्षर पर क्लिक करके अपने ग्राम का चुनाव कर सकतें हैं |
11.इसके बाद आप के सामनें एक नया वेब पेज खुलेगा, जिसमे तीन विकल्प होंगे, ‘खसरा/गाटा संख्या भरे’, ‘खोजे’, ‘उध्दरण देखे’ |
12.अब अपनी खसरा/गाटा संख्या लिख कर सर्च कर सकतें हैं, यदि आप को संख्या नहीं पता है, तो आप व्यक्ति के नाम से भी सर्च कर सकतें हैं |
13.इसके बाद खसरा खतौनी का ऑनलाइन विवरण आपके समक्ष आ जायेगा, जिसका आप प्रिंट निकाल सकतें हैं, परन्तु यह प्रति सत्यापित नहीं है |
14.सत्यापित प्रति प्राप्त करने हेतु पेज पर “निम्न खाते की प्रमाणित प्रति ऑनलाइन प्राप्त करनें हेतु यहाँ क्लिक करें” इस बटन पर क्लिक करना हैं, जिसके उपरांत तहसीलदार की ई-सिग्नेचर (हस्ताक्षर) करी हुई ऑनलाइन सत्यापित प्रति समक्ष आ जाएगी, जिसका प्रिंट निकाल कर आप किसी भी स्थान पर प्रयोग कर सकेंगे |
ऑनलाइन जमीन की जानकारी देखने के लाभ

इन्टरनेंट के माध्यम से अपनी जमीन की खसरा खतौनी की जानकारी आसानी से प्राप्त हो जाती हैं, जिससे हमें कई लाभ प्राप्त हुए हैं जिनमें से प्रमुख यह हैं |
1.आपको अपनी जमीन की जानकारी के लिये ग्राम पंचायत या पंचायत समिति के चक्कर नही लगाने पड़ते हैं |
2.अपनी जमीन की जानकारी के लिये आपको किसी को भी रिश्वत नही देनी पड़ेगी |
3.किसी भी स्थान से आप अपनी जमीन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |
4.ऑनलाइन से आपके समय की बचत होती है |
5.ऑनलाइन से आपको सम्पूर्ण जानकारी मुफ्त में प्राप्त हो जाती है |
6.ऑनलाइन जमीन की जानकारी आप घर बैठे देख सकते हैं, जिससे यह पता कर सकते है, कि आप की जमीन किसी अन्य व्यक्ति के
नाम तो नहीं हैं, इसके माध्यम से आप धोखेबाजी से बच सकते है |
यहाँ पर हमने आपको अपनी जमीन की जानकारी या खसरा खतौनी को प्राप्त करनें के विषय में बताया है, यदि इस जानकारी से सम्बन्धित आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्न आ रहा है, अथवा इससे सम्बंधित अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से पूँछ सकते हैं।

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25/07/2020

भारत में 70 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण परिवेश में निवास करती है, इतनी बड़ी संख्या को स्वयं का प्रशासन स्थापित करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 243 में व्यवस्था प्रदान की गयी है | इसके अंतर्गत पंचायती राज का प्रावधान किया गया है | इसमें ग्राम सभा और ग्राम पंचायत का गठन किया जाता है, जो सम्पूर्ण ग्राम के विकास के लिए जिम्मेदार होती है | ग्राम पंचायत का प्रमुख ग्राम प्रधान होता है, इस पेज पर ग्राम प्रधान बनने तथा उसके चुनाव, योग्यता, कार्य और अधिकार के विषय में विस्तार से बताया जा रहा है |

ग्राम सभा (Gram Sabha)
किसी गांव के कुल व्यक्तियों की संख्या जिनका नाम वोटर लिस्ट में सम्मिलित हो | इन व्यक्तियों के समूह को ग्राम सभा कहा जाता है | एक ग्राम सभा में 200 या इससे अधिक व्यक्तियों का होना आवश्यक है |

ग्राम प्रधान (Gram Pradhan)
एक ग्राम सभा में एक अध्यक्ष का निर्वाचन किया जाता है, जिसे ग्राम प्रधान, सरपंच अथवा मुखिया के नाम से जाना जाता है |

वेतन (Salary)
उत्तर प्रदेश राज्य में ग्राम प्रधान का वेतन 3500 रूपये है, इसके अतिरिक्त उन्हें यात्रा भत्ता एवं अन्य खर्चों के रूप में 15000 रूपये प्रति माह प्राप्त होते है |

