Pawan Maurya

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“हमारा मिशन—प्राकृतिक खेती और आयुर्वेद को हर गांव तक पहुँचाना
मिट्टी, किसान और परिवार तीनों को स्वस्थ बनाकर एक निरोगी भारत की नई शुरुआत।
कम लागत, शुद्ध उत्पादन और प्राकृतिक जीवन शैली की ओर वापसी।”
आओ मिलकर भारत को पुनः निरोगी,स्वस्थ,समृद्ध और सशक्त बनाएं।

25/01/2026

“यूरिया–डीएपी छोड़िए, गन्ने की 100% प्राकृतिक खेती अपनाइए”
🌱 प्राकृतिक खेती | गन्ने की उन्नत तकनीक | भविष्य सुरक्षित
आज हमारे इस विशेष ब्रॉडकास्ट के माध्यम से किसानों को यह समझाया गया कि
👉 गन्ने की खेती 100% प्राकृतिक तरीके से कैसे की जा सकती है,
👉 यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक खादों से पूरी तरह कैसे बचा जाए।
इस सत्र में माननीय डॉ. प्रमोद कुमार पाण्डेय जी ने बहुत ही गहराई और सरल भाषा में बताया कि
कैसे प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान
✔️ लागत कम कर सकता है,
✔️ मिट्टी को ज़हर से बचा सकता है,
✔️ और बेहतर व टिकाऊ उपज प्राप्त कर सकता है।
सर ने यह भी स्पष्ट किया कि
🌾 प्राकृतिक उत्पाद किस प्रकार डीएपी का प्रभावी विकल्प हैं,
🌱 कौन-से उत्पाद यूरिया की जगह काम करते हैं,
और इन्हें सही समय और सही मात्रा में उपयोग करने से
गन्ने की फसल में उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर होती है।
उन्होंने यह भी बताया कि अगर किसान
👉 लगातार 3 से 4 फसल चक्र
👉 इसी प्राकृतिक फॉर्मेट में खेती करें,
तो उनकी ज़मीन 100% ऑर्गेनिक बन सकती है।
💚 जब हमारी मिट्टी बचेगी, तो खेत बचेंगे।
जब खेत बचेंगे, तो भोजन बचेगा।
और जब भोजन बचेगा, तब ही हमारी आने वाली पीढ़ी सुरक्षित रहेगी।
यह वीडियो हर उस किसान के लिए है
जो रसायन मुक्त खेती,
स्वस्थ मिट्टी,
और सुरक्षित भविष्य चाहता है।
“खेती बचेगी, तभी पीढ़ी बचेगी”
“प्राकृतिक खेती: आज की ज़रूरत, कल की सुरक्षा”
📌 वीडियो को पूरा देखें, शेयर करें और प्राकृतिक खेती के इस मिशन से जुड़ें।
9068342076

#प्राकृतिक_खेती


#गन्ने_की_खेती

#रसायन_मुक्त_खेती

#किसान_हित
#किसान_जागृति
#मिट्टी_बचाओ



#उन्नत_कृषि




#खेती_बचेगी_तो_पीढ़ी_बचेगी







12/01/2026

“गुलामी सिर्फ़ जंजीरों से नहीं होती,
उपभोक्तावादी सोच भी गुलाम बनाती है।”

एक समय था जब भारत आत्मनिर्भर था।
हमारी मिट्टी ज़िंदा थी,
फसल पोषक थी,
और शरीर मजबूत।
लेकिन धीरे-धीरे एक सोची-समझी साज़िश के तहत —
🔸 पहले हमारी ज़मीन को रसायनों से कमजोर किया गया
🔸 फिर उसी मिट्टी से पैदा हुई कमज़ोर उपज हमें खाने को दी गई
🔸 उसके बाद बीमारी आई
🔸 और बीमारी के इलाज के नाम पर
अंग्रेज़ी दवाइयों और अस्पतालों का जाल बिछा दिया गया
यहीं कहानी खत्म नहीं होती…
आज बाज़ारवाद के नाम पर
हमें ऐसे-ऐसे उत्पादों की ज़रूरत बताई जा रही है
👉 जिनकी हमारे जीवन में कोई असली ज़रूरत नहीं
भ्रामक विज्ञापन,
झूठे दावे,
और चमक-दमक ने
👉 हमारी मेहनत की कमाई को
अनजाने में बाज़ार की भट्टी में झोंक दिया।
सबसे दर्दनाक सच्चाई यह है कि — इन रसायनों को खाते-खाते
✔ हमारी उम्र घट रही है
✔ बीमारियाँ बढ़ रही हैं
✔ और बीमारी के बाद
हमें इलाज के नाम पर अपना सब कुछ लुटाना पड़ रहा है
❓ क्या यही विकास है?
❓ क्या यही आधुनिकता है?
अब सवाल यह नहीं कि
दुनिया हमें क्या बेच रही है,
सवाल यह है कि
👉 हम क्या स्वीकार कर रहे हैं।
समय आ गया है —
🌱 प्राकृतिक खेती की ओर लौटने का
🌿 आयुर्वेद और देसी ज्ञान को अपनाने का
🔥 और उपभोक्ता नहीं, सचेत नागरिक बनने का
यह वीडियो सिर्फ़ देखने के लिए नहीं है,
यह सोच बदलने के लिए है।
अगर आप भी मानते हैं कि
👉 भारत की ताक़त उसकी मिट्टी, सेहत और स्वदेशी सोच में है
तो इस वीडियो को ज़्यादा से ज़्यादा साझा करें।

