Dhad - धाद

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Dhad - धाद धाद संस्था का अधिकृत फेसबुक पेज जिस पर संस्था की गतिविधियों को समय समय पर साझा किया जाता है.

● माल्टा रस का स्वाद लीजिए किसानो का साथ दीजिये.माल्टा रस अब फँची के माध्यम से उपलब्ध ₹150/- (750 ml)   ● होम डिलीवरी (द...
13/05/2026

● माल्टा रस का स्वाद लीजिए किसानो का साथ दीजिये.माल्टा रस अब फँची के माध्यम से उपलब्ध ₹150/- (750 ml)
● होम डिलीवरी (देहरादून)पांच बोटल के साथ
संपर्क:
विजय कुमार 8826532815
Upi id- 9837046489@sbi
● हरेला गाँव से जुड़े किसानो की हल्दी और अन्य उत्पाद भी फंची के माध्यम से आपके घर पहुँच सकते है
हरेला गांव-धाद द्वारा सिट्रस फलों के पक्ष मे अभियान ज़ारी है। जिसके माध्यम से माल्टा फल को पहचान दिलाने, किसानों को उचित मूल्य दिलाने और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के मुद्दों को उठाया गया है।
इस बार हमने अब गर्मियों में सिट्रस रस के बाजार की सम्भावना पर काम करते हुए माल्टा रस के बाबत सम्भावना को तलाशने और सबके सुझाव के साथ उसे आगे ले जाने का तय किया है।
हमने श्रेष्ठ क्वालिटी की 1000 माल्टा रस बॉटल तैयार की है जिसे आम समाज से ख़रीदन की अपील की जा रही है आपसे निवेदन कि इसको इस्तेमाल करते हुए माल्टा किसानो का समर्थन कीजियेगा और उपभोग के बाद अपना अनुभव भी साझा कीजियेगा।

◆ माल्टा का महीना अभियान 2025 की जानकारी के लिए https://www.facebook.com/share/v/1CYeHnpEXS/
◆ माल्टा का महीना 2025-26 की गतिविधियां
https://www.facebook.com/share/p/14MLymaABFj/

■ हरेला गाँव का विचार उत्तराखंड हिमालय के गाँव की हरियाली और खुशहाली के निमित्त एक पहल है जिसमे धाद उत्तराखंड हिमालय में गाँव के साथ जुड़कर उनके उत्पादन और बाजार के सवाल पर सामाजिक सहभागिता के साथ काम करेगी।
◆ हरेला गाँव अभियान सदस्य बनिए
https://dhaduttarakhand.org/हरेला-गाँव/
हरेला गाँव की वार्षिक सदस्यता रु 1200/- वार्षिक/ रु 100 मासिक है।चयनित हरेला गांव के उत्पादों की नियमित जानकारी के साथ उन्हें सदस्यता राशि के मूल्य का उत्पादन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही उत्तराखंड हिमालय में उत्पादन के सवालों पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा।
◆ हरेला गाँव के व्हाट्सअप्प ग्रुप से जुड़िये
https://chat.whatsapp.com/Gw3j0P50yoZ0fkDv3SxyWQ
[email protected]
मुख्य संयोजक: हरीश डोबरियाल 9899293234
संयोजक: देवेंद्र नेगी 9627571474
संयोजक: सुरेंद्र रावत 97119 58775

25/04/2026

बैसाख बुरान्स का कल्यो
19 अप्रैल 2026
धाद स्मृति वन मालदेवता अस्थल देहरादून

24/04/2026

फूलदेई 26 के रचनात्मक प्रतिभाग का समापन आयोजन
15 अप्रैल 2026 प्रातः 9.30 बजे
सुनैना रावत नवदीप चिल्ड्रन अकेडमी, पोखड़ा पौड़ी गढ़वाल

22/04/2026

बाल साहित्य की जिम्मेदारी है कि पढने लिखने की जिज्ञासा बच्चों मे पैदा हो
दून पुस्तक मेले में सृजन के बाल पर्व फूलदेई पर धाद साहित्य एकांश द्वारा बाल साहित्य पर विमर्श का आयोजन हुआ.

