25/05/2026
आज प्रधानी के 5 साल पूरे हो गए…
और लगातार 20 वर्षों से आप लोगों ने जो प्यार, सम्मान और भरोसा मुझे दिया है, उसे शब्दों में बयान करना आसान नहीं है।
जब पीछे मुड़कर देखता हूं तो याद आता है वो समय, जब एक साधारण परिवार का बेटा गांव की सेवा करने का सपना लेकर निकला था।
न कोई बड़ी ताकत थी,
न कोई धन-दौलत,
न कोई ऊंचा रसूख…
अगर कुछ था तो सिर्फ गांव के गरीब, मजदूर, कमजोर, बुजुर्ग, नौजवान और माताओं-बहनों का आशीर्वाद।
यही वजह है कि मुझे कभी घमंड नहीं हुआ, क्योंकि यह कुर्सी मेरी नहीं, गांव के उन लोगों की है जिन्होंने हर मुश्किल समय में मेरा हाथ पकड़ा।
इन 5 वर्षों में हमने ग्राम पंचायत के लिए दिन-रात मेहनत की लेकिन मैं आपलोगों के सपनों को पूरा नहीं कर पाया इसका मुझे हमेशा कस्ट रहेगा
गांव के गरीबों की मदद, हर वर्ग के सम्मान और गांव में शांति बनाए रखने के लिए पूरी ईमानदारी से काम किया।
लेकिन सच यह भी है कि इस रास्ते में हमें बहुत संघर्ष झेलना पड़ा।
कुछ लोगों ने मुझे बदनाम करने की कोशिश की
मुझ पर भ्रष्टाचार जैसे झूठे आरोप लगाए गए…
मेरे खिलाफ अफवाहें फैलाई गईं…
लेकिन शायद वो लोग यह भूल गए कि जनता सब देखती है, सब समझती है।
अगर मैं गलत होता,
अगर मेरी नीयत खराब होती,
तो गांव के लोग मेरा साथ कब का छोड़ चुके होते।
लेकिन मेरे अपने लोगों ने, मेरे गांववासियों ने, हर झूठ और हर साजिश के बीच भी मुझ पर भरोसा किया।
उन्होंने विरोधियों की बातों पर नहीं, मेरे काम और मेरे व्यवहार पर विश्वास किया।
यही भरोसा मेरी सबसे बड़ी ताकत बना।
मैं दिल से धन्यवाद कहना चाहता हूं उन सभी लोगों को जिन्होंने हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया।
जो हर सुख-दुख में मेरे साथ खड़े रहे।
जिन्होंने मुझे सिर्फ प्रधान नहीं, अपने परिवार का सदस्य समझा।
मैंने हमेशा कोशिश की कि मेरे दरवाजे से कोई दुखी वापस न जाए।
चाहे किसी की आर्थिक मदद हो, इलाज की जरूरत हो, प्रशासनिक समस्या हो या किसी गरीब की आवाज उठानी हो — मैंने अपनी क्षमता के अनुसार हर किसी के लिए खड़े रहने की कोशिश की।
हो सकता है मैं हर किसी को खुश न कर पाया होऊं,
हो सकता है मुझसे गलतियां भी हुई हों,
लेकिन एक बात पूरे विश्वास से कह सकता हूं कि मैंने कभी गांव और गांव के लोगों के साथ धोखा नहीं किया।
आज इस अवसर पर मैं हाथ जोड़कर सिर्फ इतना कहना चाहता हूं —
आप लोगों का प्यार, विश्वास और आशीर्वाद ही मेरी असली ताकत है।
यही ताकत मुझे हर झूठ, हर साजिश और हर संघर्ष के बीच मजबूती से खड़ा रखती है।
मैं आगे भी बिना डर, बिना भेदभाव और बिना अहंकार के गांव की सेवा करता रहूंगा।
क्योंकि यह प्रधानी मेरे लिए पद नहीं,(आपने मुझे अप्रत्यक्ष रूप से बार बार प्रधान बनाया) बल्कि गांव के लोगों का विश्वास और जिम्मेदारी है।
जो लोग हमें बदनाम करने में लगे हैं,
उन्हें जवाब शब्दों से नहीं,
अपने काम और जनता के प्यार से मिलता रहेगा।
आप सभी ग्रामवासियों का दिल से आभार। 🙏
संजय सिंह
प्रतिनिधि पूर्व प्रधान,
ग्राम पंचायत खजुरहरा