19/07/2026
साथियों,
कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन मैं अधिवक्ता कहलाऊँगा।
आंदोलनों की राह आसान नहीं थी। समाज और हकों की लड़ाई लड़ते-लड़ते मेरे ऊपर कई मुकदमे दर्ज हुए। उस समय सबसे ज़्यादा कमी क़ानूनी जानकारी की महसूस हुई। तभी मैंने ठान लिया कि अब क़ानून को सिर्फ़ समझना नहीं, बल्कि उसे पढ़कर सीखना है।
लेकिन राह बिल्कुल आसान नहीं थी। करीब 15 साल पहले पढ़ाई छोड़ चुका था। इतने लंबे अंतराल के बाद किताब उठाना मेरे लिए मुश्किल ही नहीं, लगभग नामुमकिन था। कई बार लगा कि शायद अब यह सफ़र पूरा नहीं हो पाएगा, लेकिन हर बार आप सभी क्रांतिकारी साथियों का विश्वास, प्यार और हौसला मुझे फिर से खड़ा कर देता था।
आपके विश्वास की ताक़त से मैंने एक-एक करके हर परीक्षा पास की। और आज ईश्वर की कृपा, माता-पिता के आशीर्वाद तथा आप सभी साथियों की दुआओं से ऑल इंडिया बार एग्ज़ाम (AIBE) का परिणाम भी आ गया है, और मैं इस परीक्षा में भी सफल हो गया हूँ।
यह सिर्फ़ मेरी सफलता नहीं है, बल्कि उन सभी साथियों की जीत है जिन्होंने हर कठिन समय में मेरा हाथ थामा, मेरा मनोबल बढ़ाया और मुझ पर विश्वास बनाए रखा।
मैं वादा करता हूँ कि यह वकालत सिर्फ़ मेरा पेशा नहीं होगी, बल्कि समाज के गरीब, वंचित, किसान, मजदूर और हर ज़रूरतमंद व्यक्ति के अधिकारों की लड़ाई लड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगी।
दिल की गहराइयों से आप सभी का धन्यवाद।
आपका प्रेम, विश्वास और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी ताक़त है।
संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है…
यह तो एक नई शुरुआत है।