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सारंडा में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान कोबरा के दो जांबाज़ घायल  अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा से विशेष ऑपरेशन को आगे बढ़...
03/03/2026

सारंडा में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान कोबरा के दो जांबाज़ घायल



अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा से विशेष ऑपरेशन को आगे बढ़ाया, सुरक्षा बलों की दृढ़ प्रतिबद्धता का उदाहरण बने

चाईबासा/सारंडा (झारखंड), एक बड़े नक्सल विरोधी अभियान के तहत CRPF की विशिष्ट इकाई CoBRA 209 Battalion के जांबाज़ कमांडो द्वारा रविवार 01मार्च की सुबह सारंडा के घने जंगलों में चलाए गए विशेष ऑपरेशन में सक्रिय थे। अभियान के दौरान नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में सहायक कमांडेंट अजय मलिक और कमांडो कांस्टेबल विक्रम यादव गंभीर रूप से घायल हो गए।

विषम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी दोनों वीर जवानों ने अदम्य साहस, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए अभियान को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया और नक्सलियों के खिलाफ मुठभेड़ करते हुए डटे रहे। नक्सलियों को पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया। उनकी बहादुरी और समर्पण सुरक्षा बलों की उस अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके बल पर देश के आंतरिक सुरक्षा अभियानों को सफलता मिलती है।

सहायक कमांडेंट अजय मलिक, बहादुरी की जीती-जागती मिसाल
कोबरा के सहायक कमांडेंट अजय मलिक पहले भी अनेक साहसिक अभियानों में अपनी वीरता का लोहा मनवा चुके हैं। उन्हें पूर्व में कश्मीर में उत्कृष्ट बहादुरी के लिए राष्ट्रपति द्वारा वीरता पदक से सम्मानित किया जा चुका है।
जम्मू में यात्रियों से भरी बस के खाई में गिरने की दर्दनाक घटना के दौरान कई लोगों की जान बचाने के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा जीवन रक्षा पदक भी प्रदान किया गया था। झारखंड में कई बड़े नक्सली कमांडरों को मार गिराने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उल्लेखनीय है कि वे पूर्व में भी दो बार मुठभेड़ों में घायल हो चुके हैं, लेकिन हर बार पहले से अधिक दृढ़ संकल्प के साथ डटे रहे।
हरियाणा के रोहतक निवासी अजय मलिक की पत्नी पूजा मलिक भी सीआरपीएफ में सहायक कमांडेंट के पद पर सेवारत हैं। देशसेवा के प्रति उनका समर्पण पूरे परिवार की प्रेरणादायक विरासत को दर्शाता है।

कमांडो विक्रम यादव, गोली लगने के बाद भी डटे रहे मोर्चे पर
कोबरा के जांबाज़ कमांडो कांस्टेबल विक्रम यादव भी पहले कई महत्वपूर्ण नक्सल विरोधी अभियानों का हिस्सा रह चुके हैं। मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले को उन्होंने अपने सटीक फायर से विफल कर दिया।
पेट में गोली लगने के बावजूद वे लगातार लड़ते रहे और नक्सलियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। असम के तिनसुकिया निवासी विक्रम यादव को पूर्व में भी सीआरपीएफ तथा झारखंड पुलिस द्वारा उनकी वीरता के लिए सम्मानित किया जा चुका है।

देश की सुरक्षा के प्रति अटूट संकल्प
सारंडा के इस विशेष ऑपरेशन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि कोबरा के कमांडो हर परिस्थिति में राष्ट्र की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। सहायक कमांडेंट अजय मलिक और कमांडो विक्रम यादव की वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उनकी बहादुरी न केवल नक्सल विरोधी अभियान की सफलता का आधार है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि देश की सुरक्षा में जुटे जवान हर चुनौती का सामना करने के लिए सदैव तैयार हैं। Hind 🇳🇪🇳🇪

15/02/2026
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25/12/2025

नवादा का लाल मनोज कुमार साव ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए। नरहट प्रखंड के ग्राम बेरौटा (शेखपुरा) निवासी, आईटीबीपी के जांबाज़ जवान ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, वीर सपूत को शत-शत नमन है 💐💐

शहीद जवान की माँ पत्नी और परिवार की पीड़ा को व्यक्त करते हुए न्यूज़ पिंच ने लिखा है कि शहीद की चिता पर जा बैठी मां,ताबूत...
06/12/2025

शहीद जवान की माँ पत्नी और परिवार की पीड़ा को व्यक्त करते हुए न्यूज़ पिंच ने लिखा है कि शहीद की चिता पर जा बैठी मां,ताबूत से लिपटी पत्नी। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों से लड़ते हुए 3 DRG के जवान शहीद,18 नक्सली मार गिराए गए। ये तस्वीरें शहीद रमेश सोढ़ी के गांव की हैं,जहां आदिवासी रीति रिवाजों से उनका अंतिम संस्कार हुआ। हिडमा के मारे जाने पर चर्चा करने वाले जवानों की शहादत पर बात क्यों नहीं करते?
जल जंगल जमीन के लिए संविधान का रास्ता चुनकर भी कई बड़े-बड़े काम हुए हैं जैसे चिपको आंदोलन, नर्मदा बचाओ आंदोलन आदि इनसे प्रेरणा लेकर हथियार का रास्ता छोड़ना बहुत जरूरी है। शहीद जवान के चरणों में शत शत नमन। #शहीद #बीजापुर

बालाघाट में उमड़ा मानव सैलाब — कंधा देते हुए रो पड़े SP आदित्य मिश्रा, शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को अंतिम सलामीछत्तीसगढ...
22/11/2025

बालाघाट में उमड़ा मानव सैलाब — कंधा देते हुए रो पड़े SP आदित्य मिश्रा, शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को अंतिम सलामी

छत्तीसगढ़ में नक्सल ऑपरेशन के दौरान बहादुरी से लड़ते हुए शहीद हुए हॉकफोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा के पार्थिव शरीर का बालाघाट आगमन होते ही पूरा शहर भावनाओं से भर उठा। शहीद के सम्मान में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी और आसमान नारे–'आशीष शर्मा अमर रहें' से गूंज उठा।

सबकी आंखें नम हो गईं जब बालाघाट SP आदित्य मिश्रा खुद अपने साथी को कंधा देने पहुंचे। भीड़ के बीच वह खुद को रोक न सके और आशीष शर्मा के साथियों से लिपटकर रो पड़े। इंसानियत और कर्तव्य दोनों का ऐसा दृश्य जिसने हर किसी का दिल झकझोर दिया।

श्रद्धांजलि के बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव नरसिंहपुर ले जाया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। बंदूकों की सलामी और जनसमूह की आंखों के आंसुओं ने एक सच्चे वीर को विदाई दी, जिसने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

सलाम शहीद आशीष शर्मा — आपका साहस सदैव याद रहेगा।

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