20/05/2026
Bangalore और Delhi की corporate jobs se लेकर अपने पहाड़ों में आजीविका निर्माण तक — सुनील सिंह बिष्ट की यात्रा लौटने, सीखने और अवसर बनाने की कहानी है।
कई वर्षों तक महानगरों में काम करने के बाद, सुनील सिंह बिष्ट ने अपने पहाड़ों की ओर लौटने का फैसला लिया। उनका मानना था कि अगर अवसर स्थानीय स्तर पर विकसित किए जाएँ, तो लोग अपने घर और गाँव छोड़ने के लिए मजबूर नहीं होंगे।
आज वह अपने क्षेत्र में polyhouse farming, beekeeping, dairy, mushroom farming, goatery और fish farming जैसे विविध आजीविका कार्यों के माध्यम से एक sustainable livelihood model तैयार कर रहे हैं।
उनका प्रयास केवल अपना व्यवसाय बढ़ाना नहीं है, बल्कि पहाड़ों में स्थानीय रोजगार के अवसर तैयार करना और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम करने के लिए प्रेरित करना भी है।
सुनील जी का vision साफ है —
“अगर पहाड़ों में अवसर बनेंगे, तो पलायन कम होगा और पहाड़ जीवित रहेंगे।”
उनकी कहानी यह दिखाती है कि लौटना केवल घर वापस आना नहीं, बल्कि अपने पहाड़ों के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक �