अखिल विश्व श्री नामदेव छीपा समाज

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अखिल विश्व श्री नामदेव छीपा समाज Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from अखिल विश्व श्री नामदेव छीपा समाज, 81, Namdev dham, Bilara.

"नामदेव छीपा समाज,एकता, संस्कार और सेवा का प्रतीक है"संत शिरोमणि श्री नामदेव जी महाराज के आदर्शों पर चलने वाला यह समूह समाज को जोड़ने, संस्कार जगाने और सहयोग की भावना को बढ़ाने हेतु समर्पित है।
जय श्री नामदेव ।।
🙏🏻 जय श्री विट्ठल 🙏🏻

31/05/2026

श्री नामदेव मंदिर, उज्जैन

31/05/2026

#श्री_नामदेव_छीपा_चारपट्टी_बगीची_बिलाड़ा

पुरुषोत्तम मास की 14 कोसी भोगीशैल परिक्रमा, बिलाड़ा

राजस्थान के बिलाड़ा क्षेत्र में आयोजित होने वाली 14 कोसी भोगीशैल परिक्रमा धार्मिक आस्था, लोक परंपरा और सनातन संस्कृति का एक महत्वपूर्ण उत्सव है। यह परिक्रमा विशेष रूप से पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) में आयोजित की जाती है, जिसे भगवान विष्णु के पुरुषोत्तम स्वरूप को समर्पित माना गया है। शास्त्रों में पुरुषोत्तम मास को अन्य सभी महीनों से श्रेष्ठ बताया गया है तथा इस अवधि में किए गए जप, तप, दान, व्रत, तीर्थयात्रा और परिक्रमा का फल अनेक गुना बढ़ जाता है।

भोगीशैल का धार्मिक महत्व

बिलाड़ा क्षेत्र में स्थित भोगीशैल प्राचीन काल से साधना, भक्ति और तपस्या की भूमि मानी जाती है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार यह क्षेत्र ऋषि-मुनियों, संतों और भक्तों की तपोस्थली रहा है। इसलिए इसकी परिक्रमा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना का माध्यम मानी जाती है।

14 कोसी परिक्रमा का महत्व

'कोस' प्राचीन भारतीय दूरी मापने की इकाई है। 14 कोस की यह परिक्रमा लगभग 40 से 45 किलोमीटर की धार्मिक यात्रा होती है। श्रद्धालु पैदल चलकर भोगीशैल क्षेत्र की परिधि में स्थित विभिन्न देवस्थानों, मंदिरों और पवित्र स्थलों के दर्शन करते हैं।

धार्मिक मान्यता है कि,,,,

पुरुषोत्तम मास में की गई परिक्रमा विशेष पुण्य प्रदान करती है।

भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है।

मन, वचन और कर्म की शुद्धि होती है।

जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।

पूर्व जन्मों के पापों का क्षय तथा आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व

यह परिक्रमा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। हजारों श्रद्धालु एक साथ यात्रा करते हैं। मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा—

जल सेवा,

भंडारे,

चिकित्सा शिविर,

विश्राम स्थल,

भजन-कीर्तन एवं सत्संग

का आयोजन किया जाता है, इससे सेवा, सहयोग और भाईचारे की भावना सुदृढ़ होती है।

आध्यात्मिक संदेश

14 कोसी भोगीशैल परिक्रमा मनुष्य को अहंकार त्यागकर भक्ति, सेवा, संयम और सदाचार का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देती है। पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालु ईश्वर का स्मरण करते हुए आत्मचिंतन करते हैं और अपने जीवन को धर्ममय बनाने का संकल्प लेते हैं।

पुरुषोत्तम मास में आयोजित बिलाड़ा की 14 कोसी भोगीशैल परिक्रमा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भक्ति, सेवा, तप, त्याग और लोकमंगल का महापर्व है। यह बिलाड़ा की आध्यात्मिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और जनआस्था का जीवंत प्रतीक है, जो पीढ़ियों से श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कृति से जोड़ता आ रहा है।
#पंढरपुर #नामदेव

30/05/2026

श्री नामदेव जी कथा महोत्सव – ऋषिकेश

"जहाँ गंगा की पावन धारा बहती है, जहाँ ऋषियों की तपोभूमि अध्यात्म का संदेश देती है, उसी दिव्य नगरी ऋषिकेश में जून माह में संत शिरोमणि, भक्तश्रेष्ठ, श्री विठ्ठल के अनन्य उपासक, परम पूज्य संत श्री नामदेव जी महाराज की पावन कथा का भव्य आयोजन होने जा रहा है।"

इस अवसर पर संत श्री नामदेव जी के जीवन, उनके अद्भुत भक्ति भाव, समाज सुधार, समरसता के संदेश तथा ईश्वर के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा पर आधारित सैकड़ों आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कथा के माध्यम से श्रद्धालु जानेंगे कि किस प्रकार एक साधारण बालक नामदेव, अपनी निष्कलंक भक्ति और विठ्ठल प्रेम के बल पर संतों के मुकुटमणि बने। कैसे उनकी वाणी आज भी मानवता को प्रेम, सेवा, समानता और ईश्वर भक्ति का मार्ग दिखाती है।

भजन संध्या, संत वाणी पाठ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, जीवन चरित्र आधारित नाट्य मंचन, विचार गोष्ठियाँ, युवा प्रेरणा कार्यक्रम तथा भक्ति जागरण जैसे अनेक आयोजन इस महोत्सव की शोभा बढ़ाएंगे।

आइए, हम सभी इस दिव्य अवसर के सहभागी बनें और संत श्री नामदेव जी महाराज के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लें।

"नामदेव की भक्ति का संदेश,
हर हृदय में जगाएगा विश्वास।
विठ्ठल प्रेम की अमृत धारा,
ऋषिकेश में बहेगी इस बार।"

जय संत श्री नामदेव जी महाराज
जय श्री विठ्ठल 🙏🚩

श्री चारभुजा नामदेव मंदिर, सुरपुरा, जोधपुर
30/05/2026

श्री चारभुजा नामदेव मंदिर, सुरपुरा, जोधपुर

सभी भोगिशाली परिक्रमा प्रेमियों को सादर वंदन।अत्यंत हर्ष, गौरव एवं आत्मिक आनंद के साथ आप सभी को सूचित किया जाता है कि हम...
30/05/2026

सभी भोगिशाली परिक्रमा प्रेमियों को सादर वंदन।
अत्यंत हर्ष, गौरव एवं आत्मिक आनंद के साथ आप सभी को सूचित किया जाता है कि हमारे पूज्य पूर्वज स्वर्गीय श्रीमान कानमल जी भाटी,एवं स्वर्गीय श्रीमती सुरज्ञानी भाटी द्वारा प्रारंभ की गई सेवा, परोपकार एवं श्रद्धा की पावन परंपरा “श्याम प्याऊ” का आयोजन इस वर्ष भी श्रद्धा एवं समर्पण भाव से किया जा रहा है।
दिनांक 31 तारीख को, स्थान — रातानाड , भाटी भवन, पुलिस लाइन में प्रातः 7:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक, एवं उनके परिवार द्वारा यह सेवाकार्य आयोजित किया जाएगा।
भोगिशाली परिक्रमा में सम्मिलित सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रेमपूर्वक चाय, कॉफी, अल्पाहार, नींबू पानी, ठंडाई एवं रोज़ मिल्क आदि की उत्तम व्यवस्था की गई है, ताकि प्रभु भक्ति की इस यात्रा में सेवा, स्नेह और अपनत्व का भाव बना रहे।
सेवा केवल दान नहीं होती, बल्कि यह वह पुण्य साधना है जिसमें मन को सच्ची शांति और आत्मा को दिव्य संतोष प्राप्त होता है।
हम सभी नामदेव परिवार एवं जोधपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में निवास करने वाले श्रद्धालुओं से विनम्र आग्रह करते हैं कि इस पावन सेवाकार्य में अपनी सहभागिता प्रदान करें एवं निस्वार्थ सेवा का पुण्य लाभ अवश्य प्राप्त करें।
“परिक्रमा में चलने वाले चरण तो अनेक होते हैं,
पर सेवा में जुड़ने वाले हाथ बहुत कम होते हैं।”
आइए, हम सभी मिलकर सेवा, संस्कार और समर्पण की इस पावन परंपरा को आगे बढ़ाएँ।
🙏 जय श्री श्याम 🙏

