22/09/2026
आग उगलती धरती व ग्लोबल वार्मिंग से दूषित होती प्रकृति की गंभीर चेतावनी, नहीं सम्भले तो बिगड़ सकते है हालात!
(पृथ्वी सिंह राजावत)
बूंदी। विश्व के कई देशों में अगस्त 2026 का तापमान केवल एक नया रिकॉर्ड नहीं, बल्कि धरती के बदलते मिजाज की गंभीर चेतावनी भी है। विश्व कॉपरनिकस जलवायु परिवर्तन सेवा के अनुसार, अगस्त 2026 में वैश्विक औसत सतही तापमान 16.96°C रहा, जो रिकॉर्ड में सबसे गर्म अगस्त है। धरती का बढ़ता तापमान केवल गर्मी बढ़ने तक सीमित नहीं है बल्कि इसका असर जंगलों, नदियों, समुद्रों, कृषि, वन्यजीवों और मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है। बढ़ती गर्मी के साथ लू, सूखा, जंगलों में आग, अत्यधिक वर्षा, अल्प वर्षा और अन्य चरम मौसम की घटनाओं का जोखिम बढ़ने लगा है। जानकारी के अनुसार दुनियां के समुद्रों का बढ़ता तापमान समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और मौसम के चक्र को भी प्रभावित करता है। इस संकट का सबसे बड़ा कारण मानवीय गतिविधियों से होने वाला ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन, विशेषकर कोयला, तेल और गैस का अत्यधिक उपयोग है। अल नीनो जैसी प्राकृतिक जलवायु घटनाएं किसी वर्ष की गर्मी को और बढ़ा सकती हैं।
हमारे वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों का प्रश्न है जलवायु परिवर्तन का यह दौर
जलवायु परिवर्तन का असर हमारे आसपास भी दिखाई देने लगा है। इससे जल स्रोतों पर दबाव, खेती के लिए बदलते मौसमीं तंत्र, पेड़ों और वन्यजीवों के आवास पर खतरा तथा गर्मी से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दिखाई देने लगी हैं। इसलिए जलवायु परिवर्तन कोई दूर की समस्या नहीं, बल्कि यह हमारे वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों से जुड़ा प्रश्न है। अतः हमें केवल तापमान के रिकॉर्ड टूटने की खबरों पर चिंता व्यक्त करने के बजाय अपने स्तर पर भी बदलाव लाना होगा। इसके बचाव के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाना और उन्हें बचाना, जल संरक्षण करना, ऊर्जा की बचत करना, अनावश्यक प्रदूषण कम करना और जैवविविधता वाले प्राकृतिक आवासों की रक्षा करना होगा। धरती को बचाने का काम किसी एक सरकार, संस्था या व्यक्ति का नहीं है। यह हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।
🌱 पेड़ बचेंगे तो जंगल बचेंगे।
🐅 जंगल बचेंगे तो वन्यजीव बचेंगे।
💧 जल और जैवविविधता बचेंगे तो जीवन बचेगा।
आज प्रकृति के लिए उठाया गया एक छोटा कदम, आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ा उपहार हो सकता है। (Bundi Tiger)
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