01/10/2026
बीएसएफ में भर्ती होकर करीब 400 ट्रेड्समैन जवानों को नौकरी से बाहर किए जाने का मामला सामने आया है। इन जवानों का आरोप है कि भर्ती के समय उन्होंने जिस प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किया था, वह बाद में फर्जी पाया गया। जवानों का कहना है कि वे खुद किसी फर्जीवाड़े में शामिल नहीं थे, बल्कि ऑनलाइन कोचिंग संस्थानों और कथित साइबर ठगी का शिकार हुए।
मामले के अनुसार, भर्ती में NSQF लेवल-1 प्रमाणपत्र की आवश्यकता थी। जवानों के मुताबिक, उन्हें यह प्रमाणपत्र NSDC के नाम पर उपलब्ध कराया गया था। बाद में RTI के जवाब का हवाला देते हुए बताया गया कि 2015 से 2023 के बीच NSDC ने इस श्रेणी का कोई प्रमाणपत्र जारी नहीं किया था। एसोसिएशन का कहना है कि कई जवानों ने करीब डेढ़ साल तक बीएसएफ में सेवा भी दी।
अब प्रभावित जवानों और उनके समर्थन में काम कर रहे संगठन ने सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर सेवा में दोबारा अवसर देने की मांग की है। संगठन के मुताबिक, कई जवानों पर लाखों रुपये के कर्ज की जिम्मेदारी भी है। मांग पूरी नहीं होने पर 9 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल की घोषणा की गई है और कानूनी रास्ता अपनाने की बात भी कही गई है। हालांकि, नौकरी बहाली का फैसला संबंधित प्राधिकरण और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।