26/02/2025
#उत्तराखंड_में_है_माँ_पार्वती_व_भगवान_शिव_का_विवाह_स्थल। महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं।
काल हर, कष्ट हर, दुख हर, दरिद्र हर, सर्व पाप हर।
हर हर महादेव। महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं।
महाशिवरात्रि महापर्व के उपलक्ष में एक रोचक तथ्य।
#त्रियुगीनारायण_मंदिर (संस्कृत: त्रियुगी-नारायण) उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के त्रियुगीनारायण गांव में स्थित एक हिंदू मंदिर है।
प्राचीन मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। भगवान् नारायण भूदेवी तथा लक्ष्मी देवी के साथ विराजमान हैं। इस पवित्र स्थान को #देवी_पार्वती_व_भगवान_शिव_से_विवाह_स्थल के रूप में श्रेय दिया जाता है और इस प्रकार यह उत्तराखंड में एक सबसे लोकप्रिय तीर्थस्थल है।
विष्णु ने इस दिव्य विवाह में पार्वती के भ्राता का कर्तव्य निभाया था, जबकि ब्रह्मा इस विवाहयज्ञ के आचार्य बने थे।
इस मंदिर की एक विशेषता एक अखंड ज्योति है, जो मंदिर के सामने जलती है। माना जाता है कि लौ दिव्य विवाह के समय से जलती है जो आज भी त्रियुगीनारायण मंदिर में विद्यमान है। इसलिए, इस मंदिर को 'अखण्ड धूनी मंदिर' भी कहा जाता है। आने वाले यात्री इस हवनकुण्ड की राख को अपने साथ ले जाते हैं और मानते हैं कि यह उनके वैवाहिक जीवन को सुखी बनाएगी।
संभवता पूरी दुनियां में इससे पुराना धर्म स्थल कोई नही है।
जीवन काल में अवश्य ही एक बार जरूर जाएं
धन्यवाद।
संकल्प द राइजिंग उत्तराखंड फाऊंडेशन