28/06/2026
अधिवक्ता हित एवं न्यायिक गरिमा के संबंध में एक आवश्यक संदेश
बाराबंकी न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के बैठने एवं कार्य करने की मूलभूत सुविधाओं को लेकर उत्पन्न परिस्थितियां अत्यंत चिंताजनक हैं, माननीय जिला जज महोदया के आगमन के पश्चात न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं द्वारा उपयोग की जा रही पुरानी कुर्सी, मेज, टीन शेड एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के स्थान पर नई सामग्री लाने तथा चैंबरों की मरम्मत हेतु आवश्यक सामग्री प्रवेश पर रोक लगाया जाना अधिवक्ता समुदाय के लिए गंभीर समस्या का विषय है, अधिवक्ता न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, न्यायालय परिसर में बैठकर अपने विधिक दायित्वों का निर्वहन करने वाले अधिवक्ताओं के लिए सम्मानजनक एवं सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराना आवश्यक है, प्रश्न यह है कि जब अधिवक्ता खुले आसमान के नीचे बैठने को विवश होंगे, तो वह न्यायिक कार्य को सुचारु रूप से कैसे संचालित करेंगे? अधिवक्ता समाज किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनुचित प्रतिबंध को स्वीकार नहीं करेगा, हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं और न्यायिक गरिमा बनाए रखने के पक्षधर हैं, किंतु अधिवक्ताओं के मूल अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा करना भी उतना ही आवश्यक है।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अधिवक्ता संगठनों से हड़ताल न करने संबंधी अपेक्षाएं की जाती हैं, जिसका उद्देश्य न्यायिक व्यवस्था को सुचारु रखना है, लेकिन अधिवक्ताओं की वास्तविक समस्याओं का समाधान एवं उनकी कार्य परिस्थितियों की सुरक्षा भी आवश्यक है, अधिवक्ता कोई सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि स्वतंत्र विधि व्यवसायी हैं, जो न्याय व्यवस्था में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अतः बार एवं बेंच के मध्य सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखते हुए अधिवक्ताओं की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए, अधिवक्ता समाज अपने सम्मान, अधिकार एवं कार्य करने की मूलभूत सुविधाओं के लिए लोकतांत्रिक एवं विधिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।
अमित सिंह "सूर्यवंशी"
अधिवक्ता
संयुक्त मंत्री प्रकाशन
जिला बार एसोसिएशन, बाराबंकी