धाद साहित्य एकांश द्वारा बाल साहित्य के निमित्त विमर्श पर एक सत्र का आयोजन किया गया। सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ दिनेश चमोला एवं श्री अशोक मिश्र उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि धाद सृजन के बाल पर्व फूलदेई में हर वर्ष उत्तराखंड के दस हजार बच्चों के रचनात्मक प्रतिभाग के साथ विद्यालयों में विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन करती है साथ ही साहित्यिक विमर्शों के जरिए बाल साहित्य पर विमर्श का आयोजन भी करते हैं
कार्यक्रम के आरंभ में धाद साहित्य एकांश की संयोजक श्रीमती कल्पना बहुगुणा ने सभी आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में साहित्य का लेखन और पठन पाठन का ह्रास हो रहा है, इस चिंता को ध्यान में रखते हुए नयी पीढ़ी में पाठक और लेखक तैयार करने के उद्देश्य को लेकर साहित्य एकांश ने बच्चों के साथ मिलकर कुछ साहित्यिक गतिविधि की योजना पर काम करने का तय किया है। ऐसा बाल साहित्य जो उत्तराखंड के परिवेश को लेकर हो, जो रुचिकर के साथ सरल भाषा में हो, स्थानीयता का समावेश हो, पुस्तक को पढ़कर बच्चा महसूस कर पाए उसकी चेतना जागृत हो और पुस्तकों से प्रेम हो।
इसके पश्चात बाल साहित्यकार श्री अशोक मिश्रा ने कहा कि यदि किसी समाज और देश को अपने उज्जवल भविष्य की तरफ़ कदम बढ़ाना है तो उसे अपने बच्चों के बौद्धिक एवं भावनात्मक विकास पर ज्यादा ध्यान देना होगा और मेरा विश्वास है कि यह काम बाल साहित्य के माध्यम से सरलता से किया जा सकता है।
बाल साहित्य पर अपनी बात रखते हुए मुख्य वक्ता के रूप मे राष्ट्रीय साहित्य अकादमी के बाल साहित्य पुरस्कार विजेता वरिष्ठ प्रोफेसर दिनेश चमोला 'शैलेश' ने कहा कि बाल साहित्य किसी भी देश के बालकों के चरित्र-निर्माण की व्यावहारिक प्रयोगशाला है । माता-पिता, गुरु तथा साहित्यकार की भूमिका एक कुम्हार अथवा दक्ष माली की तरह होती है । कोई भी बालक प्रकृति, नियति एवं ईश्वर का दुर्लभ उपहार होता है । उसकी प्रतिभा के विकास तथा उत्प्रेरण में अभूतपूर्व भूमिका इन सबकी होती है। ऐसे में बाल साहित्य की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है ।
इस अवसर पर धाद साहित्य एकांश की मुख्य संयोजक एवं दस कथाकार दस कहानियां, की संपादक डॉ. विद्या सिंह ने शामिल कहानियों के चयन एवं विद्यार्थियों हेतु उनकी उपयोगिता आदि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि टीवी इंटरनेट,ए आई युग के बच्चों में पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करना एक चुनौती पूर्ण कार्य है। इस दिशा में कहानी उपयोगी साबित हो सकती है। इन कहानियों से बच्चे अपनी क्षेत्रीय तथा वैश्विक स्थितियों से परिचित हो सकेंगे और अपनी सकारात्मक भूमिका द्वारा समाज को रचनात्मक सहयोग देंगे।
कार्यक्रम के अंत में धाद द्वारा संचालित कोना कक्षा का के मुख्य संयोजक श्री गणेश उनियाल ने सभी अतिथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि एक कोना कक्षा का सरल शब्दों में यह शिक्षा के पक्ष में शासन के साथ आम समाज की भूमिका की पैरवी करता है। समाज के अंतिम आदमी का प्रतिनिधित्व कर रहे इन विद्यालयों के पक्ष में आम समाज और धाद के सामंजस्य से एक ऐसा अभियान जो इन विद्यालयों में आने वाले छात्रों को एक बेहतर विवेकशील नागरिक बनाने में अपनी भूमिका निभाता है।
हम हर वर्ष उत्तराखंड के बाल पर्व फूलदेई को 14 मार्च से 14 अप्रैल तक कोना कक्षा के वार्षिक आयोजन के रूप में मनाते हैं। जिसमें बच्चों के लिए अलग अलग रचनात्मक प्रतिभाग आयोजित किये जाते हैं। उन्होंने आज के वक्ताओं का सारगर्भित वक्तव्य के लिए आभार व्यक्त किया साथ ही उपस्थित जन समूह एवं बच्चों का भी कार्यक्रम में उपस्थिति के लिए आभार जताया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ अवनीश उनियाल ने किया।
इस अवसर पर जितेन ठाकुर,तन्मय ममगाई,आशा डोभाल,शांति प्रकाश जिज्ञासु, शुभम शर्मा, बबिता जोशी, राकेश जुगरान,चंद्रभागा शुक्ला, सुरेश कुकरेती
बीरेंद्र खंडूरी दिनेश बौडाई, सुधीर नौटियाल, नेहा पाठक, ए के तिवारी नितिका वोहरा, यश सिंह, रेखा काला, पूर्णिमा गैरोला, ज्योत्सना मिश्रा, दिव्या मिश्रा, बीना रावत, कमलेश पांडेय, मदन सिंह रावत, अनूप गुप्ता, पंकज गुप्ता,निरंजन, बबिता, प्रदीप डोभाल, रवि उपाध्याय, दीपक चौहान, आरती रावत, अरविन्द सिंह, नरेश जैन, वीरेंदर शर्मा उपस्थित रहे।

दस हजार बच्चों के साथ फूलदेई के क्रम में फीलगुड ट्रस्ट के सहयोग से धाद फूलदेई रचनात्मक प्रतिभाग का अंतिम कार्यक्रम दिनां...
21/04/2026

दस हजार बच्चों के साथ फूलदेई के क्रम में फीलगुड ट्रस्ट के सहयोग से धाद फूलदेई रचनात्मक प्रतिभाग का अंतिम कार्यक्रम दिनांक 15 अप्रैल 2026 को प्रातः 10 बजे
सुनैना रावत नवदीप चिल्ड्रन एकेडमी, सेड़ियाखाल, पोखड़ा, पौड़ी गढ़वाल में आयोजित किया गया।
फूलदेई को सृजन के बालपर्व के रूप में आयोजित करते हुए कोना कक्षा का-धाद द्वारा उत्तराखंड के विभिन्न स्कूलों में एक माह की गतिविधियां की गयी। रामनगर नैनीताल के साथ शुरू हुये रचनात्मक प्रतिभाग का अंतिम आयोजन फील गुड़ ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में सेड़ियाखाल पोखड़ा, पौड़ी में संपन्न हुआ। श्री मुकेश पांथरी, ज्येष्ठ प्रमुख एकेश्वर ब्लॉक के सहयोग से आयोजित इस प्रतिभाग में क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों, सुनैना रावत नवदीप चिल्ड्रन एकेडमी, सरस्वती शिशु मंदिर गवांणी, राजकीय इण्टर कॉलेज, पोखड़ा, ऐश्ले स्कूल डेज़, घिरोड़ीखाल, पोखड़ा, इण्टर कॉलेज किमगड़ी, इण्टर कॉलेज कुटियाखाल, राजकीय कन्या जूनियर हाई स्कूल, गवाणी एवं
राजकीय इन्टर कालेज लियाखाल के 100 से अधिक बच्चों ने हिस्सेदारी की। इस अवसर पर 28 बच्चों को उनकी श्रेष्ठ रचनाओं के लिए पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम सहयोगी श्री मुकेश पांथरी ने बच्चों को पुस्तकों के प्रति सजग करते हुए धाद के आयोजन की सराहना की एवं भविष्य में भी इस तरह के आयोजन करने का आश्वासन दिया। फील गुड ट्रस्ट के संस्थापक श्री सुधीर सुंद्रियाल ने कहा कि हम हर वर्ष इस तरह का आयोजन करने में सहयोग करेंगे ताकि उत्तराखंड की संस्कृति को संजोने में योगदान दे सकें। फ्रेंड्स ऑफ हिमालय के संस्थापक श्री प्रेम बहुखंडी ने भी विचार व्यक्त किए। धाद की ओर से सचिव तन्मय ममगाईं ने धाद के कार्यक्रमों एवं फूलदेई आयोजन के विचार पर अपनी बात रखी। कोना कक्षा के मुख्य संयोजक गणेश उनियाल ने कोना कक्षा कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए आह्वान किया कि क्षेत्र के अन्य विद्यालयों में भी कोना कक्षा की स्थापना के लिए स्थानीय लोग सहयोग करें ताकि अधिक से अधिक बच्चे लाभान्वित हो