Reg. Brahman Sabha Lalru

Reg. Brahman Sabha Lalru ਬ੍ਰਾਹਮਣ ਸਭਾ ਦਾ ਮੁੱਖ ਮਕਸਦ ਪਿੰਡ, ਸਮਾਜ ਅਤੇ ਨੌਜਵਾਨ ਪੀੜ੍ਹੀ ਦੀ ਭਲਾਈ, ਸ਼ਕਤੀਕਰਨ ਅਤੇ ਸੰਸਕਾਰਾਂ ਦੀ ਸੰਭਾਲ ਕਰਨਾ ਹੈ।

Deeply saddened by the untimely demise of the versatile artist,   ji. His soulful voice and unique style left an indelib...
08/10/2025

Deeply saddened by the untimely demise of the versatile artist, ji. His soulful voice and unique style left an indelible mark on Punjabi music. Brahman Sabha Lalru extends heartfelt condolences to his family, friends, and fans. May his soul rest in peace. 🙏

07/10/2025

बस स्टैंड चाहिए! Lalru की पुकार!
​Lalru के लोगों की परेशानी अब और नहीं! 🚌 ब्राह्मण सभा लालरु ने बस स्टैंड न होने की समस्या को लेकर सभी मंत्रियों, सचिवों और जनरल मैनेजर को पत्र लिख दिया है। हमने सरकारी दरवाज़े तक अपनी आवाज़ पहुंचा दी है।
​हमारी आप सब से विनती है: इस ज़रूरी काम में हमारे साथ जुड़ें! 🤝
​आइये, इस साझा मकसद (Common Cause) को पहचानें और मिल-जुलकर अपने गाँव/कस्बे को बेहतर बनाएं। एक साथ मिलकर, हम बदलाव ला सकते हैं!

04/10/2025

ਲਾਲੜੂ ਦੇ ਹਾਲਾਤ:
​ਬ੍ਰਾਹਮਣ ਸਭਾ, ਲਾਲੜੂ ਵੱਲੋਂ ਸਮੂਹ ਨਗਰ ਨਿਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਜ਼ਰੂਰੀ ਅਪੀਲ।
​ਸਾਡੇ ਰੇਲਵੇ ਅੰਡਰਪਾਸ ਦਾ ਮੁੱਦਾ ਹੁਣ ਸਿਰਫ਼ ਮੀਂਹ ਦਾ ਮੁੱਦਾ ਨਹੀਂ ਰਿਹਾ!
​ਕੀ ਤੁਸੀਂ ਜਾਣਦੇ ਹੋ? ਬਾਰਿਸ਼ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਮੀਂਹ ਨਾ ਪੈਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਵੀ ਅੰਡਰਪਾਸ ਵਿੱਚ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਪਾਣੀ ਭਰਿਆ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ! ਇਸ ਦਾ ਮਤਲਬ ਹੈ ਕਿ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਨਾਲੀ ਪ੍ਰਬੰਧ (Drainage System) ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਫੇਲ੍ਹ ਹੋ ਚੁੱਕਾ ਹੈ।
​🚗 ਸਕੂਲ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਬੱਚੇ, ਕੰਮ 'ਤੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕ... ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਇਸ ਨਾਲ ਭਾਰੀ ਪ੍ਰੇਸ਼ਾਨੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ।
​🩺 ਐਮਰਜੈਂਸੀ ਵਿੱਚ ਐਂਬੂਲੈਂਸਾਂ ਅਤੇ ਜ਼ਰੂਰੀ ਸੇਵਾਵਾਂ ਲਈ ਰਸਤਾ ਬੰਦ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ।
​ਬ੍ਰਾਹਮਣ ਸਭਾ ਨੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਨੂੰ ਸਥਾਈ ਹੱਲ ਲਈ ਲਿਖਤੀ ਪੱਤਰ ਭੇਜ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਪਰ, ਇੱਕਲਾ ਬੰਦਾ ਕੁਝ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦਾ!
​🙏 ਆਓ, ਅਸੀਂ ਸਾਰੇ ਮਿਲ ਕੇ ਇਸ ਅੰਨ੍ਹੇ ਵਾਅਦੇ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਬਣੀਏ!
​ਅੱਜ ਵੇਲਾ ਹੈ ਕਿ ਅਸੀਂ ਸਿਰਫ਼ ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਨਾ ਕਰੀਏ, ਸਗੋਂ ਹੱਲ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਬਣੀਏ।
​ਲਾਲੜੂ ਦੇ ਭਵਿੱਖ ਲਈ, ਸਾਰੇ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਦੀ ਏਕਤਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ। ਸਾਨੂੰ ਦਿਖਾਉਣਾ ਪਵੇਗਾ ਕਿ ਅਸੀਂ ਜਾਗਰੂਕ ਹਾਂ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਹੱਕਾਂ ਲਈ ਲੜ ਸਕਦੇ ਹਾਂ।
​👉 ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਕਮੈਂਟ ਕਰੋ: ਤੁਹਾਡੇ ਇਲਾਕੇ ਦੇ 3 ਜ਼ਰੂਰੀ ਮੁੱਦੇ ਕਿਹੜੇ ਹਨ? (ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਟੁੱਟੀਆਂ ਸੜਕਾਂ, ਸਫ਼ਾਈ, ਸਟ੍ਰੀਟ ਲਾਈਟਾਂ)
​ਆਪਣੀ ਆਵਾਜ਼ ਬੁਲੰਦ ਕਰੋ! ਸਾਂਝੇ ਮੁੱਦਿਆਂ 'ਤੇ ਇਕੱਠੇ ਹੋਵੋ!
​ #ਏਕਤਾ



शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को नमन​​नमन है उस महान क्रांतिकारी को, जिसकी आवाज़ आज भी हमारे दिलों में गूँजती है! 🇮🇳​आज, 27 सितंबर...
27/09/2025

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को नमन

​नमन है उस महान क्रांतिकारी को, जिसकी आवाज़ आज भी हमारे दिलों में गूँजती है! 🇮🇳
​आज, 27 सितंबर को, हम शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जयंती मना रहे हैं। एक ऐसा नाम जो वीरता, बलिदान और देशप्रेम का पर्याय है।
​भगत सिंह: एक संक्षिप्त परिचय
​जन्म: 27 सितंबर, 1907 को अविभाजित पंजाब के बंगा गाँव में।
​कौन थे वे?
भगत सिंह केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक विचार थे। 23 वर्ष की अल्पायु में ही देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने वाले इस युवा क्रांतिकारी ने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी।
​क्यों याद करते हैं हम उन्हें?
उन्होंने भारत की आज़ादी के लिए न केवल संघर्ष किया, बल्कि अपने क्रांतिकारी विचारों से युवाओं को जगाया। उनका मानना था कि आज़ादी सिर्फ सरकार बदलने से नहीं, बल्कि एक नए, समतावादी समाज के निर्माण से आएगी।
​"इंकलाब ज़िंदाबाद!" का नारा देने वाले भगत सिंह ने केंद्रीय असेंबली में बम फेंक कर बहरे कानों तक अपनी आवाज़ पहुंचाई।
​उन्होंने सिखाया कि क्रांति का अर्थ केवल बम और पिस्तौल नहीं, बल्कि विचारों का इंकलाब है।
​उनके बलिदान ने अनगिनत युवाओं को देश के लिए लड़ने की प्रेरणा दी।
​आज हम इस महान शहीद को नमन करते हैं और उनके आदर्शों तथा देश प्रेम की भावना को आत्मसात करने का संकल्प लेते हैं। आओ, हम सब मिलकर उनके सपनों का भारत बनाएं।

सनातन धर्म में, पीपल के पेड़ को देवता और पवित्र माना जाता है, जिसका गहरा आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। इसे 'अश्वत्थ ...
24/09/2025