ग्राम पंचायत का गठन व चुनाव (Gram Pradhan Election)
ग्राम सभा के कुल सदस्यों के द्वारा एक अध्यक्ष या प्रधान और अन्य सदस्यों को निर्वाचित किया जाता है, इन अध्यक्ष या प्रधान और अन्य सदस्यों को ग्राम पंचायत कहते है, इसका कार्यकाल 5 वर्ष होता है |

चुनाव कैसे होता है (Election Kaise Hota Hai)
गावं में प्रत्येक पांच वर्ष के बाद ग्राम प्रधान का चुनाव कराया जाता है, राज्य सरकार के द्वारा इसके लिए निर्वाचन आयोग को स्वीकृति प्रदान की जाती है, इसके बाद निर्वाचन आयोग के द्वारा अधिसूचना जारी की जाती है, अधिसूचना जारी होते ही आचार संहिता को लागू कर दिया जाता है | अब जो व्यक्ति ग्राम प्रधान या सदस्य के पद पर चुनाव लड़ना चाहता है, उसको एक निर्धारित समय अवधि के अंदर पर्चा दाखिल या आवेदन पत्र को जिले के निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होता है | इसके बाद निर्वाचन कार्यालय के द्वारा प्रत्येक आवेदन कर्ता को एक चुनाव चिन्ह प्रदान किया जाता है |

अब सभी प्रत्याशी के द्वारा चुनाव प्रचार किया जाता है, यह चुनाव प्रचार निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार किया जाता है | इसके बाद निर्धारित तिथि को मतदान कराया जाता है, मतदान के पश्चात मतगणना की जाती है, जिस प्रत्याशी को अधिक मत प्राप्त होते है, उसे ग्राम प्रधान पद पर निर्वाचित किया जाता है | निर्वाचित सदस्य को निर्वाचन अधिकारी के द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है |

ग्राम पंचायत को शपथ (Gram Panchayat Sapath)
चुनाव जीतने के बाद ग्राम प्रधान और सभी सदस्यों को पीठासीन अधिकारी या ग्राम पंचायत सचिव के द्वारा शपथ ग्रहण कराई जाती है |

ग्राम प्रधान के कार्य (Gram Pradhan Work)
ग्राम पंचायत को विलेज कॉउंसलिंग के नाम से जाना जाता है, प्रत्येक गांव में (जहाँ एक हजार से अधिक जनसँख्या) एक ग्राम पंचायत का गठन किया जाता है, इसका अध्यक्ष ग्राम प्रधान होता है | इसका कार्यकाल 5 वर्ष का होता है |
गांव के विकास के लिए ग्राम पंचायत के द्वारा कई प्रकार के कार्यों का निष्पादन किया जाता है | इन कार्यों को करने में ग्राम प्रधान की मुख्य भूमिका होती है |
ग्राम पंचायत कृषि कार्य की रूप रेखा तैयार करती है और कृषि संबंधी व्यवधानों को अपने स्तर पर सही करने का प्रयास करती है |
गावं का चतुर्मुखी विकास करना एक ग्राम प्रधान की मुख्य जिम्मेदारी होती है | इसके लिए ग्राम प्रधान गावं के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करता है और उसमे आवश्यक चीजों की पूर्ति के लिए उच्च अधिकारियों से वार्तालाप करता है |
युवा कल्याण संबंधी कार्यों को कराना ग्राम प्रधान का एक प्रमुख कार्य है |
ग्राम प्रधान के द्वारा राजकीय नलकूपों की मरम्मत व रख रखाव किया जाता है |
ग्रामीण स्तर पर चिकित्सा और स्वास्थ्य संबंधी कार्य ग्राम प्रधान की सहमति के द्वारा कराया जाता है |
ग्राम पंचायत महिला एवं बाल विकास संबंधी कार्य को करती है |
पशु धन विकास संबंधी कार्य ग्राम प्रधान के द्वारा कराये जाते है |
समस्त प्रकार की पेंशन को स्वीकृत करने व वितरण करने का कार्य ग्राम पंचायत के माध्यम से ग्राम प्रधान करता है|
राशन की दुकान का आवंटन और निरस्तीकरण ग्राम पंचायत के द्वारा किया जाता है |
पंचायती राज्य संबंधी ग्राम स्तरीय कार्य ग्राम प्रधान के द्वारा कराया जाता है |
ग्राम पंचायत में जितनी भी कच्ची-पक्की सड़कों का निर्माण होता है, सभी ग्राम प्रधान को ही देखने होते हैं, साथ ही पानी निकासी के ड्रेनेज की भी व्यवस्था भी करनी होती है |
ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी होती है कि ग्रामीणों के पशुओं के पीने के पानी की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी होती है