सकें। बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रस्तुतीकरण किया। अंत में प्रधानाध्यापक श्री अनुराग बौंठियाल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन कोना कक्षा की संयोजक श्रीमती आशा डोभाल ने किया। कार्यक्रम में दिव्या बुड़ाकोटी डोभाल, अनिता रावत, सभी विद्यालयों के शिक्षक शिक्षिकाएं एवं धाद की ओर से ममता डोभाल एवं शुभम शर्मा उपस्थित रहे।
● फूलदेई 2026 का विवरण https://www.facebook.com/share/p/1AhrZUxwfd/
● फूलदेई'26 गतिविधि
https://www.facebook.com/share/p/18Nd2jN68C/
● फूलदेई के साथी 2026
https://www.facebook.com/media/set?set=a.1351592586656420&type=3
● कोना कक्षा का-धाद
https://www.facebook.com/media/set?vanity=dhaduttarakhand&set=a.4105522912830272

संपर्क
[email protected]
7906900241, 7351555149, 6398525003

बैसाख बुरांस के कल्यो के साथ ही धाद के कल्यो अध्याय को लगभग चार साल हो गए।  अपनी खास हिमालयी भोजन परंपरा को लेकर कल्यो न...
21/04/2026

बैसाख बुरांस के कल्यो के साथ ही धाद के कल्यो अध्याय को लगभग चार साल हो गए। अपनी खास हिमालयी भोजन परंपरा को लेकर कल्यो ने एक विशिष्ट पहचान बनाई है।
इस बार के कल्यो में पहली बार भोजन विशेषज्ञ मंजू काला के मेन्यू में बुरांस के व्यंजन परोसे गए जो सभी सदस्यों ने पसंद किए। बुरांस का फालूदा खास पसंद किया गया। उसके साथ ही बुरांस रोजमेरी लेमोनेड, बुरांस की चटनी और बुरांस का रायता लोगों ने पहली बार चखे।
किसी भी सामाजिक गतिविधि में सामूहिक भागीदारी होना उसकी निरंतरता को निश्चित करता है। अब तक कल्यो का एक विशिष्ट समूह भी जुड़ गया है जो बेसब्री से हर भोज और उसमें परोसे जाने वाले हिमालयी व्यंजनों का स्वाद लेने को आतुर रहता है। और हर कल्यो में नित नए लोगों का आना जुड़ना इसकी लोकप्रियता को साबित करता है।
कल्यो की एक विशिष्टता खाने के साथ साथ किसी महत्वपूर्ण सामाजिक विषय पर चर्चा है। जिसमें हमारे साथ कोई न कोई अतिथि वार्ता के लिए जुड़ते हैं। इस बार की वार्ता कचरा प्रबंधन को लेकर थी जोकि हमारे शहरी जीवन के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बन गया है।

● बूढा केदार टिहरी की  काजल उनियाल और कृष्णा उनियाल की शिक्षा में विंग्स ऑफ़ हॉनर ने सहयोग के लिए पहल की है।● पुनरुत्थान-...
20/04/2026

