16/09/2026
🥀 सेवा के वक्त रिश्ते याद नहीं आते,
लेकिन हिस्से की बात आते ही रिश्तेदारी याद आ जाती है। 💔
माता-पिता की देखभाल को बोझ समझने वाले
अक्सर विरासत को अपना अधिकार समझ लेते हैं।
रिश्ते अगर सिर्फ़ फायदे के लिए निभाए जाएँ,
तो फिर उन्हें रिश्ता नहीं, सौदा कहना बेहतर है। 🤍
हिस्सा ज़मीन-जायदाद में नहीं,
पहले अपनेपन और ज़िम्मेदारी में निभाइए।