03/09/2024
स्त्री को सब कुछ करने की स्वतंत्रता है लेकिन उस स्वतंत्रता के अर्थ को बर्बाद करने का कोई अधिकार नहीं है।
हालाकि बॉलीवुड किसी प्रकार का मनोरंजन का साधन नही है बस यह कह लीजिए खुलेआम चलता- फिरता देह व्यापार है।
दूसरी बात मातृत्व सुख अंदर से प्राप्त होता है,
जिसे दिखावे की आवश्कता नही हैं।
इनके ये दिखाने से कोई समाज का भला नहीं होने वाला।
वाहियात तस्वीर समाज में गंदगी फैला रही है,यदि स्त्री गर्भवती है तो उसे समाज में ढिढोरा पीट कर बताने की अवश्यकता नही होती।
दादी नानी अम्मा कहा करती है की गर्भवती स्त्री का पेट नही दिखना चाहिए यह सही नही होता।लेकिन आज की लड़कियों को तो मार्डन बनना है। उससे दादी नानी की सोच को ढकियानुसी बता दिया जायेगा।मैं ऐसी लड़कियों के साथ साथ उन तमाम स्त्रियों,बॉलीवुड की अभिनेत्रियों से पूछना चाहती हूं की आपकी नग्नता कहा तक आकर खत्म होगी?
मातृत्व सुख पाने वाली स्त्री पूजनीय है,उसके चेहरे का सौंदर्य उसकी आभा पूरे घर को सकारात्मक ऊर्जा से भर देती है। पति पहले से अधिक खयाल रखने लगता हैं। परिवार में सास ससुर अपना और अपने बेटे का बचपना देखने लगते है,ननद बच्चे में अपना छोटा भाई,या बहन देखने लगती है। खुशियों की चाभी होता है बच्चा।
परन्तु ऐसी नग्नता? देखकर शर्म आए, भारतीय स्त्रियों ने अपनी लोक लाज के लिए जौहर तक दे दिया था परंतु आज की प्रतिभाशाली,नई विचार रखने वाली स्त्रियां जिनसे खुद का न तो घर संभाला जा रहा है न संस्कृति, न सभ्यता। तो हमारा आज यह हाल नही हुआ होता। आए दिन बच्चियों के साथ होते दुष्कर्म का दोषी कौन है? क्या केवल पुरुष या लड़के को ही शिक्षित होने या करने की जरूरत है,लड़कियां खुले आम घर हो या बाहर बेढंगा कपड़ा पहन घूमती है। जिन्हे लगता है की कपड़ों से कुछ नही होता यह उनकी चॉइस है तो वो गलत है। कपड़ों से ही हमारा व्यक्तित्व झलकता है। शर्मशार करते कपड़े केवल पुरुषों को ही नहीं महिलाओं को भी सर नीचा करने पर मजबूर करते है।
आज कल का फैशन और एक नेरेटिब है my body my choice तो इसे आप घर तक सीमित रखें। यह समाज में सभ्य लोग भी रहते है जो नग्नता देखने बाहर नहीं निकलते।
©® पायल
Women have the freedom to make choices, but misusing that freedom can be detrimental. The display of nudity in public is inappropriate and can have negative societal implications. Maternity is a natural process that brings joy and positivity to a family, but explicit displays of it can be considered indecent. The idea of 'my body, my choice' should be exercised responsibly, considering the societal norms and values. The recent surge in fashion trends and the concept of 'my body, my choice' can be seen as a deviation from traditional values, and its implications on society should be carefully evaluated.
©® Payal