18/08/2026
झज्जर बादली थाने में पुलिसवाले सुरेंद्र ने दलित मजदूरों से थूक चटवाया, जूते चटवाए। उत्तम जाट, पारस जाट ने अपने घर पर जातीय शोषण किया। यह पुलिसिया बर्बरता और जातिवादी मानसिकता का नंगा नाच है। झज्जर में इंसानियत तार-तार हो गई है!
हरियाणा के झज्जर स्थित बादली थाने में जो घिनौना, जातीय और अमानवीय अपराध हुआ है, उसने पूरे देश की आत्मा को झकझोर कर रख दिया है। जातिवादी जांच अधिकारी सुरेंद्र की नज़र में "दलित (चमार) होना ही अपराध है।"
दलित मजदूरों के अनुसार झज्जर पुलिस के इस जांच अधिकारी ने अपनी वर्दी को कलंकित करते हुए दो बेकसूर दलित मजदूरों पर चोरी का झूठा इल्जाम लगाया, उन्हें जातिसूचक गालियां दीं, ढाई घंटे तक अवैध हिरासत में रखकर बर्बरता से पीटा और थूक व जूते चटवाने जैसी अत्यंत नीच व अमानवीय हरकत की।
हद तो तब हो गई जब इस जातिवादी सुरेन्द्र ने कहा कि "तुम चमार हो, इसलिए तुम चोर हो!" क्या यही कानून का राज है? क्या यही संविधान की समानता है?
15 अगस्त को देश मना रहा था आजादी, और झज्जर में दलितों की बलि दी जा रही थी!
जिस वक्त पूरा देश 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, उस वक्त 16 अगस्त को सुरेन्द्र पुलिसवाला इन दलित मजदूरों पर कहर बरपा रहा था। पीड़ितों के अनुसार इन बेकसूर दलित युवकों को मुंडाखेड़ा गांव के उत्तम जाट, पारस जाट, उनकी बहन और भूप सिंह जाट ने 15 अगस्त को इन दोनों युवकों का जातीय शोषण किया।
इन जातिवादी सामंतों ने स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर अपने घर में दलित युवकों से थूक चटवाया और उनके स्वाभिमान को कुचला।
यह सिर्फ दो युवकों पर हमला नहीं है, यह बाबा साहेब डॉ. बी.आर. आंबेडकर के संविधान और पूरे दलित-बहुजन समाज के आत्मसम्मान पर सीधा हमला है!
भीम सेना का अल्टीमेटम: 24 घंटे का समय, वरना संवैधानिक और लोकतांत्रिक अंजाम भुगतने को तैयार रहे सरकार!
मैं नवाब सतपाल तंवर, स्पष्ट शब्दों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, डीजीपी अजय सिंघल और झज्जर पुलिस कमिश्नर सिमरदीप सिंह को चेतावनी देता हूँ:
24 घंटे के भीतर आरोपी पुलिसकर्मी जातिवादी सुरेंद्र को तत्काल निलंबित (Suspend) किया जाए और उस पर एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) व अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए।
मुंडाखेड़ा गांव के आरोपी उत्तम जाट, पारस जाट, भूप सिंह जाट और उनकी बहन पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर तुरंत सलाखों के पीछे डाला जाए।
अगर 24 घंटे में न्याय नहीं मिला...
यदि 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो बाबा साहेब आंबेडकर की भीम सेना मौलिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से ईंट से ईंट बजा देगी:
पूरा झज्जर बंद होगा! सड़कें नीली होंगी और एक-एक सड़क पर सम्पूर्ण चक्का जाम किया जाएगा।
यदि फिर भी बहरी सरकार नहीं जागी, तो पूरा हरियाणा बंद किया जाएगा।
जरूरत पड़ी तो इस अन्याय के खिलाफ पूरा भारत बंद करने से भी भीम सैनिक पीछे नहीं हटेंगे!
हमारी खामोशी को हमारी कमजोरी मत समझो! दलित समाज अब जुल्म सहने वाला नहीं है, ईंट का जवाब पत्थर से देना जानता है! तुम्हें लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
इंकलाब जिंदाबाद! जय भीम!
Via
वंशिका Vanshika
सहयोगी
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नवाब सतपाल तंवर
प्रमुख, भीम सेना एवं सुप्रीमो, संविधान सुरक्षा पार्टी (SSP)
Narendra Modi PMO India Nayab Saini Haryana Police CMO Haryana Commissionerate of Jhajjar Police