23/09/2026
बहुत कम लोग जानते हैं कि जम्मू-कश्मीर के अंतिम शासक महाराजा #हरि_सिंह जी न सिर्फ एक दूरदर्शी राजा थे, बल्कि वे आर्य समाज की सामाजिक और सुधारवादी विचारधारा से बेहद गहराई से प्रभावित थे। जब 26 अप्रैल 1961 को मुंबई में उनका निधन हुआ, तो उनकी गुप्त वसीयत (Will) ने सबको चौंका दिया था।
1. वसीयत में अंतिम संस्कार और मुंबई आर्य समाज की भूमिका
महाराजा ने अपनी वसीयत में साफ लिखा था कि उनकी मृत्यु के बाद किसी भी तरह का राजशाही आडंबर या पुराने रूढ़िवादी कर्मकांड न किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया था कि उनका अंतिम संस्कार पूर्णतः आर्य समाजी वैदिक रीति-रिवाज (हवन और वैदिक मंत्रों) से हो। जब उनका निधन हुआ, तब उनके पुत्र डॉ. कर्ण सिंह देश से बाहर थे। ऐसे में मुंबई आर्य समाज ने आगे बढ़कर महाराजा की इस अंतिम इच्छा को पूरे सम्मान के साथ संपन्न कराया।
2. छुआछूत का खात्मा और दलितों के लिए मंदिर के द्वार
उस दौर में समाज में छुआछूत की जड़ें बहुत गहरी थीं। आर्य समाज के सिद्धांतों (जो जन्म के बजाय कर्म के आधार पर समानता सिखाते हैं) से प्रभावित होकर महाराजा ने साल 1931-32 में एक क्रांतिकारी कदम उठाया। उन्होंने महात्मा गांधी के देशव्यापी आंदोलन से भी पहले जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध रघुनाथ मंदिर सहित राज्य के सभी सरकारी मंदिरों के दरवाजे दलितों (हरिजनों) के लिए खोल दिए।
3. बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर प्रहार
महाराजा हरि सिंह जी ने कानून बनाकर बाल विवाह (Child Marriage) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए कड़े नियम लागू किए। इसके साथ ही उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाई, विधवा विवाह को कानूनी व सामाजिक मान्यता दी और महिलाओं के लिए अनिवार्य शिक्षा की शुरुआत की।
4. आर्य समाज को संपत्ति का ऐतिहासिक दान
महाराजा हरि सिंह जी ने अपने पूर्व प्रधानमंत्री न्यायाधीश #मेहर_चंद_महाजन (जो बाद में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और आर्य समाज के बहुत बड़े नेता बने) की सलाह पर अपनी निजी संपत्ति का एक विशाल हिस्सा आर्य समाज को वसीयत के जरिए दान कर दिया था। इसी दान की बदौलत बाद में 'महाराजा हरि सिंह जी आर्य समाज ट्रस्ट' बना, और जम्मू का प्रसिद्ध नागबनी स्कूल (महाराजा हरि सिंह एग्रीकल्चरल कॉलेजिएट स्कूल) जैसी संस्थाएं अस्तित्व में आईं ।
Sources :
https://thenorthlines.com/maharaja-hari-singh-the-reformist-ruler/
https://kashmirlife.net/untouchability-reforms-in-jk-167602/
https://nehruarchive.in/people/hari-singh/page/2
https://mhacnagbani.com/
https://en.wikipedia.org/wiki/Mehr_Chand_Mahajan