#उपभोक्तावाद
#गुलामी_की_सोच
#मिट्टी_बचाओ
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#आयुर्वेद_जागरण
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#बाज़ारवाद_का_सच
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#किसान_बचेगा_तो_देश_बचेगा

🙏 सावित्रीबाई फुले को नमन 🌸जिस समय बेटी को पढ़ाना पाप माना जाता था,उस समय सावित्रीबाई फुले नेशिक्षा को हथियार बनाकर अंधक...
03/01/2026

🙏 सावित्रीबाई फुले को नमन 🌸
जिस समय बेटी को पढ़ाना पाप माना जाता था,
उस समय सावित्रीबाई फुले ने
शिक्षा को हथियार बनाकर अंधकार से युद्ध किया।
पत्थर फेंके गए, अपमान सहा गया,
पर उन्होंने किताब नहीं छोड़ी।
उन्होंने साबित किया कि
शिक्षा ही सबसे बड़ा सामाजिक परिवर्तन है।
सावित्रीबाई फुले केवल पहली महिला शिक्षिका नहीं थीं,
वह उस क्रांति की शुरुआत थीं
जिसने स्त्री, दलित और वंचित समाज को आवाज़ दी।
आज जब हम शिक्षा की बात करते हैं,
तो यह याद रखना ज़रूरी है—
हम जिस रोशनी में खड़े हैं, वह उनके संघर्ष की देन है।
आइए, उनके सपने को आगे बढ़ाएं—
हर बेटी पढ़े, हर समाज जागे।
सावित्रीबाई फुले अमर रहें।
शिक्षा से ही समाज बदलेगा।

प्रिय देशवासियों,नववर्ष 2026 आपके जीवन में स्वास्थ्य, समृद्धि और स्वाभिमान लेकर आए—यही हमारी कामना है।यह वर्ष केवल कैलें...
31/12/2025

प्रिय देशवासियों,
नववर्ष 2026 आपके जीवन में स्वास्थ्य, समृद्धि और स्वाभिमान लेकर आए—यही हमारी कामना है।
यह वर्ष केवल कैलेंडर बदलने का नहीं, चेतना बदलने का वर्ष बने।
आज हमारा किसान कर्ज़, ज़हर और बाज़ारवाद के दबाव में है।
आज हमारी थाली में भोजन है, पर पोषण नहीं।
आज दवाइयाँ हैं, पर स्वस्थ जीवन नहीं।
हमक्योर किसान चेतना मंच आपसे आह्वान करता है—
🌱 खेतों को ज़हर से मुक्त करें
🌱 किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ें
🌱 भोजन को दवा और दवा को अंतिम विकल्प बनाएं
🌱 गांव, गरीब, किसान और प्रकृति को फिर से केंद्र में लाएं
2026 वह साल बने जब—
किसान आत्मनिर्भर हो
उपभोक्ता जागरूक हो
भारत रसायन-मुक्त और रोग-मुक्त दिशा में बढ़े
यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं,
जन-जन की चेतना की लड़ाई है।
आइए, संकल्प लें—
“स्वस्थ किसान, स्वस्थ भोजन, स्वस्थ भारत”
नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं।
आइए, मिलकर भारत को फिर से प्राकृतिक, स्वदेशी और सशक्त बनाएं।
— हमक्योर किसान चेतना मंच
*रसायन-मुक्त भारत | स्वस्थ भारत | आत्मनिर्भर भारत

🌍 विश्व मृदा दिवस पर विशेष संदेश“धरती बचाओ – किसान बचाओ – भविष्य बचाओ”मिट्टी सिर्फ ज़मीन नहीं है,यही हमारी रोटी है, यही ...
05/12/2025

🌍 विश्व मृदा दिवस पर विशेष संदेश
“धरती बचाओ – किसान बचाओ – भविष्य बचाओ”

मिट्टी सिर्फ ज़मीन नहीं है,
यही हमारी रोटी है, यही हमारी जड़ है, और यही हमारा भविष्य है।
आज विश्व मृदा दिवस पर आइए हम सब मिलकर यह प्रण लें कि हम अपनी मिट्टी को ज़हर से नहीं, प्राकृतिक पोषण से सींचेंगे।

हमक्योर मिशन का हर कदम इसी दिशा में है—
✔️ जैविक समाधानों से मिट्टी को पुनर्जीवित करना
✔️ किसानों को रासायनिक निर्भरता से मुक्त करना
✔️ गांव-गांव प्राकृतिक खेती की चेतना फैलाना
✔️ भविष्य की पीढ़ियों के लिए उपजाऊ धरती छोड़ना

