19/09/2026
राधा अष्टमी — प्रेम और भक्ति का पावन पर्व
राधा अष्टमी भगवान श्रीकृष्ण की परम प्रिय श्री राधारानी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाई जाती है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को यह पावन पर्व आता है। वर्ष 2026 में राधा अष्टमी 19 सितंबर, शनिवार को मनाई जा रही है।
श्री राधारानी को प्रेम, करुणा, समर्पण और भक्ति की स्वरूप माना जाता है। श्रीकृष्ण की भक्ति में राधा नाम का विशेष महत्व बताया गया है। भक्तों के लिए राधारानी केवल आराध्य ही नहीं, बल्कि प्रेम और भक्ति के उस भाव की प्रतीक हैं जिसमें कोई स्वार्थ नहीं होता।
राधा अष्टमी के दिन भक्त प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं, राधारानी की पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत रखते हैं। दोपहर के समय राधारानी की विशेष पूजा का विधान बताया गया है।
ब्रजभूमि में राधा अष्टमी का उत्सव विशेष श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। बरसाना में श्री राधारानी के मंदिर में विशेष पूजा, अभिषेक और दर्शन का आयोजन होता है।
राधारानी हमें सिखाती हैं कि सच्ची भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। प्रेम, दया, करुणा, विनम्रता और दूसरों के प्रति सम्मान भी भक्ति का ही रूप हैं।
इस पावन राधा अष्टमी पर आइए हम अपने मन में प्रेम और भक्ति का दीप जलाएँ और श्री राधारानी से प्रार्थना करें—
“हे श्री राधारानी, हमारे मन से अहंकार और नकारात्मकता दूर करें। हमारे जीवन में प्रेम, शांति, करुणा और भक्ति का प्रकाश भर दें। हमें सदैव सही मार्ग पर चलने की शक्ति दें।”
राधे राधे! 🌸
जय श्री राधे! 🙏