Safe on Roads

Safe on Roads This is an organisation working for road safety It is hard to believe that road crashes kills around 3000 people per day. Annually it is 1.3 million.

There are another 50 million injured globally last year. Some estimates say that global cost of road crashes is $518 billion a year. Developing countries accounts for 40% of global vehicle but accounts for 85% of road traffic death. India, being one of the largest developing nations, the number is significant. The traffic is heterogeneous with a mix of pedestrian, vehicle, animal driven carts, cat

tle etc. The number of vehicle is increasing day by day, thanks to globalization. The income is increasing and various options are available in market. The easiest document to obtain in India is the driving license. We at safeonroads will work together to make Indian road safer. We will work in coordination with various agencies to aware people about the science behind the traffic rules.

15/03/2026

वाह, क्या शानदार हाईवे है, बिल्कुल इंटरनेशनल लेवल का। सड़क ऐसी कि गाड़ी खुद कहे, चलाओ तेज़। लेकिन रुकिए ज़रा, ये क्या सामने अचानक कोन और बोर्ड खड़े हैं? अरे भाई, ये तो आख़िरी पल का सरप्राइज़ निकला। नियम कहते हैं सौ मीटर पहले बताओ, लेकिन यहाँ तो सीधा सवाल है – अब क्या करें? ब्रेक मारें या किस्मत आज़माएँ?

12/03/2026

क्या आप है घर की एक्स्ट्रा पैदावार?
क्या होगा आपका मिलन, सीधे यमराज से? नियमों से चलें, ज्यादा जिए!

08/03/2026

सड़क 😵‍💫 के⚡चमकू⚡!

01/03/2026

🚨सड़क पर 🌿शाकाहारी 🚛 गाड़ी से ️⚠️सावधान 🆘
क्या आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ है??

21/02/2026

❓चालान पर चालान ⚠️- मुश्किल मे जान❌सड़क सुरक्षा के नाम पर मनमर्जी। अधिक खतरा 120 - 150 किलो मीटर प्रति घंटा चल रहे वाहनों से, नियम से भ्रम पैदा कर बना रहे आम नागरिक चालान और पीट रहे सड़क सुरक्षा का ढिंढोरा।

26/01/2026

थार... शिष्टाचार से विष्ठाचार
विद्यालय से छुट्टी होने पर बच्चों को कार से घर लाते समय ट्रैफिक में बसों के आने से सभी वाहन धीमा धीमा ही चलते हैं. बच्चों को विद्यालय में शिक्षा का सबूत एक कागज़ का टुकड़ा दिलवाने की कतार में कुछ अभिभावक, जिन्हे वास्तविक जीवन में संस्कार, अनुशासन और धैर्य से कोई लेना देना नहीं होता है, भी
शामिल होते है. ऐसे में जब बहुसंख्य अभिभावक कतार का सम्मान कर एक ही लेन में चलते हैं और सामने से आ रही गाड़ियों के लिए दूसरी लेन खाली रख शिष्टाचार दर्शाते हैं, वहीँ कुछ अभिभावक विष्टाचार से ग्रसित हो जाते है. जी हाँ विष्टाचार, क्यूंकि विष्ठा का एक गुण है की जब ये आती है तब आ ही जाती है और इसे रोकना बहुत मुश्किल होता है। यही विष्ठा समान चालाक पीछे लाइन में लग शिष्टाचार दिखा ही नहीं पाते। सांख्यिकी के अनुसार थार सामान गाड़ी लेने पर विष्टाचार बहुत बढ़ जाता है. अब ये थार-धारी विष्टाचारी लाइन में रुक न सका और रुके हुए लोगो को ओवरतक कर आगे बढ़ चला. अब आगे से गाडी आने पर उससे समय की भीख मांगेगा और लाइन के बीच में घुसने की कोशिश करेगा। यदि भीख न मिली तो हराम के पैसे से ली गई गाड़ी टेक्स के पैसे से ली गई गाड़ी के ऊपर दबाव बना कर लाइन में घुस ही जाएगी। आप ही बताएं ऐसे विष्टाचारियों का कोई इलाज हो सकता है?