सनातन धर्म में, पीपल के पेड़ को देवता और पवित्र माना जाता है, जिसका गहरा आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। इसे 'अश्वत्थ वृक्ष' भी कहते हैं।
​धार्मिक महत्व 🕉️
1. देवताओं का वास: माना जाता है कि पीपल के पेड़ की जड़ों में ब्रह्मा, तने में विष्णु और पत्तियों में शिव निवास करते हैं। इसी कारण इसे त्रिमूर्ति का प्रतीक माना जाता है।
2. ​पीढ़ी-दर-पीढ़ी पूजा: पीपल की पूजा सदियों से की जाती रही है, खासकर शनिवार को। इसकी परिक्रमा करने और जल चढ़ाने से ग्रहों की शांति और सुख-समृद्धि मिलती है।
3. बुद्धत्व की प्राप्ति: गौतम बुद्ध को इसी पेड़ के नीचे ज्ञान (बोधि) की प्राप्ति हुई थी, इसलिए इसे बोधि वृक्ष के नाम से भी जाना जाता है।

​वैज्ञानिक महत्व 🔬

​ऑक्सीजन का उत्पादन: पीपल एकमात्र ऐसा पेड़ है जो 24 घंटे ऑक्सीजन छोड़ता है, जबकि अधिकांश पेड़ रात में कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। यह इसे पर्यावरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण बनाता है।
​औषधीय गुण: पीपल के पत्तों, छाल और फल का उपयोग कई आयुर्वेदिक औषधियों में किया जाता है। यह अस्थमा, कब्ज, घावों और त्वचा रोगों के इलाज में सहायक है।
​पारिस्थितिक संतुलन: यह पेड़ कई प्रकार के पक्षियों और जानवरों को आश्रय देता है, जिससे जैव विविधता बनी रहती है।
​इन धार्मिक और वैज्ञानिक कारणों से, पीपल को काटना पाप माना जाता है और इसे जीवन, अध्यात्म और पर्यावरण का प्रतीक माना जाता है।
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जय माता दी! 🙏 आज नवरात्रि का तीसरा दिन: माँ चंद्रघंटा का आशीर्वाद! 🌙​कैप्शन:नवरात्रि के तीसरे दिन, हम शांति, शक्ति और नि...
24/09/2025

जय माता दी! 🙏 आज नवरात्रि का तीसरा दिन: माँ चंद्रघंटा का आशीर्वाद! 🌙
​कैप्शन:
नवरात्रि के तीसरे दिन, हम शांति, शक्ति और निडरता की देवी माँ चंद्रघंटा की पूजा करते हैं। उनके दिव्य आशीर्वाद से हमारे जीवन में संतुलन और निर्भयता आती है।
​ब्रह्मਣसभा परिवार की ओर से आप सभी को इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं! माँ चंद्रघंटा आप सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाएं। आइए, इस शुभ अवसर पर हम सब मिलकर अपनी संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करें।
​ #नवरात्रि #मांचंद्रघंटा #जयमातादी #ब्रह्मਣसभा #नवरात्रि2025 #शक्ति #शांति #भारतीयसंस्कृति #शुभकामनाएं

ਸਾਡੇ ਪਿੰਡ ਲਾਲੜੂ ਦੀ ਤਰੱਕੀ ਅਤੇ ਭਲਾਈ ਸਾਡੀ ਸਭ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਪ੍ਰਾਥਮਿਕਤਾ ਹੈ। ਬ੍ਰਾਹਮਣ ਸਭਾ ਲਾਲੜੂ ਵੱਲੋਂ ਸਾਡੇ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਸਿਹਤ ਸਹੂਲਤਾਂ ਨੂ...
23/09/2025

