08/03/2026
लिख रहा हूँ मैं कहानी अपनी,
कल छोड़ जाने के लिए निशानी अपनी।
28 फ़रवरी, 2026 को नेशनल साइंस डे के अवसर पर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुआ था। कलाम साइंस फाउंडेशन और चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में लॉ स्टूडेंटस और अन्य छात्र उपस्थित रहे। डॉ बृजेन्द्र यादव सर (डायरेक्टर लीगल डिपार्टमेंट), डॉ सुसन जी (प्रो वाईस चांसलर) और अन्य प्रोफेसर भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए सभी को संस्था की जर्नी के बारे में बताया। छात्रों को बताया कि सामाजिक समानता और सांस्कृतिक विरासत को समाजवाद के रास्ते पर चलते हुए कैसे एक अच्छे समाज का निर्माण करना है। उनको ये भी बताया कि कभी भी हार नहीं माननी चाहिए। संघर्ष करते रहना चाहिए, क्योंकि जो व्यक्ति कभी संघर्ष से परिचित नहीं होता, इतिहास गवाह है कि वो कभी चर्चित नहीं होता। संबोधित करते हुए आगे बताया कि आपका औदा और कुर्सी एक दिन चला जाएगा, पीछे रह जाएगा तो सिर्फ़ आपके व्यक्तित्व की कहानी और क़िस्से। और आपके व्यक्तित्व को याद किया जाएगा आपके व्यवहार, आपके स्वभाव और आपकी विनम्रता के कारण। सम्मान करिए, सम्मान मिलेगा, दुनिया में ही नहीं, उपरवाला भी आपके लिये आपकी सफलता के नए रास्ते खोल देगा, क्योंकि आपकी मेहनत के साथ-साथ लोगों की दुआओं और आशीर्वाद का साथ आपको मिल जाएगा।
डॉ कलाम साहब और डॉ भीमराव अंबेडकर साहब जी के विचारों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि,
डॉ॰ ए पी जे अब्दुल कलाम साहब ने कहा था, “जीवन में कठिनाइयाँ हमे बर्बाद करने नहीं आती हैं, बल्कि यह हमारी छुपी हुई शक्तियों और सामर्थ्य को बाहर निकालने में हमारी मदद करती हैं। कठिनाइयों को यह जान लेने दो की आप उससे भी ज्यादा कठिन हो।”
#डॉ॰ भीम राव अंबेडकर जी ने कहा था, “अगर मरने के बाद भी जीना चाहते हो तो एक काम जरुर करना- पढ़ने लायक कुछ लिख जाना, या लिखने लायक कुछ कर जाना।”
चंडीगढ़ विश्वविद्यालय एक बहुत ही प्रतिष्ठित संस्थान है, वहाँ का इंफ्रास्ट्रक्चर, वातावरण और शिक्षा का स्तर बहुत ही अच्छा है। आख़िर में सभी छात्रों को बेहतर और अच्छे भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर बुलाने और बहुत ही शानदार प्रोग्राम बनाने के लिए डॉ बृजेन्द्र यादव सर (डायरेक्टर लीगल डिपार्टमेंट) को बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार।