11/06/2026
"जब तक गरीब किसान एवं मजदूरों के बच्चे पढ़-लिखकर उन कुर्सियों पर नहीं बैठेंगे, जो देश की नीतियों को क्रियान्वित करती है, तब तक देश की तरक्की संभव नहीं है।"
यह केवल विचार नहीं, बल्कि वह जीवन-दर्शन है जिसके लिए 'किसानों के मसीहा' स्व. श्री राजेश पायलट जी ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। वह एक ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने भारतीय राजनीति में शोषितों, वंचितों, किसानों और मजदूरों की आवाज को न केवल बुलंद किया, बल्कि उन्हें सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाने का मार्ग भी प्रशस्त किया।
एक साधारण परिवार से निकलकर भारतीय वायुसेना के जांबाज पायलट बनने और फिर राजनीति के आंगन में गरीब-गुरबे की सशक्त आवाज बनने का उनका सफर, आज भी करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने हमेशा माना कि देश की असली आत्मा गांवों और खेतों में बसती है, और जब तक वहां का विकास नहीं होगा, देश की तरक्की अधूरी है।
आज उनकी पुण्यतिथि पर उनके पदचिन्हों पर चलने और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेने का दिन है।
किसानों के सच्चे मसीहा, ओजस्वी वक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. श्री राजेश पायलट जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि।
आपकी नीतियां, आपके विचार और आपका संघर्ष हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेगा।
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