25/01/2026

लखनऊ नवाबों का शहर है, इज्जत और अदब के लिए मशहूर है। पर हर किसी को इज्जत और तहजीब हजम नहीं हो पाती है। नव वर्ष की पूर्व संध्या पर ऐसे ही बदहजमी के शिकार लखनवियों का एक झुंड UP 32 नंबर की 3 इनोवा भरकर आगरा से जयपुर की ओर कूच किया। बेइज्जती के शौक़ीन और गालियों की तलाश में निकले इन नवाबों ने पूरे हाइवे सड़क पर चल रहे बाकी लोगो की गालियों और बद-दुवाओं को लेने की लिए लिए ये घर से पूरी तैयारी की हुई थी. सभी ने अपनी गाड़ियों पर सफेद चमकती नेत्र-भेदी लाइटें लगवा रखी थीं, जिन्हें वो पूरे रास्ते चमकाते हुए चल रहे थे। तेज रफ्तार पर सड़क के अन्य यात्रियों, ट्रकों, कारों को तो इन्होंने अपनी सफेद बिजलियां गिराकर हटा ही दिया, एम्बुलेंस को भी नहीं बख्शा। हमने भी इन्हे जी भर कर गालियां दी, आप भी ऐसे लोगों को जम कर कोसा करें वरना गालियों के अभाव में गालियों के नशेड़ी ये लोग अगली बार अपनी गाड़ी पर भाला लगा कर आपको भेदने निकल पड़ेंगे। जाओं चमकूओं, ऊपर वाला तुम्हे जल्द ही तुम्हारे चारों और सफ़ेद रौशनी दिखाए।

सड़क यात्रियों - सरकार का चढ़ावा तैयार रखो। सर्दी की छुट्टियों मे आप सड़क यात्रा पर निकले हैं। आप नेशनल हाइवे पर है और खाली...
03/01/2026

सड़क यात्रियों - सरकार का चढ़ावा तैयार रखो।
सर्दी की छुट्टियों मे आप सड़क यात्रा पर निकले हैं। आप नेशनल हाइवे पर है और खाली जगह मिलने पर 90 - 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक भी गाड़ी चला रहे है। आखिर गडकरी जी नए हाइवे को 140 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही गाड़ी मे बैठ कर जांच रहे है और कार की कंपनियाँ विकसित भारत मे विकसित कारों की अधिकतम गति को 222 किलोमीटर प्रति घंटा का विज्ञापन भी अखबार मे गर्व से कर रहे है।
तभी सामने पुलिस वाले आपको रोकते है और आपको बताते है की आपने गति सीमा जो की 80 किलोमीटर प्रति घंटा है, उसका उल्लंघन किया है। आप हैरान है की फॉर लाइन नेशनल हाइवे पर "भारत के राजपत्र" के अनुसार कार की अधिकतम गति सीमा तो 100 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह बात पुलिस वालों को बताने पर वो एक बोर्ड की फोटो बताते हैं (ध्यान रहे यह एक अमानक बोर्ड है)। बोर्ड को अमानक बोल देने पर पुलिस वाले ज्यादा ज्ञान न झाड़ने, राजकार्य मे बाधा डालने, गाड़ी जब्त करने की बात करते है। यदि एसा न भी हुआ तो सीधे चालान ऑनलाइन भेज दिया जाता है।
अब जिस अधिक गति से दुर्घटना का हवाला दिया जा रहा है, क्या वो 80 से 100 है या दुर्घटनाएँ 120 - 140 किलोमीटर प्रति घंटा पर ज्यादा होती है? यहाँ एक आम आदमी जो 100 किलो मीटर को गति सीमा मान कर चल रहा है, उसके मन मे कुछ सवाल आते हैं:
1. यदि 80 किलोमीटर प्रति घंटा ही सुरक्षित गति है, तो क्यूँ न इसे गज़ट नोटिफिकेशन (राजपत्र) मे प्रकाशित कर दिया जाए और सभी राजमार्गों पर इसे सुनिश्चित किया जाए?
2. ड्राइवर के लिए सामने चल रहे वाहन से उचित दूरी रखने के साथ सड़क के गड्ढे, रोंग साइड ट्रेफिक, रोंग लेन मे चल रही गाड़ियो का अनुमान, सड़क किनारे खड़े ट्रक ट्रेलर, बिना टेल लाइट और अदृश्य ट्रक - ट्रालियों का अनुमान लगाना तो पहले ही जरूरी था, अब सरकार ये चाहती है की इन सबके साथ साथ आप हाइवे पर जिलावार गति सीमा का ध्यान रखें, सड़क के किनारे लगे अमानक बोर्ड को भी पहचाने, साथ ही सड़क से नजर हटा कर बार बार अपने स्पीडॉमीटर पर अपनी गति भी देखते रहे ताकि सरकार आपको सुरक्षित रखने का ढ़ोल पीट पाये।
अमानक बोर्ड लगा कर पुलिस / हाइवे अथॉरिटी कैसे यह उम्मीद करती है की विभिन्न राज्यों के यात्री राजस्थान के हाइवे पर अलग से अमानक बोर्ड को पहचान जाएंगे और गति सीमा का पालन करेंगे?
3. अब यदि 80 किलो मीटर प्रति घंटे की गति से अधिक रफ्तार पर चलना जुर्म है तो हाइवे के वो स्थल जहां सड़क पर दुकानों, रोंग पार्किंग, घटिया निर्माण, टूट फूट की वजह से आपको टोल देने के बाद भी 20 - 40 किलो मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलना पड़ता है, उसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा?

