12/02/2024
पोस्ट तो बहुत बड़ा है लेकिन आप सभी को इस आशय से की अपने कीमती समय में से 5 मिनट निकालकर इस पोस्ट को जरूर से जरूर पढ़ें।
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मित्रों नमस्कार 🙏🙏🙏🙏🙏जैसा कि आप सभी पूर्णतः अवगत हो चुके है की लंबे सँघर्ष व अथक प्रयास के बाद आयुर्वेद फार्मासिस्टो की 1002 पदों पर विज्ञापन जारी हो चुका है जिसके लिए PET अनिवार्य है उक्त पद के लिए आवेदन 12 फरवरी से प्रारंभ होना सुनिश्चित हैं। 1002 पद पर विज्ञापन जारी होना कोई मामूली बात नहीं है यदि यह आंकड़ा देखा जाए तो पूरे भारत वर्ष में सबसे अधिक संख्या में आयुर्वेद फार्मासिस्ट की वैकेंसी आई है यह अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है साथ ही पहली बार ऐसा देखने को मिला है, यह एक कीर्तिमान स्थापित हुआ है, यह ऐतिहासिक है।
इसी बीच यह भी अवगत होंगे कि PET को लेकर आपस में चर्चा का विषय बना हुआ है, हमारे कुछ भाई-बन्धु PET परीक्षा में प्रतिभाग किये हुए है किंतु बहुत से भाई-बन्धु PET नहीं दिए है, हमारी संवेदनाएं आपके साथ है, जिनका 15 से अधिक अलग-अलग समूह कोर्ट जाने के लिए आनन-फानन में अलग-अलग समूह बनाया गया है और 1000 से 2000 तक प्रति व्यक्ति PET से मुक्त कराने हेतु कोर्ट में सरण लेने की बात सामने आ रही है, जिसे देखते हुए संगठन का एक सक्रिय साथी होने के नाते आप सभी को बताना चाहूंगा कि PET को लेकर कोर्ट-कचहरी जाने का कोई फायदा नहीं है इससे केवल पैसा व समय की बर्बादी ही होगी। आप समस्त अलग-अलग समूह इस सम्बंध में प्रयास कर रहे है यह यह अच्छी बात है आप कोर्ट जाए मैं इसका बिल्कुल भी विरोध नहीं कर रहा हूँ। लेकिन इसी बीच कुछ भाई बंधुओं का प्रस्ताव आया है कि विकास त्रिपाठी जी यदि आप इस मुद्दे पर हम सभी NON PET वालो का साथ व समर्थन दे तो सायद ही कुछ हल निकल सकता है लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूँ कि यह कहाँ तक सही होगा यदि मैं आपका साथ दूँगा तो जो PET दे चुके है मैं उनका विरोधी हो जाऊंगा। भर्ती के लिए ही मैं लड़ाई लड़ रहा था जिसका परिणाम आप सभी के सामने है। हमारे द्वारा ही ना जाने कितनी बार समिति के सभी समूह में बारम्बार सूचना के तौर पर अवगत कराया गया था कि कृपया आप सभी अपने कीमती समय में से कुछ समय निकालकर PET का आवेदन सुनिश्चित करें यही नहीं जब PET की अंतिम तारीख थी उस दिन भी अवगत कराया गया था कि आज PET आवेदन की अंतिम तारीख है यदि कोई भाई बन्धु आवेदन न किया हो तो अविलम्ब आवेदन जरूर से जरूर करें। यह बात व्हाट्सएप स्टेटस के माध्यम से भी अवगत कराया गया था उसके बावजूद भी इसी समिति के बहुत से भाई बन्धु PET का आवेदन करने से रह गए यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण रहा। बहुत से भाई बन्धु तो मेरे इस स्टेटस व पोस्ट पर हस रहे थे कि तुम दुनिया भर के लोगो को ठीका ले रखे हो क्या, उस समय यह मजाक लग रहा था। अब इसमें आप किसको गलत कहेंगे सरकार के नियम की या अपनी स्वयं की गलती।
