Royal jaat society

  • Home
  • Royal jaat society

Royal jaat society जाट समाज

 #एक ऐसा राजा जिसने अंग्रेज़ो को 134दिन तक दिल्ली में घुसने नहीं दिया था #शेर ए हरियाणा #राजा नाहर सिंह
10/01/2026

#एक ऐसा राजा जिसने अंग्रेज़ो को 134दिन तक दिल्ली में घुसने नहीं दिया था
#शेर ए हरियाणा
#राजा नाहर सिंह

 #उसेन बोल्ट
10/01/2026

#उसेन बोल्ट

08/12/2025

जाटों की पहचान उनकी बहादुरी, कृषि में निपुणता, मजबूत सामाजिक संरचना (गोत्र और खाप), और पारंपरिक रूप से योद्धा व किसान होने से होती है, जो हरियाणा, राजस्थान, यूपी और पंजाब जैसे उत्तरी भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रमुख हैं, और हिंदू, सिख व मुस्लिम धर्मों में फैले हुए हैं, जिनमें शारीरिक शक्ति, मेहनत और निडरता उनकी विशेषता है।

महाराजा जवाहर सिंह भरतपुर
29/11/2025

महाराजा जवाहर सिंह भरतपुर

जननी जने तो भक्त जने या दाता या शूर ।नहीं तो जननी बांझ रहे , काहे गवावे नूर ।।दानवीर सेठ चौधरी छाजूराम का जन्म 28 नवम्बर...
28/11/2025

जननी जने तो भक्त जने या दाता या शूर ।
नहीं तो जननी बांझ रहे , काहे गवावे नूर ।।

दानवीर सेठ चौधरी छाजूराम का जन्म 28 नवम्बर 1861 को जाट क्षत्रिय लाम्बा वंश में अलखपुरा गाम बवानीखेड़ा तहसील जिला भिवानी में हुआ

चौधरी छाजूराम लाम्बा कलकत्ता के 24 बड़ी कम्पनियों के शेयर होल्डर थे ।
इनसे चौधरी साहब को 16 लाख रुपए प्रति वर्ष लाभांश मिलता था
हरिद्वार में गुरुकुल कांगड़ी की स्थापना में दिल खोल कर दान दिया
1909 में भिवानी में अनाथालय खोलने में दिल खोलकर दान दिया
चौधरी साहब ने रोहतक में जाट एंग्लो वैदिक हाई स्कूल की स्थापना में 61000 का योगदान दिया और मंच से घोषणा की जो बच्चा मैट्रिक में प्रथम रहेगा उसे एक सोने का मेडल ओर 12 रुपए मासिक वजीफा दिया जाएगा
यह सम्मान चौधरी सूरजमल हिसार ने प्राप्त किया

सन 1918 में हिसार में सी ए वी स्कूल की स्थापना में 61000 हजार दान दिया
हिसार में जाट एंग्लो वैदिक हाई स्कूल की स्थापना में
500000 rs दान दिया
ऐसे न जाने कितने समाजिक कार्यो में चौधरी साहब ने लाखों
दान दिए

गांधी जी के हर आंदोलन में सबसे बड़ा दान चौधरी छाजूराम लाम्बा जी देते थे

सुभाष चन्द्र बोस को बी उनके द्वारा चलाए गए आजादी के हर आंदोलनों में सबसे अधिक दान देते थे

सांडर्स की हत्या के बाद सरदार भगतसिंह एक महीना तक
सेठ छाजूराम की कोठी पर रहे
क्रांतिकारी भगतसिंह को चौधरी साहब की धर्मपत्नी लक्ष्मी स्वयं बना कर भोजन देती थी

भरतपुर के महाराजा सर कृष्ण सिंह को 1926 में 2,50 लाख की भेंट दी

चौधरी साहब की मुलाकात गाजियाबाद स्टेशन पर दीनबंधु चौधरी छोटूराम से हुई
इस मुलाकात में ही चौधरी साहब ने दीनबंधु छोटु राम का पढ़ाई का सारा खर्च उठाने की हा की
छोटूराम ने चौधरी छाजूराम को धर्म का पिता मान लिया

सन 1926 के में चुनाव शहरी वर्सीज देहात लड़ा गया
चौधरी साहब ने छोटूराम के कहने पर
शहरी लाला लाजपतराय को बाहरी मतों से हराया

7 अप्रैल 1943 चौधरी साहब लंबी बीमारी के कारण को इस नर्सवर संसार का त्याग करके चले गए

चला जाऊंगा जब में छोड़कर आशियाने को।
वफ़ाए याद आएगी मेरी इस जमाने को ।।

चौधरी छाजूराम लाम्बा न होते तो रहबरे आजम चौधरी छोटूराम न होते
चौधरी छाजूराम नही होते तो भगतसिंह लोगो मे देशभगति की आग न लगा पाते
चौधरी छाजूराम लाम्बा न होते तो सुभाष चन्द्र बोस आजाद हिंद फौज को सुचारू न चला पाते
चौधरी छाजूराम लाम्बा न होते तो महात्मा गांधी अंग्रेजो के खिलाफ जनमानस की आवाज न उठा पाते

महान दानवीर सेठ चौधरी छाजूराम लाम्बा (अलखपुरा के जाट) की पुण्यतिथि पर पुष्प💐💐💐💐 अर्पित करता है 🙏🙏

अपनी युवा पीढ़ी को जाट पुरखो से अवगत कराएं
प्रहलाद चौधरी 9649560601

 #जाट
28/11/2025

#जाट

27/11/2025

Address


321607

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Royal jaat society posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

  • Want your organization to be the top-listed Non Profit Organization?

Share