● बूढा केदार टिहरी की काजल उनियाल और कृष्णा उनियाल की शिक्षा में विंग्स ऑफ़ हॉनर ने सहयोग के लिए पहल की है।
● पुनरुत्थान-धाद द्वारा मार्च 26 की शैक्षणिक सहयोग राशि ₹71000/- भेजने के साथ अभियान के अंतर्गत धाद के खाते से अब तक कुल ₹57,24,800 (सातवान लाख चौबीस हजार आठ सौ ) जारी किया जा चुका है।

स्क्वाड्र्न लीडर सिद्धार्थ नेगी 1 फरवरी 2019 को बेंगलुरु में एयर क्रैश में नागरिकों की जान बचाते हुए शहीद हो गये. सिद्धार्थ का परिवार मूल रूप से रुद्रप्रयाग से था और उन्होंने भारतीय वायु सेना में जाने से पूर्व देहरादून में अपनी शिक्षा ग्रहण की. उनके मित्रों ने उनकी शहादत के सम्मान मे विंग्स ऑफ आनर के माध्यम से पुनरुत्थान से जुड़ते हुए बुढ़ा केदार,टिहरी गढ़वाल की काजल उनियाल और कृष्णा उनियाल की शिक्षा में सहयोग का तय किया है । हम आप सबकी इस मानवीय पहल के लिए आभार प्रकट करते है

■ पुनरुत्थान के अंतर्गत धाद के खाते से जारी राशि के साथ अन्य साथी संगठन द्वारा भी लगभग 7 लाख का शैक्षणिक सहयोग सीधे बच्चों के खातों से भेजा गया है।
■ उत्तराखंड हिमालय में आपदा और अन्य दुर्घटनाओं में अपने परिजन को खो चुके बच्चों की शिक्षा में सहयोग का कार्यक्रम पुनरुत्थान 2013 में धाद की पहल पर प्रारम्भ हुआ।
■ आप इस कार्यक्रम के हिस्सेदार बन सकते है:-
● पुनरुत्थान के साथी :- एक बच्चे की सम्पूर्ण शिक्षा सहयोग के साथ मासिक ₹900/- /₹1100/-(रु 100 प्रबंधन व्यय शामिल)के साथ बन सकते हैं।
● पुनरुत्थान सहयोगी :- आप मासिक रूपये 100/- के अंशदान के साथ पुनरुत्थान सहयोगी बन सकते है।
● पुनरुत्थान कार्यक्रम सदस्य :- आप पुनरुत्थान के कार्यक्रम सदस्य बन कर उसमें भागीदारी कर सकते है जिसका शुल्क वार्षिक रु 200/- है।
https://dhaduttarakhand.org/सदस्यता/
■ उत्तराखंड हिमालय में आपदा प्रभावित छात्रों की शिक्षा के कार्यक्रम पुनरुत्थान की विस्तृत जानकारी हेतु लिंक पर जाय
https://www.facebook.com/media/set?set=a.4407457425970151...
■ यदि इस कार्यक्रम के व्हाटसअप ग्रुप से जुड़ना चाहे
https://chat.whatsapp.com/KRkpE77bj5KBjIOiXH3yIj?mode=gi_t
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
■ पुनरुत्थान
[email protected], [email protected]
● जगमोहन रावत,संयोजक,पुनरुत्थान,6397109301
● बीरेश,संयुक्त सचिव,धाद,9897868450
● उषा शर्मा,सचिव,पुनरुत्थान,9760117720
● रेखा शर्मा,सहसचिव,7060188129
● विकास बहुगुणा,प्रभारी, 9412058827

