26/04/2026
*🔸 जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी, उपयंत्री ने जैविक खेती के लिए प्रसिद्ध नर्मदांचल गौ सेवा समिति का किया भ्रमण*
*➡️ जैव आदान संसाधन केन्द्र बीआरसी के माध्यम से गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती से भूमि पर्यावरण व स्वास्थ्य मे होगा सुधार : जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू*
खेती किसानी
डिण्डौरी
जिले में जैविक खेती का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना हो तो नर्मदांचल गौ सेवा समिति व बी आर सी केन्द्र ढोंढ़ा पहुँचना अनिवार्य हो जाता है। यह समिति जिले के प्रसिद्ध जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित है, जो विगत 10 वर्षों से जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय कार्य कर रहे हैं।
श्री साहू न केवल स्वयं जैविक खेती कर रहे हैं, बल्कि जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के किसान भाइयों को जैविक खेती अपनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहे हैं। वे किसानों के साथ-साथ महाविद्यालयों, विद्यालयों, शासकीय संस्थानों एवं एनजीओ के माध्यम से डिंडौरी सहित अन्य जिलों में जैविक खेती के प्रति जन जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उनके फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी प्रदर्शित किया जाता है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने किया जैविक फार्म हाउस,प्रयोगशाला का निरीक्षण
हाल ही में WRD जल संसाधन विभाग के EE कार्यपालन यंत्री श्री एस के शर्मा जी, AE सहायक यंत्री श्री अमित उइके जी, SDO अनुविभागीय अधिकारी श्री सी बी ठावरे जी, SE उपयंत्री श्री हर्षित भोज जी ने नर्मदांचल गौ सेवा केन्द्र, ढोंढ़ा में संचालित जैविक फार्म हाउस का भ्रमण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत यूनिट, बायोडाइजेस्टर यूनिट अग्नि अस्त्र, बीज उपचार, प्रयोगशाला सहित जैविक कृषि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी ली। साथ ही जैविक फार्म में उगाई जा रही सब्जियाँ, फसलों का अवलोकन कर सराहना की।
जैविक खेती से सुरक्षित स्वास्थ्य और उपजाऊ भूमि
जंगल के पेड़ को यूरिया कौन देता है कीटनाशक का छिड़काव कौन करता है उन्हें पानी कौन देता है लेकिन जब समय आता है तब पेड़ फल से लद जाते है जंगल के पेड़ के किसी भी पत्ते को तोड़ लीजिए और लैव में टेस्ट करा लीजिए एक भी तत्व की कमी नहीं मिलती जंगल में जो नियम काम करता है, वही हमारे खेत में करना चाहिए और यही है प्राकृतिक कृषि और प्राकृतिक कृषि का सिध्दांत।
इस अवसर पर जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने बताया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं तथा रासायनिक मुक्त खेती मिट्टी की उर्वरता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। जैविक खेती से किसानों की लागत कम होती है और उपज की गुणवत्ता बेहतर होती है। कार्यक्रम में श्री बिहारी लाल साहू, आयुष साहू सहित अन्य जन उपस्थित रहे।
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25 अप्रैल 2026