🌸🙏🏻 भक्ति एवं श्रद्धा से भरपूर आमंत्रण 🙏🏻🌸🚩 !! जय श्री विट्ठल !!🚩 !! जय श्री नामदेव !!✨ विशेष सूचना ✨अति हर्ष के साथ सूच...
30/05/2026

🌸🙏🏻 भक्ति एवं श्रद्धा से भरपूर आमंत्रण 🙏🏻🌸
🚩 !! जय श्री विट्ठल !!
🚩 !! जय श्री नामदेव !!
✨ विशेष सूचना ✨
अति हर्ष के साथ सूचित किया जाता है कि प्रत्येक पूर्णिमा को प्रभात फेरी द्वारा हमारे मंदिर में भजन-कीर्तन का दिव्य आयोजन किया जाता है। 🎶🪔
इस पावन अवसर पर आप सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से विनम्र निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में पधारकर भक्ति रस का आनंद प्राप्त करें एवं पुण्य लाभ अर्जित करें।
🌼 पुरुषोत्तम मास के शुभ अवसर पर कीर्तन पश्चात्
ठाकुर जी को शीतल ठंडाई का भोग अर्पित किया जाएगा। 🥛🌿
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📖 कार्यक्रम विवरण 📖
📅 दिनांक: 31 मई 2026, रविवार
⏰ समय: प्रातः 6:30 बजे से 8:00 बजे तक
📍 स्थान: श्री श्याम जी का मंदिर
सिटी डिस्पेंसरी के पीछे,
आचार्य नानेश मार्ग, ब्यावर
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🙏 निवेदन कर्ता 🙏
अध्यक्ष: नंदकिशोर खमायचा
श्री नामदेव छीपा (गहलोतान) समाज
श्री श्याम जी का मंदिर विकास समिति (रजि.) ब्यावर
🌸 आप सभी की उपस्थिति सादर प्रार्थनीय है। 🌸
🚩 जय श्री विट्ठल!
🚩 जय श्री नामदेव! 🙏🏻✨
हर पूर्णिमा को होने वाला यह भजन-कीर्तन मन को शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक आनंद प्रदान करता है।

15/05/2026
*प्रिंस टेलर नथैया  सुपुत्र श्री संपत कुमार जी नथैया सोपोत्र नथमल जी नथैया निवासी सिहोट बड़ी सीकर CBSE कक्षा 12th 98% अंक...
13/05/2026

*प्रिंस टेलर नथैया सुपुत्र श्री संपत कुमार जी नथैया सोपोत्र नथमल जी नथैया निवासी सिहोट बड़ी सीकर CBSE कक्षा 12th 98% अंक प्राप्त कर परिवार और समाज का गौरव बढ़ाया है प्रिंस टेलर के सुनहरे भविष्य की हम कामना करते हैं*

13/05/2026

*अपने बच्चों को कोचिंग संस्थाओं की बजाय स्थानीय स्कूलों में पढ़ाओ, उसे खुद को मृत्युदंड दे सके इस लायक बनाने के लिए बड़े शहरों में मत भेजो*

आज पूरे भारत में शिक्षा के नाम पर एक ऐसा भ्रम खड़ा कर दिया गया है, जिसने लाखों माता-पिताओं को मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक रूप से जकड़ लिया है,हर गली, हर शहर और हर मोबाइल स्क्रीन पर बड़े-बड़े कोचिंग संस्थानों के विज्ञापन दिखाई देते हैं, जिनमें सैकड़ों टॉपर्स की तस्वीरें, हजारों चयन और करोड़ों के पैकेज का सपना दिखाया जाता है,ऐसा माहौल बना दिया गया है कि यदि बच्चा किसी बड़े कोचिंग शहर में नहीं गया, तो उसका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा,यही कारण है कि आज गांवों और छोटे शहरों के माता-पिता अपनी वर्षों की जमा पूंजी, खेत, गहने और जमीन तक बेचकर बच्चों को तथाकथित “एजुकेशन हब” भेज रहे हैं,लेकिन अब समय आ गया है कि देश इस चमकती हुई तस्वीर के पीछे छिपी भयावह सच्चाई को समझे।

पिछले कुछ वर्षों में जिस प्रकार कुछ कोचिंग संस्थानों ने अचानक चमत्कारी परिणाम देने शुरू किए, उसने पूरे समाज को आकर्षित कर लिया, हजारों बच्चों का चयन, अखबारों में पूरे पन्ने के विज्ञापन, सोशल मीडिया पर सफलता की कहानियां और शहरों को शिक्षा नगरी घोषित करने का अभियान यह सब देखकर आम परिवारों को लगा कि यहीं से सफलता का रास्ता निकलता है, लेकिन जब विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, संदिग्ध चयन और गेस पेपर जैसी घटनाएं सामने आने लगीं, तब यह प्रश्न उठना स्वाभाविक था कि आखिर इतने चमत्कार संभव कैसे हो रहे हैं,आज समाज के सामने यह गंभीर आरोप खड़े हैं कि कुछ बड़ी कोचिंग संस्थाएं पेपर लीक करवाने वाले माफियाओं से करोड़ों रुपए में प्रश्नपत्र खरीदती हैं और फिर उन्हें “स्पेशल बैच”, “गेस पेपर”, “रिवीजन मॉड्यूल” या “गारंटीड बैच” के नाम पर चुनिंदा बच्चों तक पहुंचा देती हैं,यही कारण है कि कुछ सौ बच्चों के चयन का ढोल पीटकर लाखों परिवारों को भ्रमित किया जाता है और फिर उन परिणामों के आधार पर हजारों नए एडमिशन लेकर अरबों रुपए का व्यापार खड़ा किया जाता है।

सबसे दुखद बात यह है कि इस पूरे खेल में सबसे ज्यादा नुकसान मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के बच्चों का होता है, जिन बच्चों को बड़े सपनों के साथ घर से दूर भेजा जाता है, वे वहां जाकर शिक्षा नहीं बल्कि भय, तनाव और तुलना की मशीन में फंस जाते हैं,हजारों बच्चों की भीड़ में उन्हें केवल “रैंक” बनकर रह जाना पड़ता है,हर सप्ताह टेस्ट, हर महीने रैंकिंग, हर दिन तुलना और हर गलती पर अपमान धीरे-धीरे बच्चा पढ़ाई से ज्यादा असफलता के डर में जीने लगता है, उसे यह महसूस कराया जाता है कि यदि वह डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बना, तो उसका जीवन व्यर्थ है,यही मानसिक दबाव कई मासूम बच्चों को अवसाद और आत्महत्या जैसे भयावह रास्तों तक ले जाता है,कितने ही माता-पिता अपने बच्चों की लाशें लेकर लौटे हैं, लेकिन इसके बावजूद यह शिक्षा व्यापार लगातार बढ़ता जा रहा है, क्योंकि इन संस्थानों ने सफलता को “ब्रांड” बना दिया है और बच्चों को “प्रोडक्ट”।

विडंबना देखिए कि जिन बच्चों के माता पिता दिन रात मेहनत करके फीस भरते हैं, उन्हीं गरीब परिवारों के सपनों पर इन संस्थाओं की आलीशान इमारतें खड़ी होती हैं,यदि इन कोचिंग साम्राज्यों को निचोड़ा जाए, तो उनमें से गरीबों का खून और माता पिता के आंसू ही निकलेंगे,शिक्षा अब सेवा नहीं रही, बल्कि करोड़ों अरबों के व्यापार में बदल दी गई है,बच्चों की मेहनत से ज्यादा विज्ञापन पर ध्यान दिया जाता है,एक टॉपर के पोस्टर से हजारों नए बच्चों को आकर्षित किया जाता है, जबकि असफल हुए लाखों बच्चों की पीड़ा को कोई नहीं दिखाता,यह कैसी शिक्षा है, जहां बच्चे इंसान नहीं बल्कि रिजल्ट मशीन बन जाते हैं...।

इसीलिए आज पूरे भारत के माता पिताओं से हाथ जोड़कर निवेदन है कि अपने बच्चों को कक्षा 12 तक अपने पास रखिए , उन्हें स्थानीय विद्यालयों में पढ़ाइए, क्योंकि वास्तविक शिक्षा केवल किताबों से नहीं, बल्कि परिवार, समाज और संस्कारों से मिलती है,गांवों, कस्बों और छोटे शहरों के विद्यालय किसी भी प्रकार से कमज़ोर नहीं हैं,वहां भी योग्य शिक्षक हैं, अनुभवी व्याख्याता हैं, अनुशासन है और सबसे बड़ी बात वहां बच्चों को इंसान समझा जाता है, ग्राहक नहीं, स्थानीय विद्यालयों में पढ़ने वाला बच्चा अपने माता-पिता के सान्निध्य में रहता है, परिवार के संस्कार सीखता है, समाज से जुड़ा रहता है और मानसिक रूप से अधिक मजबूत बनता है, उसे यह एहसास रहता है कि उसका अस्तित्व केवल किसी परीक्षा की रैंक तक सीमित नहीं है।

आज आवश्यकता इस बात की है कि स्थानीय स्कूलों की महानता को फिर से पहचाना जाए,हमारे अपने शहरों और गांवों के विद्यालय केवल शिक्षा नहीं देते, बल्कि चरित्र निर्माण करते हैं, वहां बच्चे एक-दूसरे के साथ सामाजिक व्यवहार सीखते हैं, अपने बुजुर्गों का सम्मान करना सीखते हैं, त्योहारों और संस्कृतियों से जुड़े रहते हैं और जीवन के वास्तविक मूल्यों को समझते हैं, स्थानीय शिक्षक बच्चों को केवल पढ़ाते नहीं, बल्कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हैं, उनकी समस्याओं को समझते हैं और अभिभावकों के साथ मिलकर उनका मार्गदर्शन करते हैं, यही वह वातावरण है जहां बच्चा मानसिक रूप से स्वस्थ, सामाजिक रूप से जागरूक और नैतिक रूप से मजबूत बनता है।

इसके विपरीत बड़े कोचिंग शहरों में बच्चों को परिवार से काट दिया जाता है, वहां न त्योहार होते हैं, न अपनापन, न भावनात्मक सहारा,वहां केवल प्रतियोगिता है, भागदौड़ है और हर पल खुद को साबित करने का दबाव है,धीरे-धीरे बच्चा मशीन बन जाता है,वह दोस्ती भूल जाता है, संवेदनाएं भूल जाता है और जीवन का वास्तविक अर्थ खो देता है,यदि शिक्षा बच्चों को मानसिक रूप से तोड़ने लगे, उन्हें अवसाद में धकेलने लगे और उन्हें केवल पैकेज और रैंक का साधन बना दे, तो ऐसी शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।

अब समय आ गया है कि सरकारें भी इस दिशा में कठोर कदम उठाएं, शिक्षा के नाम पर भय और भ्रम फैलाने वाली संस्थाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए,पेपर लीक माफियाओं से जुड़े नेटवर्क पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए,बच्चों पर अमानवीय दबाव डालने वाले सिस्टम को नियंत्रित किया जाना चाहिए और शिक्षा को व्यापार बनाने वालों पर सख्त नियम लागू होने चाहिए, क्योंकि शिक्षा मंदिर होती है, व्यापार का बाजार नहीं, यह राष्ट्र निर्माण का माध्यम है, बच्चों के सपनों का शोषण करने का उद्योग नहीं।

हर माता-पिता को यह समझना होगा कि सफलता केवल बड़े शहरों से नहीं आती, बल्कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से आती है, यदि बच्चा ईमानदारी से पढ़े, स्थानीय विद्यालयों में अच्छे शिक्षकों के मार्गदर्शन में आगे बढ़े और परिवार का सहयोग उसके साथ हो, तो वह कहीं से भी डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी या वैज्ञानिक बन सकता है, भारत के महान लोग केवल बड़े कोचिंग संस्थानों से नहीं निकले, बल्कि साधारण विद्यालयों और संघर्षपूर्ण जीवन से निकलकर आगे बढ़े हैं।

