vedic astro shri mahadev Sewa Sansthan prayagraj

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31/10/2025
किस वृक्ष की पूजा से मिलता है क्या फायदा〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ विशेष पेड़-पौधों की पूजा कर...
27/10/2025

किस वृक्ष की पूजा से मिलता है क्या फायदा
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ विशेष पेड़-पौधों की पूजा करने से हमारी कुंडली के दोष तो दूर होते ही हैं साथ ही जीवन की अनेक परेशानियों से छुटकारा भी मिल सकता है। आइये जानते है किन पेड़-पौधों की पूजा से हमें क्या फायदा हो सकता है।

तुलसी 👉 जिस घर में रोज़ तुलसी के पौधे की पूजा होती है, देवी लक्ष्मी उस घर को छोड़कर कहीं नहीं जाती। वहां हमेशा सुख-समृधि बनी रहती है।

पीपल 👉 हिन्दू धर्म में पीपल को पूजनीय वृक्ष माना गया है। इसकी पूजा करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है, साथ ही भगवान विष्णु की कृपा भी प्राप्त होती है।

नीम 👉 इसकी पूजा करने से कुंडली के सभी दोष दूर होते हैं व रोगों से छुटकारा भी मिलता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

बरगद 👉 इसे बड़ व वट वृक्ष भी कहते है। इसकी पूजा से महिलाओं का सौभाग्य अखंड रहता हैं व संतान संबंधी समस्याएं भी दूर होती है। ये बहुत ही पवित्र पेड़ है।

आंवला 👉 इस पेड़ की पूजा से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और पूजा करने वाले को धन संबंधी कोई समस्या नहीं होती। उसे हर क्षेत्र में सफलता मिलती है।

बिल्व 👉 इस पेड़ के पत्ते व फल भगवान शिव को अर्पित किए जाते हैं। इसकी पूजा से नौकरी में प्रमोशन के योग बनते हैं व अकाल मृत्यु से रक्षा होती हैं।

अशोक 👉 इस की पूजा से सभी प्रकार के रोग-शोक दूर होते हैं व पारिवारिक जीवन सुखी होता है। किसी विशेष कामना पूर्ति के लिए भी इसकी पूजा की जाती है।

केला 👉 जिन लोगों की कुंडली में गुरु संबंधित दोष होते हैं, वे यदि इस पेड़ की पूजा करें तो उन्हें लाभ होता है। इसकी पूजा से विवाह के योग भी शीघ्र बनते हैं।

शमी 👉 इस पेड़ की पूजा से शत्रुओं पर विजय मिलती हैं व कोर्ट केस में सफलता मिलने के योग बनते हैं। दशहरे पर इसकी विशेष पूजा की जाती है।

लाल चन्दन 👉 सूर्य से संबंधित गृह दोष दूर करने के लिए लाल चंदन के पेड़ की पूजा विधि-विधान से करनी चाहिए। इससे प्रमोशन होने के योग भी बनते हैं।
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Wishing you all a very happy Tulsi Vivah.Shri Mahadev Seva Sansthan PrayagrajPresident - Balkrishna Ji Maharaj Prayagraj...
27/10/2025

Wishing you all a very happy Tulsi Vivah.
Shri Mahadev Seva Sansthan Prayagraj
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Happy Amla Navami.Shri Mahadev Seva Sansthan Prayagraj
27/10/2025

Happy Amla Navami.
Shri Mahadev Seva Sansthan Prayagraj

Wishing you all a very happy Gopashtami. Radhe Krishna 🙏🙏🙏🙏🙏Shri Mahadev Sewa Sansthan PrayagrajChairman - balkrishna ji...
27/10/2025

Wishing you all a very happy Gopashtami.
Radhe Krishna 🙏🙏🙏🙏🙏
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Chairman - balkrishna ji maharaj prayagraj
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लाभ पंचमी 26 अक्टूबर 2025, रविवार को है।लाभ पंचमी इसे लाखेनी पंचमी, ज्ञान पंचमी और सौभाग्य पंचमी भी कहते हैंप्रातःकाल ला...
25/10/2025