हमक्योर के उत्पाद सिर्फ खेती का साधन नहीं,
यह मिट्टी की उम्र बढ़ाने वाली औषधियां हैं।
जब किसान प्राकृतिक रास्ता चुनता है,
तब सिर्फ फसल नहीं, आत्मनिर्भरता भी उगती है।

🌱 किसानों से अपील
अगर आप सच में बदलाव चाहते हैं,
तो आज से अपनी मिट्टी को “उपजाऊ” नहीं, “जीवंत” बनाने का संकल्प लें।
रसायन नहीं—जैविक, प्राकृतिक और सुरक्षित खेती अपनाएं।

🙏 आइए हम सब मिलकर “मिट्टी बचाने” के इस अभियान में शामिल हों।
इसी में हमारा कल है, इसी में हमारी संतानों का भविष्य है।

हमक्योर मिशन – गाँव-गाँव प्राकृतिक चेतना, किसान-किसान जागृति।

03/12/2025

“जब मिट्टी का बीज कमजोर हुआ… तभी इंसान का बीज भी कमजोर होने लगा!”
यह सच्चाई अब किसी से छुपी नहीं है।

🌱 क्या आपने कभी सोचा है कि IVF और IUI की ज़रूरत अचानक क्यों बढ़ गई?
असल कहानी कहीं गहरी है—
रासायनिक खेती → रासायनिक भोजन → कमजोर होती इंसानी प्रजनन क्षमता।

1990 के बाद जब 100% खेती रसायन से होने लगी तब हमारी जमीन में ज़हर घुला…
तो 2010 के बाद हमारी आने वाली पीढ़ियों की प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होने लगी।

🧬 दुनियाभर में स्पर्म काउंट घट रहा है।
🧬 भारत में स्पर्म क्वालिटी सबसे तेजी से गिर रही है।
🧬 IVF की मांग हर साल कई गुना बढ़ रही है।

👉 यह बीमारी नहीं…
👉 यह रासायनिक भोजन और प्रेशर वाली जीवनशैली का परिणाम है।

और इसी सच्चाई को दिखाने के लिए
हमने यह वीडियो बनाई है —
ताकि लोग जागें, सोचें और समाधान की तरफ कदम बढ़ाएँ।

🌿 हमक्योर मिशन केवल खेती नहीं बदल रहा,
यह पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित कर रहा है।

🙏 वीडियो देखें, शेयर करें, और इस मिशन का हिस्सा बनें।
क्योंकि—
अगर जमीन बचेगी, तो आने वाली पीढ़ियाँ बचेंगी।
#रसायनमुक्तभारत
#हमक्योरमिशन










02/12/2025

“जिस दिन भारत रसायनों से आज़ाद हो गया… उसी दिन बीमारी भी हार जाएगी।”
“यह सिर्फ खेती का बदलाव नहीं… यह आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का संकल्प है।”

“जब किसान जागता है, तो पूरा देश स्वस्थ होता है।”

“विदेशी कंपनियाँ दवाई बेचती हैं… लेकिन भारत के किसान दवाई उगाते हैं।”

“रसायनों से मुक्ति, आत्मनिर्भरता की असली शुरुआत है।”

“आज जो मिट्टी को बचा रहा है… वही कल भारत को बचाएगा।”
“यह लड़ाई सिर्फ रसायनों के खिलाफ नहीं…
यह लड़ाई हमारे खेत, हमारी मिट्टी, हमारी सेहत और हमारे बच्चों के भविष्य की रक्षा के लिए है।
हमक्योर—बीमारी के विरुद्ध एक जनयुद्ध।”

#रसायनमुक्तभारत
#हमक्योरमिशन
#बीमारीकेविरुद्धयुद्ध


#किसानएकता
#किसानजागो







27/11/2025
27/11/2025

🙏 नमस्कार किसानों भाईयों…

आज खेत में जो सबसे बड़ा दुश्मन है—
❌ महंगे केमिकल
❌ खराब मिट्टी
❌ बढ़ती बीमारियाँ
❌ और घटती पैदावार

लेकिन सच ये है…
👉 समाधान आपके हाथ में है— “प्राकृतिक खेती + आयुर्वेदिक पोषण।”

भारत की मिट्टी प्राकृतिक है…
हमारे शरीर का विज्ञान आयुर्वेदिक है…
तो खेती और सेहत दोनों रसायनों से क्यों चलें?

आज भारत की खेती मुश्किल में इसलिए है क्योंकि
केमिकल ने मिट्टी को कमजोर किया है,
और दवाइयों ने शरीर को।

🌱 अगर खेती प्राकृतिक होगी, किसान निरोगी होगा—
तो गाँव भी मजबूत होगा और देश की अर्थव्यवस्था भी।

हमारा मिशन है—
✔ खेत बचाओ
✔ किसान बचाओ
✔ प्राकृतिक जीवन अपनाओ

जब किसान जागेगा…
तो देश जागेगा।

🙏 आप साथ दीजिए,
प्राकृतिक खेती अपनाइए,
और आयुर्वेदिक जीवन से गाँव-गाँव निरोगी भारत बनाइए।

जय किसान — जय प्राकृतिक भारत 🇮🇳🌾





















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