Public Rights News

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30/05/2026

इतने मास्टर स्ट्रोक मारेंगे कब तक?
कहीं जनता को हार्ट स्ट्रोक न पड़ जाए!
बिजली फिर महंगी हो गई है,
और इसे भी शायद एक नया मास्टर स्ट्रोक बताया जाएगा।

21/05/2026

आज के दौर में सोशल मीडिया किसी भी व्यक्ति, विचार या अभियान को रातों-रात चर्चा का विषय बना सकता है। लाखों लाइक, शेयर और कमेंट देखकर ऐसा लगता है मानो कोई बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो गया हो। लेकिन इतिहास गवाह है कि केवल ऑनलाइन लोकप्रियता और वास्तविक सामाजिक प्रभाव में बहुत बड़ा अंतर होता है।
कच्चा बादाम के भुवन, रानू मंडल, मोहम्मद दीपक और ऐसे अनेक नाम कुछ समय के लिए सोशल मीडिया पर छा गए थे। उनकी चर्चा हर जगह थी, लोग वीडियो बना रहे थे, मीडिया कवरेज मिल रही थी, लेकिन समय बीतने के साथ वही भीड़ किसी नए विषय की ओर बढ़ गई। जो कल ट्रेंड था, वह आज याद भी नहीं किया जाता।
यही स्थिति उन अभियानों की भी हो सकती है जो केवल ऑनलाइन दुनिया तक सीमित रहते हैं। यदि किसी आंदोलन, संगठन या विचार की जड़ें जमीन पर नहीं हैं, यदि वह लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को नहीं समझता, उनके साथ खड़ा नहीं होता, तो उसकी चमक भी अक्सर क्षणिक साबित होती है।
सोशल मीडिया जागरूकता का एक शक्तिशाली माध्यम है, लेकिन वह अंतिम लक्ष्य नहीं है। वास्तविक परिवर्तन तब आता है जब ऑनलाइन समर्थन, जमीनी कार्यों में बदलता है। जब लोग केवल पोस्ट साझा करने के बजाय समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
किसी भी अभियान की सफलता उसके ट्रेंड होने से नहीं, बल्कि उसके स्थायी प्रभाव से मापी जानी चाहिए। अगर कोई मुहिम केवल स्क्रीन तक सीमित है, तो समय के साथ उसका उत्साह भी कम हो सकता है। लेकिन जो अभियान लोगों के जीवन से जुड़ता है, समस्याओं के समाधान का प्रयास करता है और समाज में वास्तविक उपस्थिति दर्ज कराता है, वही लंबे समय तक याद रखा जाता है।
इसलिए यह समझना आवश्यक है कि केवल ऑनलाइन शोर से इतिहास नहीं बनता। इतिहास उन लोगों और आंदोलनों को याद रखता है जो डिजिटल दुनिया से निकलकर समाज की धरातल पर बदलाव की इबारत लिखते हैं। चर्चा क्षणिक हो सकती है, लेकिन कर्म और जनसेवा की पहचान स्थायी होती है।

अजीब सा खेल चल रहा हैं
21/05/2026

अजीब सा खेल चल रहा हैं

15/05/2026
14/05/2026
26/02/2026

तकरोही चौकी पर पीस कमेटी की बैठक, शांति से त्योहार मनाने की अपील

सनी शाह / लखनऊ के थाना इंदिरा नगर क्षेत्र अंतर्गत तकरोही चौकी पर आगामी त्योहारों को लेकर पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के विभिन्न समुदायों के गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैठक में इंस्पेक्टर अजय नारायण सिंह मौजूद रहे, जबकि तकरोही चौकी प्रभारी आनंद कुमार मिश्रा ने बैठक का संचालन किया।
पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने, आपस में मेलजोल बढ़ाने तथा शांतिपूर्ण ढंग से त्योहार मनाने की अपील की। साथ ही किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत पुलिस को देने की बात कही गई।
बैठक में शामिल लोगों ने पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया।