लाभ पंचमी 26 अक्टूबर 2025, रविवार को है।
लाभ पंचमी इसे लाखेनी पंचमी, ज्ञान पंचमी और सौभाग्य पंचमी भी कहते हैं
प्रातःकाल लाभ पञ्चमी पूजा मुहूर्त - 06:02 से 09:48
अवधि - 03 घण्टे 46 मिनट्स
पंचमी तिथि प्रारम्भ - 26, अक्टूबर 2025 को 03:48 बजे
पंचमी तिथि समाप्त - 27, अक्टूबर 2025 को 06:04 बजे
इस दिन के अन्य शुभ मुहूर्त
मुहूर्त समय
ब्रह्म मुहूर्त = 04:21 से 05:11
प्रातः सन्ध्या = 04:46 से 06:02
अभिजित मुहूर्त = 11:19 से 12:04
विजय मुहूर्त = 13:35 से 14:20
गोधूलि मुहूर्त = 17:21 से 17:47
सायाह्न सन्ध्या = 17:21 से 18:37
सर्वार्थ सिद्धि योग
10:46 से 06:03 अक्टूबर 27
निशिता मुहूर्त
23:17 से 00:07, अक्टूबर 27
क्या है लाभ पंचमी
लाभ पंचमी गुजरात और अन्य पश्चिमी भारतीय राज्यों के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पञ्चमी तिथि को मनाया जाता है। इसे लाखेनी पञ्चमी, ज्ञान पञ्चमी और सौभाग्य पञ्चमी भी कहा जाता है। लाभ पञ्चमी मुख्य रूप से व्यापारियों और परिवारों के लिए शुभ कार्यों की शुरुआत का दिन माना जाता है।
लाभ पंचमी
लाभ पञ्चमी का दिन गुजराती नव वर्ष में कामकाज की शुरुआत और व्यापार में वृद्धि के लिए विशेष रूप से मनाया जाता है।
व्यापारियों के लिए: कार्यालय या दुकानों के सामने स्वास्तिक का चिन्ह बनाकर गणेश-लक्ष्मी पूजा करना शुभ माना जाता है।
परिवारों के लिए: घर में लक्ष्मी-गणेश, और विवाहितों के लिए पार्वती-शिव की पूजा की जाती है।
शिक्षा व नई शुरुआत: इस दिन शिक्षा, व्यापार या किसी नए कार्य का शुभारंभ किया जा सकता है।
लाभ पंचमी का महत्व
लाभ पञ्चमी का दिन गुजराती नव वर्ष में कामकाज का पहला दिन माना जाता है। इस दिन दिवाली के उत्सव का समापन होता है और लोग पुनः काम पर जाने लगते हैं।
व्यवसायी इस दिन अपने कार्यालयों या दुकानों के सामने स्वास्तिक का चिन्ह बनाते हैं और लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यवसाय में वृद्धि होती है।
लाभ पञ्चमी पर किसकी पूजा होती है?
लाभ पञ्चमी पर मुख्य रूप से भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और माता पार्वती की पूजा की जाती है।
गणेश जी: बाधाओं और विघ्नों को दूर करने के लिए।
माता लक्ष्मी: घर और व्यवसाय में धन-समृद्धि के लिए।
माता पार्वती और भगवान शिव: विवाहितों के लिए परिवार की सुख-समृद्धि और सौभाग्य के लिए।
व्यापारी वर्ग में इस दिन अपना व्यवसाय स्थल, दुकानों और कार्यालय में पूजा करके शुभारंभ किया जाता है।
लाभपंचमी पूजा की सामग्री लिस्ट
स्वच्छ कपड़ा और चौकी/थाल
दीपक (घी का या तेल का)
मिट्टी का दीपक या मौली
धूप और अगरबत्ती
लाल या पीला वस्त्र (पूजा स्थल पर रखने के लिए)
फूल (सफेद, पीला या लाल)
पत्ते (अमरूद, तुलसी)
सिंदूर, हल्दी, कुमकुम
चावल और हल्दी-चूरा
मिठाई, फल और नैवेद्य (भोग)
पानी और गंगाजल
दीपावली व्रत के लिए लक्ष्मी यंत्र या चित्र
स्वास्तिक चिह्न बनाने के लिए रंग या हल्दी
पूजा के लिए कलम/नई किताब (व्यापारी वर्ग के लिए)
लाभ पञ्चमी की पूजा कैसे करें?
स्नान और स्वच्छता
प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा स्थल को साफ करें।
पूजा स्थान तैयार करें
चौकी पर स्वच्छ कपड़ा बिछाएं। ऊपर गणेश जी, माता लक्ष्मी और माता पार्वती की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
स्वास्तिक और दीपक
चौकी या कार्यालय की चौखट पर स्वास्तिक चिन्ह बनाएं और दीपक जलाएँ।
फूल और नैवेद्य अर्पित करें
फूल, हल्दी, सिंदूर और नैवेद्य (मिठाई, फल) अर्पित करें।
मंत्र और जाप
गणेश जी के लिए: ॐ गं गणपतये नमः
माता लक्ष्मी के लिए: ॐ महालक्ष्म्यै नमः
माता पार्वती के लिए: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं सरस्वत्यै नमः
इन मंत्रों का जाप 11, 21 ,54, या 108 बार करें।
आरती और दीप प्रज्वलन
सभी देवताओं की आरती करें और घर या कार्यालय के चारों कोनों में दीपक जलाएं।
दान और पुण्य कार्य
पूजा के बाद जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या पैसे दान करें। यह पुण्य के लिए विशेष शुभ माना जाता है।
लाभ पञ्चमी पूजा करने के लाभ
व्यवसाय और आर्थिक समृद्धि
इस दिन गणेश जी और माता लक्ष्मी की पूजा से व्यापार, नौकरी या व्यवसाय में लाभ और तरक्की होती है।
सौभाग्य और परिवारिक सुख
माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा से विवाहितों के परिवार में सुख, सौभाग्य और समृद्धि बनी रहती है।
बाधाओं और विघ्नों का नाश
गणेश पूजन से जीवन में आने वाली सभी बाधाएं, कठिनाइयां और नकारात्मकताएं दूर होती हैं।
ज्ञान और बुद्धि की वृद्धि
माता सरस्वती का स्मरण और मंत्र जाप करने से ज्ञान, विवेक और निर्णय क्षमता में वृद्धि होती है।
पुण्य और धार्मिक लाभ
दान और पूजा से पुण्य की प्राप्ति होती है, और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।
लाभ पंचमी के दिन क्या करें
लाभ पंचमी के दिन प्रातः काल स्नान करके गणेश जी और माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। शादी-शुदा लोगों को इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।
यदि आप व्यापार या शिक्षा के क्षेत्र में कुछ नया करना चाहते हैं तो यह दिन सबसे शुभ रहेगा। इस दिन दान करने और दीन-दुखियों की मदद करने का भी विशेष महत्व है ।

