12/06/2026
⚠️ इंजीनियरिंग विभाग के साथियों के लिए एक जरूरी संदेश: क्या हम खुद ही अपनी बर्बादी के जिम्मेदार हैं?
साथियों, मैं विकास कुमार यादव (इंजीनियरिंग विभाग, मध्य रेलवे, मुंबई) आप सभी से एक कड़वा सच साझा करना चाहता हूँ। जो लोग मेरी वीडियो या पोस्ट को बिना पूरा देखे या बिना पढ़े ही कमेंट कर देते हैं, कृपया पहले बात को गहराई से समझें।
निजीकरण का असली सच क्या है?
आज इंजीनियरिंग विभाग में 70% से ज्यादा काम ठेकेदारों (Contractors) के हाथों में चला गया है। इसके लिए क्या सिर्फ अधिकारी जिम्मेदार हैं? नहीं! सच तो यह है कि इसका बड़ा हिस्सा हम खुद हैं।
पढ़े-लिखे होने का 'अहंकार' और काम से 'फरारी':
रेलवे में जब 'ग्रुप डी' (Group D) की वैकेंसी निकलती है, तो उसमें साफ लिखा होता है कि यह 10वीं पास के लिए है। लेकिन आज बीटेक, एमटेक और ग्रेजुएशन करने वाले लोग यहाँ आ रहे हैं और फिर रोना रोते हैं कि "हम यह काम नहीं करेंगे"। भाई, जब तुमने फॉर्म ही उस पद के लिए भरा है जहाँ ट्रैक मेंटेनेंस का काम मुख्य है, तो फिर काम से जी क्यों चुराते हो? अगर काम नहीं करोगे, तो मजबूरन रेलवे ठेकेदारों को तो बुलाएगी ही।
क्या हम गुलाम हैं?
रेलवे ने हमें ऑफिस में बाबूगिरी करने, बंगलों पर चाकरी करने, स्टोर्स में फाइलें ढोने, ट्रॉलीमैन बनने या किसी अधिकारी की 'चमचागिरी' करने के लिए भर्ती नहीं किया था! हमारी असली जगह ट्रैक है।
आस्तीन के सांपों से सावधान:
हमारे बीच ही 10% ऐसे लोग हैं, जो खुद तो काम नहीं करते, लेकिन ऑफिस में जाकर बाकी 90% मेहनतकश ट्रैक मेंटेनर्स की बुराइयाँ करते हैं। ये लोग सिर्फ अपना 'काम' निकालने के लिए पूरे डिपार्टमेंट को बदनाम कर रहे हैं और इन्हीं की वजह से बाकी कर्मचारियों का शोषण हो रहा है।
अंतिम चेतावनी:
अगर आज भी नहीं सुधरे, तो आने वाले समय में रेलवे में अपनी नौकरी बचा पाना नामुमकिन होगा। 90% काम पहले ही प्राइवेट हाथों में जा चुका है।
सभी ट्रैक मेंटेनर्स से मेरी विनती है:
अपने पद की गरिमा और जिम्मेदारी को समझिए।
अफसरों की चाकरी छोड़कर अपने सेक्शन में आकर काम संभालिए।
अपनी मेहनत से विभाग को मजबूत कीजिए, ताकि किसी ठेकेदार की जरूरत न पड़े।
इस पोस्ट को इतना शेयर करो कि वो 'नीच मानसिकता' वाले लोग भी इसे पढ़ें और उन्हें अपनी हरकत पर शर्मिंदगी महसूस हो। काम करो, तो डटकर करो, वरना इज्जत की रोटी भी नसीब नहीं होगी!
आपका साथी,
विकास कुमार यादव
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