इस पोस्ट का मकसद संबन्धित अधिकारियों तक आम आदमी की इस परेशानी को पन्हुचाना है की कैसे आम आदमी ट्रेफिक के नियम मानने मे सहयोग करे? संबन्धित संस्थाएं (जिला कलेक्टर, ट्रेफिक पुलिस, NHAI, MORTH) एक प्रकार के नियम बनाएँ, अज्ञानता या भ्रम पैदा कर मनमाना राजस्व वसूल कर सड़क सुरक्षा का ढ़ोल न पीटें। आपके विचार आमंत्रित है। आप भी अपने विचार - अनुभव लिख कर संबन्धित अधिकारियों को टेग करें। Ministry of Road Transport and Highways, Government of India National Highways Authority of India - NHAI Nitin Gadkari The Times of India Dainik Bhaskar Rajasthan Patrika

🚫 सड़क पर सफ़ेद फ़्लड लाइट का उपयोग न करें!यह रोशनी सामने आने वाले ड्राइवर की आँखों को चौंधिया देती है और दुर्घटना का खत...
02/11/2025

🚫 सड़क पर सफ़ेद फ़्लड लाइट का उपयोग न करें!
यह रोशनी सामने आने वाले ड्राइवर की आँखों को चौंधिया देती है और दुर्घटना का खतरा बढ़ाती है।
✅ सुरक्षित विकल्प: केवल वाहन की हेडलाइट का उपयोग करें।
👉 संदेश फैलाएँ –

🚫 Do NOT use white flood lights on the road!
They blind oncoming drivers and increase the risk of accidents.
✅ Safe choice: Use only your vehicle’s headlights.
👉 Spread the message –

आजकल रात मे साफ देखने के लिए सफ़ेद रोशनी वाली हेड लाइट, सफ़ेद बल्ब बाजार मे धड़ल्ले से बिक रहे है। ध्यान दें की कंपनी द्वार...
13/10/2025

आजकल रात मे साफ देखने के लिए सफ़ेद रोशनी वाली हेड लाइट, सफ़ेद बल्ब बाजार मे धड़ल्ले से बिक रहे है। ध्यान दें की कंपनी द्वारा लगाई लाइट की बीम को सड़क पर प्रकाश देने के लिए बनाया जाता है। हाई बीम भी तेज गति पर दूर तक प्रकाश फेंकती है पर सामने वाली गाड़ी के ड्राइवर को अंधा नहीं करती। (लेफ्ट साइड की तस्वीर)

पर बाहर बाजार मे मिलने वाली सफ़ेद लाइट / बल्ब बहुत तेज रोशनी देते है और फैलाकर रोशनी देते है। इस इनोवा की लाईट ऊपर की और जा रही है जो सामने वाले ड्राइवर को अंधा कर देगी। (राइट साइड की तस्वीर)

यदि सभी गाड़ी वाले इस तरह फैलने वाली सफ़ेद लाईट लगा लेंगे तो रात मे गाड़ी चलाना ही मुश्किल हो जाएगा। आइये सफ़ेद लाईट बंद करवाने की मुहिम का हिस्सा बनें।

1. अपने मित्रों को यह लाईट लगवाने से रोकें,
2. बिना बात, लगातार डिपर दे कर परेशान न करे,
3. अपने क्षेत्र के अखबार / ट्रेफिक पुलिस को टेग कर इस प्रकार की लाईट की बिक्री बंद करवाने की मांग करें।

Leadership is about setting examples — even in the smallest actions. When one leader buckles up and another doesn’t, it’...
11/10/2025

Leadership is about setting examples — even in the smallest actions. When one leader buckles up and another doesn’t, it’s not just a photo; it’s a message. A seatbelt isn’t just a strap — it’s a statement of responsibility. We may not know how many important things are going through our Prime Minister’s mind, but his team — or even the driver — should remind him about safety. Buckle up, not because it’s the law, but because your life matters. PMO India

03/10/2025

☠️Public Safety Alert☠️

An unfortunate incident occurred near GKVK Road , Vidyaranyapura where a young boy standing through the sunroof of a moving car suffered a serious head injury.

Your child's laughter should fill the car, not end in silence. That fleeting moment of excitement, standing out of the sunroof, isn't a joy—it's a roll of the dice with your child's life.

Request all parents to be extremely cautious and avoid allowing children to stand through sunroofs or unsafe positions in vehicles. Safety first — let’s protect our children

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Safe On Roads Organization 18-A, Bajrang Nagar, Chak Gatore, Sanganer
Jaipur

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