ਸਾਡੇ ਪਿੰਡ ਲਾਲੜੂ ਦੀ ਤਰੱਕੀ ਅਤੇ ਭਲਾਈ ਸਾਡੀ ਸਭ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਪ੍ਰਾਥਮਿਕਤਾ ਹੈ। ਬ੍ਰਾਹਮਣ ਸਭਾ ਲਾਲੜੂ ਵੱਲੋਂ ਸਾਡੇ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਸਿਹਤ ਸਹੂਲਤਾਂ ਨੂੰ ਬਿਹਤਰ ਬਣਾਉਣ ਲਈ, ਹਸਪਤਾਲ ਨੂੰ 24x7 ਚਲਾਉਣ ਲਈ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਸਿਹਤ ਮੰਤਰੀ ਅਤੇ ਸਾਰੇ ਮੰਤਰੀ ਮੰਡਲ ਨੂੰ ਲੇਖ-ਜੋਖ ਅਰਜ਼ੀਆਂ ਭੇਜੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ।

ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ, ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਪਾਠਸ਼ਾਲਾ/ਲਾਇਬ੍ਰੇਰੀ ਅਤੇ ਪਲੇਅਗ੍ਰਾਊਂਡ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਵੀ ਬੇਨਤੀ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਨਵੀਂ ਪੀੜ੍ਹੀ ਦੀ ਸਿੱਖਿਆ ਅਤੇ ਖੇਡਾਂ ਵੱਲ ਦਿਲਚਸਪੀ ਵਧੇ।

ਅਸੀਂ ਸਾਰੇ ਪਿੰਡ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕਰਦੇ ਹਾਂ ਕਿ ਇਸ ਮੁਹਿੰਮ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਸਹਿਯੋਗ ਦੇਣ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਸਮਾਜ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਇਕਠੇ ਹੋ ਕੇ ਅੱਗੇ ਵਧਣ।

ਆਓ, ਮਿਲ ਕੇ ਲਾਲੜੂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਸੁਖਮਈ, ਸਿਹਤਮੰਦ ਅਤੇ ਸਮਰੱਥ ਪਿੰਡ ਬਣਾਈਏ!

🙏 आज द्वितीय नवरात्र है 🙏नवरात्रि का दूसरा दिन माँ दुर्गा के द्वितीय स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी को समर्पित होता है।माँ ब्रह...
23/09/2025

🙏 आज द्वितीय नवरात्र है 🙏

नवरात्रि का दूसरा दिन माँ दुर्गा के द्वितीय स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी को समर्पित होता है।

माँ ब्रह्मचारिणी तपस्या और संयम की देवी हैं।

इनके हाथ में जपमाला और कमंडल होता है, जो साधना, शांति और त्याग का प्रतीक है।

इनकी उपासना से जीवन में धैर्य, तप, ज्ञान और शांति की प्राप्ति होती है।

इस दिन माँ को शुद्ध घी का भोग लगाया जाता है, जिससे आयु और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।

📿 मंत्र –
“ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः”

👉 संदेश: जो व्यक्ति नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा करता है, उसके जीवन से नकारात्मकता दूर होती है और उसके संकल्प पूर्ण होते हैं।

महाराजा अग्रसेन जी: एक महान राजा और समाज सुधारक​महाराजा अग्रसेन जी का जन्म महाभारत काल में हुआ था। वे अग्रवाल समाज के सं...
22/09/2025

महाराजा अग्रसेन जी: एक महान राजा और समाज सुधारक

​महाराजा अग्रसेन जी का जन्म महाभारत काल में हुआ था। वे अग्रवाल समाज के संस्थापक थे। उन्हें सिर्फ एक राजा ही नहीं, बल्कि एक महान योद्धा और समाज सुधारक के रूप में भी जाना जाता है, जिन्होंने अपने लोगों की भलाई के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

