31/07/2026
🙏 क्रांतिकारी शहीद ऊधम सिंह 🙏
💐💐31 जुलाई 1940 बलिदान दिवस💐💐
शहीद ऊधम सिंह के माता पूज्यनीय नारायणी देवी और पूज्य चूहडराम उत्तर प्रदेश के एटा जनपद के पटियाली गांव के निवासी थे।
वे सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के पश्चात जिला संगरुर पंजाब में बस गए थे। सरदार धन्नासिंह एवं सरदारनी माया कौर के खेतों में काम करते थे।
उन्होने इस चमार दम्पत्ती को सिख धर्म में विधिवत रुप दीक्षित करके चूहडराम को सरदार टहलसिंह और नारायणी देवी को सरदारनी हरनाम कौर बना दिया।
बालक ऊधम सिंह का जन्म 26 दिसंबर 1899 को हुआ था।पांच वर्ष की उम्र में ही उनकी माता की मृत्यु हो गई। उधमसिह के बड़े भाई साधूसिंह जी थे।
13 अप्रैल 1919 अमृतसर के जालियांवाला बाग में
अग्रेजी सैनिको द्वारा निहत्थे लोगों पर जो गोलीबारी की गई उसने उधमसिंह को अंदर तक हिला दिया।उन्होने मन ही मन इस हत्याकांड का बदला लेने का प्रण कर लिया।
13 अप्रैल 1919 को लगभग शाम के साढ़े चार बज रहे थे, जनरल डायर ने जलियांवाला बाग में मौजूद क़रीब 25 से 30 हज़ार लोगों पर ब्रिगेडियर जनरल रेगिनाल्ड एडवर्ड हैरी डायर ( जनरल डायर,म्रत्यु 1927 में बीमारी से हुई ) ने सैनिको के साथ निहत्थे लोगों पर गोलियां बरसाई.
क़रीब दस मिनट तक बिना रुके सैनिकों ने क़रीब 1650 राउंड गोलियां चलाईं और 379 ज़िंदा लोग लाश बन चुके थे.(अनाधिकारिक 3600 लोगों घायल 1300 लोगों की मौत हुई थी)
डायर को आदेश देने वाला पंजाब का लेफ्टिनेंट जनरल माइकल ओ'डायर था।
जिसको 75 वर्ष की आयु में, 13 मार्च 1940 को लंदन के वेस्टमिंस्टर के कैक्सटन हॉल में ईस्ट इंडिया एसोसिएशन और सेंट्रल एशियन सोसायटी (अब रॉयल सोसाइटी फॉर एशियन अफेयर्स) की एक संयुक्त बैठक में #शहीद_उधम_सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
31 जुलाई 1940 को भारत का यह अमर सपूत
फांसी के फ़ंदे पर झूल गया। शहीद ऊधमसिंह ने देश का सिर भी स्वाभिमान से उँचा उठा दिया।
क्रांतिकारी शहीद ऊधमसिंह अमर रहे।
🙏🏻विनम्र आदरांजली🙏🏻
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शत शत नमन।
जय भारत !! जय संविधान !!
🙏🙏🙏🙏🙏
#हर्षवर्धन_असुर
(पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, )
मोब.न.7417380000