16/04/2026

जंगली जानवरो से गाँव बचाओ मांगपत्र मे आपके समर्थन की अपील और 11 अप्रैल इन्द्रमणी बडोनी चौक, घण्टाघर देहरादून में निर्धारित समय पर स्थानीय नागरिकों ने एकत्र होकर “जंगली जानवरों से गाँव बचाओ” विषय पर एक सभा आयोजित की।
इस दौरान उपस्थित एस एन डिमरी, सुरेश कुकरेती, तन्मय ममगाई, शुभम शर्मा एवं नीलेश नेगी ने गाँवों में बढ़ते जंगली जानवरों के खतरे पर बात रखी और इस संबंध में एक मांगपत्र तैयार करने और उसे शासन के संज्ञान मे लाने का तय किया ।

इस दौरान श्री जे एस रावत जी ने अपने लिखे लेख का उल्लेख करते हुए वैज्ञानिक बिंदुओं के माध्यम से इस समस्या का निवारण करने का सुझाव भी दिया।

🌿बैसाख बुरान्स का कल्यो🌿19 अप्रैल 202612 बजे - 2.30 बजे दोपहरधाद स्मृति वनइस बार के बैसाख बुरांस के कल्यों भोज के साथ हम...
16/04/2026

🌿बैसाख बुरान्स का कल्यो🌿
19 अप्रैल 2026
12 बजे - 2.30 बजे दोपहर
धाद स्मृति वन

इस बार के बैसाख बुरांस के कल्यों भोज के साथ हमारे साथ होंगे दो विशिष्ट अतिथि दो विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों से जिनसे हम बातचीत करेंगे।

पहले हैं *श्री नवीन कुमार सडाना* जो वर्तमान में वेस्ट वॉरियर्स संस्था में सहायक निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।

वे प्लास्टिक कचरे की समस्या पर लगातार काम कर रहे हैं और अब तक लाखों टन प्लास्टिक कचरा एकत्रित कर उसे रीसाइक्लिंग के लिए भेज चुके हैं।

वे उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की समस्याओं का समाधान निकालने के लिए सरकार और समाज के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। साथ ही, वे सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों के माध्यम से लोगों को जागरूक करते रहते हैं।

हम उनसे वार्ता में घरेलू स्तर पर बेहतर कचरा प्रबंधन के उपाय समझेंगे। हम उनसे जानेंगे कैसे हम अपने घरों से निकलने वाले कचरे को शून्य कचरा यानि ज़ीरो वेस्ट की स्थिति में ला सकते हैं।

दूसरी होंगी *सुश्री मंजू काला*, मंजू काला धाद के कल्यौ फूड फेस्टिवल की संयोजिका है, आप " बैलैडस आफ इंडियाना; अलमंडा टू चेट्टिनाड" की लेखिका हैं, आप लेखिका व ट्रैवल फोटोग्राफर होने के साथ उतराखण्ड के लोक व्यंजनों की विशेषज्ञा भी हैं, आपकी उत्तराखण्ड के स्थानीय व्यंजनों पर आधारित पुस्तक शीघ्र प्रकाशित है, धाद द्वारा आयोजित कल्यौ फूड फेस्टिवल के अनेक संस्करणों का आप द्वारा सफलता पूर्वक संयोजन किया गया है, कल्यौ फूड फेस्टिवल में भोज- विशेषज्ञ के रूप में आपके योगदान के लिए हिंदुस्तान टाइम्स द्वारा "२०२३ में आपको वूमन अचीवर्स अवार्ड् से सम्मानित किया गया है!

इस अवसर हम उनसे बुरांस पर आधारित भोज कथाओं को सुनेंगे, बुरांस की व्यंजन विधियों को जानेंगे, बुरांस के सांस्कृतिक मह्त्व को जानेंगे, व समझेंगे की अपने स्तर पर हम कैसे इस पहल का हिस्सा बन सकते है और कैसे हम स्थानीय व्यंजनों के उपयोग से राज्य की अर्थव्यवस्था को सुधार सकते हैं।

इसके साथ होगा बुरांस के व्यंजनों पर आधारित पहाड़ी भोज।
आप सादर आमंत्रित हैं।

सहयोग: रु250/-
UPI ID - dhadddn@sbi

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Dehradun

Telephone

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