अतः आप सभी से आग्रह है कृपया हमें इस धर्म युद्ध में मत डाले। आपकी महान कृपा होगी। क्योंकि मैं बहुत अच्छे से जानता हूँ इसका नतीजा शून्य ही होगा। यदि आप आगे के इतिहास को देखेंगे तो इस सम्बंध में सफलता किसी को नहीं मिली है उदाहरण के तौर पर आप UPSSSC ANM, नेत्र परीक्षण अधिकारी, X-Ray टेक्नीशियन की भर्ती देख ले उनके लाख कोशिस के बावजूद भी कोर्ट ने इनका मुद्दा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उत्तर प्ररेश सरकार का नियम है कि यदि समूह-ग व समूह-घ की कोई भी भर्ती होती है तो उसके लिए PET प्रारंभिक अर्हता परीक्षा देना अनिवार्य है उसके बाद ही आप किसी पद के लिए मेंस मुख्य परीक्षा में सम्मिलित हो सकते है। आप यह जानते हुए की ANM के डेढ़ लाख अभ्यर्थियों द्वारा PET को हटाने के सम्बंध में धरना भी दे चुके है यही नहीं कोर्ट भी जा चुके है इतनी भारी संख्या में कोर्ट जाने के बावजूद भी इनका मामला खारिज हो गया। यह अड़ियल सरकार अपने फैसले व नियम से इनके लिए भी नहीं पलटी जोकि इतनी संख्या बल में बहुत से वोटर है और आयुर्वेद फार्मासिस्ट की संख्या ANM के सामने कुछ भी नहीं है। लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि आयुर्वेद फार्मासिस्ट टेक्निकल पोस्ट है और टेक्निकल अभ्यर्थियों का स्पेशल सब्जेक्ट उनका सम्बंधित विषय होता है उनकी पकड़ उनके स्पेशल सब्जेक्ट पर होती है, यह लेखपाल, VDO जैसे ओपन पोस्ट नहीं भर्ती नहीं है जिनपर आपको PET की आवश्यकता हो सरकार को चाहिए कि टेक्निकल वैकेंसी के लिए PET मुक्त करना चाहिए लेकिन इस पर कोई नियम कानून तय करना, मानदंड तय करना सरकार के ऊपर निर्भर करता है यह अपना विषय नहीं है हम इसपर कर ही क्या सकते है।
यही नहीं हमारे सम्मानित सुपर निनियर वरिष्ठ साथी अपना समूह बनाकर 2-3 गुटों में बैचवाइज व मेरिटवाइज को लेकर कोर्ट गए थे उनका भी मामला खारिज हो गया, क्योंकि UPSSSC का गठन ही इसीलिए किया गया था कि 2014-16 से यदि समूह-ग व समूह-घ की कोई भी भर्ती होगी तो वह लिखित परीक्षा के आधार पर आयोग से होगी। सरकार का उद्देश्य था कि सभी को एक साथ परीक्षा में प्रतिभाग, सम्मिलित होने का मौका दिया जाए किसी को अपने बारी का इंतजार न करना पड़े बल्कि अपने को उस प्रतिभा को साबित करके उस पद तक पहुचने का मौका दिया जाए। और आगे चलकर PET भी लागू कर दिया गया।
इन सभी का आकलन करने के बाद मेरी आपसे सलाह है कि कोर्ट कचहरी के चक्कर से कुछ हासिल होने वाला नहीं है, बाकी आप स्वतंत्र है प्रयास जारी रखे हमारी शुभकामनाएं आपके साथ है।