26/02/2026
26/02/2026

पीएम मोदी ने इजरायली कंपनियों को भारत में निवेश और मैन्युफैक्चरिंग के लिए किया आमंत्रित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली कंपनियों को भारत में निवेश करने, मैन्युफैक्चरिंग स्थापित करने और तकनीकी साझेदारी बढ़ाने के अवसर तलाशने का निमंत्रण दिया। इसकी जानकारी गुरुवार को दी गई।

पीएम मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ यहां विभिन्न क्षेत्रों में इजरायल की अग्रणी तकनीकों को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी का दौरा किया। इस प्रदर्शनी में एग्री-टेक, वॉटर-टेक, क्लाइमेट-टेक, हेल्थ-बायोटेक, स्मार्ट मोबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा और क्वांटम तकनीक जैसे क्षेत्रों की नवीन खोजें शामिल थीं।

नवोन्मेषकों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रदर्शित अत्याधुनिक तकनीकों में भारत-इजरायल नवाचार, स्टार्टअप और व्यापार साझेदारी को नई ऊंचाई देने की अपार क्षमता है। खासकर कृषि, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवा और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं।

दोनों देश “इंडिया-इजरायल इनोवेशन ब्रिज” पहल के तहत आधुनिक चुनौतियों का समाधान विकसित करने के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों, टेक उद्यमियों और कई कंपनियों के सीईओ से बातचीत की। उन्हें क्वांटम मशीन ने इजरायली क्वांटम कंप्यूटिंग सेंटर (आईक्यूसीसी) के बारे में जानकारी दी, जबकि क्लासीक कंपनी ने बताया कि वह क्वांटम सॉफ्टवेयर विकास को कैसे आसान बना रही है।

आधिकारिक बयान के अनुसार, एआईएसएपी नामक स्टार्टअप ने अपनी एआई आधारित पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड तकनीक का प्रदर्शन किया, जो तुरंत जांच और मार्गदर्शन प्रदान करती है।

इजरायल के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के होराइजन स्कैनिंग डिवीजन ने “टेक स्काउट” नामक एआई टूल पेश किया, जो रणनीतिक जोखिमों की पहचान और रुझानों के विश्लेषण में मदद करता है। टेक कंपनी मोबाइलआई ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए अपने सेंसर और चिप तकनीक का प्रदर्शन किया। वहीं, चेक प्वाइंट सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज ने उन्नत साइबर सुरक्षा समाधानों और भारत में अपने सहयोग पर प्रकाश डाला।

वाटरजेन ने हवा से पीने योग्य पानी बनाने की तकनीक दिखाई, जबकि एन-ड्रिप ने गुरुत्वाकर्षण आधारित माइक्रो-इरिगेशन सिस्टम पेश किया। नेचुरल ऑफसेट फार्मिंग (एनओएफ) ने बिना बिजली के फसल कटाई के बाद खाद्य नुकसान कम करने के समाधान प्रदर्शित किए।

इसके अलावा, रेमिल्क ने लैब में तैयार दूध प्रोटीन के लिए प्रिसिजन फर्मेंटेशन तकनीक दिखाई, और बारएल्गी ने मशीन लर्निंग आधारित माइक्रोएल्गी उत्पादन प्रणाली प्रस्तुत की।

मायनोरा बायो ने विशेष बायो-कन्वर्जन एडिटिव्स के जरिए प्लास्टिक कचरा प्रबंधन का प्रदर्शन किया। जियोफिजिकल इंस्टीट्यूट (जीआईआई) ने खनिज संसाधनों के आकलन के लिए हाई-रिजॉल्यूशन मॉडलिंग का प्रदर्शन किया। इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने अपने छोटे संचार उपग्रहों और एकीकृत सिंथेटिक एपर्चर रडार तकनीक को प्रदर्शित किया। (इनपुट-आईएएनएस)

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