​कुछ अनोखे तथ्य जो शायद आपको नहीं पता

​एक ईंट, एक रुपया: महाराजा अग्रसेन जी ने 'एक ईंट, एक रुपया' का अद्भुत सिद्धांत शुरू किया था। जब भी कोई नया व्यक्ति उनके नगर अग्रोहा में बसने आता, तो हर एक नगरवासी उसे एक ईंट और एक रुपया देता था। इससे नए व्यक्ति के लिए घर बनाना और अपना व्यापार शुरू करना आसान हो जाता था। यह उनकी समानता और सहयोग की सोच को दर्शाता है।

​अपरिग्रह (Non-Possession) का पालन: अग्रसेन जी ने 'अपरिग्रह' (यानी बिना ज़रूरत के चीज़ों को इकट्ठा न करना) का पालन किया। इससे उनकी प्रजा में गरीबी नहीं थी और सभी आत्मनिर्भर थे।

​हिन्दू धर्म से संबंध: महाराजा अग्रसेन जी हिन्दू धर्म से थे, और उनका नाम हिन्दू इतिहास और धार्मिक ग्रंथों में दर्ज है, जहाँ उन्हें एक धर्मात्मा राजा और प्रजा का पालन करने वाला माना गया है।

​आइए, हम सब अग्रसेन जयंती मनाएं
​महाराजा अग्रसेन जी के जन्मोत्सव को अग्रसेन जयंती के रूप में मनाया जाता है। आइए, इस शुभ अवसर पर उनके महान कार्यों को याद करें और उनके सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लें।

22/09/2025

गाय को ही 'माता' क्यों कहते हैं?

​गाय को माता का दर्जा दिया गया है क्योंकि इसका संबंध हमारे जीवन और संस्कृति से बहुत गहरा है।

​दूध का महत्व: गाय एकमात्र ऐसा जानवर है जिसका दूध मानव शिशु और वयस्कों के लिए पोषण का एक मुख्य स्रोत रहा है। माँ के दूध के बाद गाय का दूध ही सबसे अधिक पोषण देने वाला माना गया है।

​गोबर और गोमूत्र की पवित्रता: गाय का गोबर और गोमूत्र को धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों कारणों से बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। गोबर का उपयोग पूजा और कृषि में किया जाता है, जबकि गोमूत्र को औषधीय गुणों से युक्त माना जाता है।

​पर्यावरण और कृषि का अभिन्न अंग: गाय भारतीय कृषि का एक अभिन्न अंग रही है। वे खेतों की जुताई में मदद करती हैं और उनका गोबर मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाता है, जिससे फसल अच्छी होती है।

​शांतिपूर्ण स्वभाव: गाय का स्वभाव शांत और अहिंसक होता है, जो इसे माता के रूप में और भी अधिक उपयुक्त बनाता है।

​वैज्ञानिक प्रमाण (Scientific Proof)
​आधुनिक विज्ञान ने भी गाय के कुछ पारंपरिक उपयोगों और गुणों की पुष्टि की है:

​दूध की गुणवत्ता: गाय का दूध, विशेष रूप से भारतीय नस्लों (जैसे A2 गाय) का दूध, मानव स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं।

​गोबर का महत्व: वैज्ञानिक अनुसंधान से पता चला है कि गाय का गोबर एक उत्कृष्ट जैविक खाद है। यह मिट्टी की संरचना और जल-धारण क्षमता को बेहतर बनाता है।

​एंटी-माइक्रोबियल गुण: कुछ अध्ययनों ने यह भी सुझाव दिया है कि गोमूत्र में एंटी-माइक्रोबियल गुण हो सकते हैं, जो कुछ बैक्टीरिया और फंगस को खत्म करने में मदद करते हैं। इसका उपयोग कई आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है।

#​संक्षेप में, गाय का सम्मान केवल एक धार्मिक मान्यता नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी परंपरा है जो पर्यावरण, कृषि और मानव स्वास्थ्य के लिए इसके योगदान पर आधारित है।

Address

V. P. O Lalru , Tehsil. Derabassi , District. S. A. S Nagar (Mohali) Landmarks. Ambala Chandigarh Highway � (Bharman Dharmsala Lalru)
Lalru
140501

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