इसलिए अपने बच्चों के मन में यह भ्रम कभी मत डालिए कि सफल होने के लिए घर छोड़ना जरूरी है,उन्हें यह सिखाइए कि उनका जीवन किसी परीक्षा से बड़ा है,उन्हें यह एहसास करवाइए कि वे परिवार के लिए कितने अनमोल हैं, क्योंकि अंत में रैंक नहीं, इंसानियत काम आती है ,पैकेज नहीं, संस्कार काम आते हैं,और सबसे बड़ी बात बच्चों की मुस्कान किसी भी सफलता से अधिक मूल्यवान होती है।

प्रमोद नामदेव, बिलाड़ा 🙏

जय श्री श्याम जी ---*जय श्री नामदेव, जय श्री विट्ठल**पाली नामदेव छीपा समाज की आम सभा संपन्न**पाली, दिनांक:* ___  3.5.202...
06/05/2026

जय श्री श्याम जी

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*जय श्री नामदेव, जय श्री विट्ठल*

*पाली नामदेव छीपा समाज की आम सभा संपन्न*

*पाली, दिनांक:* ___ 3.5.2026 रविवार
श्री श्याम जी मन्दिर, पाली में पाली नामदेव छीपा समाज की एक आम जनरल मीटिंग आयोजित की गई। मीटिंग का मुख्य एजेंडा वर्तमान कार्यकारिणी के कार्यकाल का आय-व्यय प्रस्तुत करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ समाज अध्यक्ष श्री चम्पालाल जी भाटी द्वारा सभी समाज बंधुओं के अभिवादन से हुआ। इसके पश्चात समाज सचिव श्री राजाबाबू राठौड़ ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए गत वर्ष में आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी दी एवं आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा की।

समाज के कोषाध्यक्ष श्री प्रदीप चौहान ने वर्तमान कार्यकारिणी का आय-व्यय प्रस्तुत किया। उन्होंने दिनांक 01.01.2025 से 31.03.2025 तथा 01.04.2025 से 31.03.2026 तक का सम्पूर्ण लेखा-जोखा समाज के समक्ष रखा। इसमें कुल आय, व्यय एवं बैंक में शेष राशि की विस्तृत जानकारी दी गई।

श्री प्रदीप चौहान ने बताया कि समाज का संपूर्ण हिसाब अब कंप्यूटराइज्ड कर दिया गया है। प्रत्येक समाज बंधु अपनी-अपनी डिटेल स्वयं देख सकते हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि पाली श्री नामदेव छीपा समाज का आय-व्यय कोई भी समाज बंधु किसी भी समय देख सकता है। इस पारदर्शिता के लिए सभी समाज बंधुओं ने कोषाध्यक्ष महोदय का आभार व्यक्त किया।

मीटिंग में सभी समाज बंधुओं ने वर्तमान कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं।

समाज सचिव श्री राजा बाबू राठौड़ ने प्रस्ताव रखा कि समाज मन्दिर के रखरखाव हेतु वार्षिक शुल्क ₹1200 से बढ़ाकर ₹1500 किया जाए । उपस्थित सभी समाज बंधुओं ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को पारित कर दिया। नया वार्षिक शुल्क दिनांक 01.04.2026 से लागू होगा।

अंत में समाज अध्यक्ष श्री चम्पालाल जी भाटी ने "सबका साथ, समाज का विकास" के संदेश के साथ सभी का आभार प्रकट किया। सचिव श्री राजा बाबू राठौड़ ने भी धन्यवाद ज्ञापित किया। मीटिंग के पश्चात सभी समाज बंधुओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई
ठाकुर जी को भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया गया ।
🙏 श्री नामदेव हिन्दू छीपा संस्थान पाली 🙏

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81, Namdev Dham
Bilara
342602

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