ग्राम प्रधान के अधिकार (Gram Pradhan Ke Adhikar)
उत्तर प्रदेश में पंचायती राज एक्ट के अनुसार विकास की कार्य योजना तैयार करने के लिए हर ग्राम पंचायत में 6 समितियां गठित की जाती है, इन समिति में प्रशासनिक कार्य समिति, नियोजन कार्य समिति, निर्माण कार्य समिति, जल प्रबंधन समिति, चिकित्सा स्वास्थ्य समिति, शिक्षा समिति है | परन्तु वास्तविक रूप इन सभी का कार्य ग्राम प्रधान के द्वारा कराया जाता है |
एक ग्राम प्रधान के रूप में वह ग्रामसभा एवं ग्राम पंचायत की बैठक बुलाता है तथा इसकी कार्यवाही को नियंत्रित करता है |
ग्राम पंचायतों के लिए सरकार द्वारा निर्धारित विकास योजनाओं, निर्माण कार्य व अन्य कार्यक्रमों की जानकारी रखना तथा सम्बंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी लेकर ग्रामवासियों को बताना जिनसे वह इसका लाभ प्राप्त कर सके |

यहाँ पर हमनें आपको ग्राम प्रधान के विषय में जानकारी उपलब्ध करायी है, यदि इस जानकारी से सम्बन्धित आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्न आ रहा हैतो कमेंट बाक्स के माध्यम से पूँछ सकते है|

22/07/2020

Free Free Free

जी हां आपने सही पढ़ा
आपका ध्यान एक जरूरी बिंदु पर केन्द्रित करना चाहता हूं
हाल ही में एक खबर मेरठ जिले के पास के गांव से आए रही है जहां प्रधान पद के प्रत्याशी ने गांव में फ्री शराब बांटी जिसको पीने से 2 लोगों की मौत और अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है
खबर की सत्यता की पुष्टि नहीं है किन्तु
इसी संदर्भ में एक संदेश या प्रार्थना अपने जितने भी मित्र ग्रामीण क्षेत्र से हैं उनसे करना चाहता हूं
ग्राम प्रधान का चुनाव 5 वर्ष के लिए होता है जो कि लगभग सभी को पता होगा
चुनाव के दौरान सभी उम्मीदवार एड़ी चोटी का जोर लगाते हैं इसलिए नहीं कि ग्राम सेवा का जज्बा उनको प्रेरित करता है बल्कि जो लाखों की रकम प्रति वर्ष उनको ग्राम विकास कार्य करने के लिए मिलती है जिसका कुछ हिस्सा लगाकर बाकी बिना डकार के पचा जाते हैैं
सावधान रहे उन लोगों से को सिर्फ चुनाव के समय के दौरान दारू या पैसों का वितरण करते हैं बाकी समय प्रधानी के अंहकार में घूमते हैं
कुछ बिंदु जिनके बारे में स्वयं ग्राम प्रधान को भी ज्ञान नहीं होता
कृपया लिंक में देखें

12/07/2020

गांव का प्रधान शिक्षित व ईमानदार चुनना चाहिए।चुने हुए प्रधान को सबसे अधिक ध्यान बेसिक शिक्षा पर देना चाहिए।अगर प्रधान कर्मठ हों तो वो अपनी पंचायत के स्कूलों को ठीक कर , गरीब परिवार के बच्चों को डॉक्टर और इंजीनियर बनने में मदद कर सकते हैं। लेकिन अधिकांश प्रधान गली -नाली निर्माण तक सीमित होकर कार्यकाल व्यतीत कर लेते हैं। प्रधान चुनते वक्त जनता को प्रत्याशियों के जलपान से बचना चाहिए। जिससे प्रत्याशियों का अपव्यय न हो और चुनने के बाद वो 99 के फेर में न पड़ें ..........तो आइए इस बार संकल्प लें कि अपनी- अपनी पँचायत में ऐसा प्रधान चुनेंगे जो शिक्षा व स्वास्थ्य तथा महिलाओं के मुद्दों पर सबसे अधिक कार्य करे।।
#शिक्षा स्वर्ग तक की उड़ान में पंख के समान होती है!!!

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