11/08/2026
#जयपुर के #मुहाना_थाना क्षेत्र की ेजिडेंसी, पत्रकार कॉलोनी में एक खौफनाक घटना सामने आई है। इस वारदात ने हमारी #सुरक्षा व्यवस्था और #प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
दिनांक 2 जुलाई 2026 की रात को पीड़ित परिवार एक कार्यक्रम में गया हुआ था। तभी सतर्क पड़ोसियों ने सूचना दी कि उनके बंद फ्लैट में एक संदिग्ध महिला घुसी हुई है।
पड़ोसियों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत बाहर से फ्लैट का दरवाजा लॉक कर दिया। परिवार जब भागकर मौके पर पहुंचा, तो अंदर का खौफनाक नजारा देखकर सबके होश पूरी तरह उड़ गए।
फ्लैट के अंदर कोई और नहीं, बल्कि सामने रहने वाली पड़ोसन #अंजलि_जैन मौजूद थी। उसकी बहन बाहर खड़ी होकर निगरानी कर रही थी जिससे कोई व्यक्ति अंदर न आ सके।
बिना देरी किए मुहाना थाने की #पुलिस को तुरंत सूचना दी गई। पुलिस टीम ने पहुंचकर महिला को रंगे हाथों बाहर निकाला और हिरासत में लेकर सीधे पुलिस थाने ले गई।
इस पूरी सनसनीखेज वारदात की स्पष्ट #वीडियोग्राफी भी बनाई गई है। यह कोई आम चोरी नहीं, बल्कि एक गहरी और सोची-समझी आपराधिक साजिश का बेहद खौफनाक हिस्सा साफ प्रतीत होती है।
करीब डेढ़ साल पहले भी इसी पते पर लगभग दस तोला सोने के #जेवरात और कीमती सामान चोरी हुए थे। उस पुरानी चोरी में भी इसी महिला पर गहरा शक था।
लेकिन ठोस सबूतों के अभाव में पीड़ित परिवार #कानूनी रूप से कोई सख्त कदम नहीं उठा सका था। अब इस रंगे हाथों पकड़ी गई घटना ने पुराने शक पुख्ता कर दिए हैं।
सबसे डराने वाली बात यह है कि चार दिन पहले इसी महिला ने परिवार की मासूम बेटी को बहला-फुसलाकर घर की #चाबियां चालाकी से बदल दी थीं ताकि आसानी से घर में घुस सके।
बेटी के बताने पर परिवार तुरंत सतर्क हुआ और खुफिया #कैमरे लगवा दिए। इन फुटेज में इस महिला की घुसपैठ की हर एक हरकत अब पूरी तरह रिकॉर्ड हो चुकी है।
मुहाना पुलिस ने आरोपी महिला पर मात्र 331(4) के तहत दर्ज की है। #चोरी के इरादे से फ्लैट में घुसने पर सिर्फ यह हल्की धारा लगाना पूरी तरह अनुचित है।
इस महिला पर कानून अनुसार की धारा 303 व 305 R/W 62 (Attempt to commit offences) के तहत सख्त #मुकदमा दर्ज होना चाहिए था। यह पुलिस की घोर लापरवाही है।
सबसे बड़ा सवाल #पुलिस_प्रशासन पर उठता है कि जिस महिला को रंगे हाथों #गिरफ्तार किया गया, उसे दर्ज होने के बावजूद उसी रात थाने से कैसे छोड़ दिया गया?
#अपराधी का थाने से यूं छूट जाना पुलिस सिस्टम पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगाता है। जो महिला सलाखों के पीछे होनी चाहिए थी, वह अब बाहर खुलेआम फरार घूम रही है।
आज यह पूरा पीड़ित परिवार #खौफ के साए में जी रहा है। दिन के समय छोटे बच्चे घर में अकेले रहते हैं, जिससे उनकी #सुरक्षा और जान को बड़ा खतरा है।
अगर भविष्य में परिवार या बच्चों को कोई भी नुकसान पहुंचता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आरोपी #अंजलि_जैन, उसकी बहन और सीधे तौर पर #पुलिस प्रशासन की ही मानी जाएगी।
यह भी गंभीर आशंका है कि खुद को बचाने के लिए यह महिला पीड़ित परिवार पर कोई #झूठा_मुकदमा दर्ज करवाकर उन्हें फंसाने की घिनौनी साजिश कर सकती है, जिससे बचना जरूरी है।
जी और आला अधिकारियों से हाथ जोड़कर अपील है कि मुहाना थाने को सख्त निर्देश दें जिससे पीड़ितों को न्याय मिले और अपराधियों में कानून का डर कायम हो।
रंगे हाथों पकड़े जाने के आधार पर सख्त कार्रवाई हो। पुराने चोरी किए गए दस तोला सोने के जेवरातों की भी निष्पक्ष जांच कर उनकी जल्द #बरामदगी करवाई जानी चाहिए।
एक आम नागरिक अगर अपने घर में #सुरक्षित नहीं है, तो कहां जाएगा? प्रशासन संज्ञान ले और महिला को गिरफ्तार करे।
कृपया परिवार की #सुरक्षा सुनिश्चित करें।