रही बात OBC आरक्षण के सम्बंध में तो आपको बता दे कि बहुत से अधिकारी गणों से वार्ता के क्रम में बताया गया कि जब कभी पदों का सृजन होता तब उस दशा में कुल पद में से OBC आरक्षण के 27% सीटो का आवंटन किया जाता है किंतु यह सृजित पद नहीं बल्कि रिक्त पद है इसमें जितनी भी OBC की पद रिक्त है वही निकाली गई है, बाकी अधिक जानकारी के लिए शासन-प्रशासन, विभाग व आयोग के उच्चाधिकारी गणों से सम्पर्क सुनिश्चित करें। त्रुटि हो सकती है यदि है तो, उसके संसोधन के लिए अपील करें। अगर प्रत्यावेदन स्वीकार कर लिया जता है तो ठीक अन्यथा उसके बाद ही कोर्ट में शरण ले तो ही बेहतर हैं।
कुछ भाई बन्धु PET देते हुए भी ओवर ऐज हो गए है यदि वो प्रयास करें तो सायद ही सरकार व आयोग या सरकार के किसी गठित टीम- समिति के सिफारिश व उनके फैसले पर आयु शिथिलीकरण मुद्दे को संज्ञानित कर ले, इस जगह कुछ राहत मिलने की सम्भवना जरूर हो सकती। कृपया अपनी आवाज अवश्य उठाये, इसपर आप मांग कर सकते हैं।
फिर भी मैं आप सभी को इस बात का भरोसा दिलाता हूँ कि यह भले ही 1002 दो पद की वैकेंसी निकली है लेकिन यह पूरा भरेगी नहीं क्योंकि हमारा अनुमान है कि अधिकतम 1700 से 2100 लोग ही PET दिए हैं जो इस पोस्ट के लिए आवेदन कर सकते है बाकी आपको तो पता ही है यह UPSSSC आयोग है ये अपना cutoff निर्धारित करने के लिए पूर्ण स्वतंत्र हैं जनरल का 45-50% मान कर चलो बाकी का इससे नीचे। यदि यही सिलसिला रहा तो आप खुद सोचो कि पूरी सीटे कैसे भर पाएगी हमारा अनुमान है कि लगभग 300-350 सीटे इसमें भी रिक्त होंगी जिसपर मैं आपको पूरा भरोसा दिलाता हूँ जितनी भी रिक्त पद बचेंगी उसको भराने हेतु निरन्तर सँघर्ष करता रहूंगा। कभी-कभी यह भी देखा गया है कि आयोग को पूर्ण अधिकार होता है cutoff डाउन करने का अगर डाउन की तो रिक्तियां कम बचेंगी और अगर नहीं तो रिक्त पद भी भर्ती जरूर से जरूर होंगी। यही नहीं 2027 तक तो 500 सीटे और भी रिक्त होने की संभावना है। वेसे आपको तो पता ही है इस विभाग में फार्मासिस्टो की सेवा नियमावली न होने की वजह से भर्ती नहीं हो रही थी लेकिन अब तो सेवा नियमावली भी बन गई है अब आयोग से निरन्तर रिक्तियों का आदान-प्रदान होता रहेगा जिस प्रकार डॉक्टर्स का होता आया है 3 वर्ष के भीतर 3 बार उनकी भर्ती आ चुकी है इसी तरह फार्मासिस्ट की भी वैकेंसी आएगी।
मैं PET इस सम्बंध में बहुत प्रयास किया बहुत से उच्चाधिकारियों से व वकीलों से सम्पर्क स्थापित किया मगर दुर्भाग्य इसका कोई विकल्प फिलहाल नहीं मिल सका। इसी वजह से एक सूचना के तौर पर यह पोस्ट करने हेतु बाध्य हूँ। हमारी ऐसी कोई मंशा नहीं थी जिससे हमारे किसी भी भाई बन्धु की अंतरात्मा को ठेश पहुँचे व आहत हो। इस संगठन से लंबे समय से जुड़े होने के नाते यह पोस्ट किया हूँ यदि इसके बाद भी यदि हमसे कोई भी गलती हुई हो तो क्षमाप्रार्थी हूँ।
धन्यवाद!!
(विकास कुमार त्रिपाठी, जिला-बस्ती)
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