25/10/2025

Jay gurudev 🙏

रुद्राक्ष का महत्व, धारण करने का प्रभाव, और उसके उपाय।रुद्राक्ष में अंतगर्भित विद्युत तरंगे होती हैं, तथा इन अंतगर्भित त...
25/10/2025

रुद्राक्ष का महत्व, धारण करने का प्रभाव, और उसके उपाय।

रुद्राक्ष में अंतगर्भित विद्युत तरंगे होती हैं, तथा इन अंतगर्भित तरंग शक्ति का पता उसके धारियों यानी मुख के आधार पर होता है।

अलग-अलग मुखी रुद्राक्ष अलग अलग परिणाम देते हैं तथा उनको एक विशेष नाम से भी संबोधित किया जाता है। रुद्राक्ष मुख्य रूप से 21 प्रकार के पाए जाते हैं।

आइए जानते हैं रुद्राक्ष के पूजन और धारण करने की विधि, एवं उसके महत्व के बारे में।

रुद्राक्ष को सोने या चांदी में मढ़वाकर या बिना मढ़वाए ही लाल या काले रंग के धागे में सोमवार बृहस्पतिवार प्रदोष एवं शिवरात्रि आदि दिनों में धारण कर सकते हैं।

प्रातः काल के समय रुद्राक्ष को पवित्र अवस्था में गंगाजल तथा कच्चे दूध से धोकर उसका चंदन अक्षत पुष्प धूप दीप आदि से पूजन करके पंचाक्षर मंत्र ओम नमः शिवाय का 108 बार जप करके उत्तर या पूर्व की ओर मुख करके श्रद्धा विश्वास पूर्वक धारण करें।

एक मुखी रुद्राक्ष का रुप एवं परिणाम।

एक मुखी रुद्राक्ष साक्षात भगवान शंकर का स्वरूप है इसके धारण करने से भुक्ति व मुक्ति दोनों की प्राप्ति होती है। व्यक्ति पवित्र व पाप मुक्त होकर के परम ब्रह्म की प्राप्ति करता है। यह अत्यंत दुर्लभ रुद्राक्ष है एवं अनेक कार्यों में सफलता प्रदान करता है।

पापी व्यक्ति इस रुद्राक्ष को स्पर्श करने से सभी पापों से मुक्त हो जाते हैं। इस रुद्राक्ष को कंठ में धारण करने से उसके सभी कार्य सफल होते हैं। इसे सर के ऊपर रखकर स्नान करने से अनेक गंगा स्नान का पुण्य प्राप्त होता है। इस रुद्राक्ष को धारण करने से सभी देवता और देवियों स्वत ही प्रसन्न हो जाते हैं।

दो मुखी रुद्राक्ष रुप एवं उसका महत्व।

कर्क लग्न वालों के लिए विशेष उपयोगी है।

द्विमुखी रुद्राक्ष शंकर व पार्वती का रूप माना जाता है इसके उपयोग से कार्य तथा व्यापार में सफलता प्राप्त होती है। यह मोक्ष और वैभव का दाता है। दो मुखी रुद्राक्ष के धारण करने से शिव भक्ति बढ़ती है, और अनेक रोग नष्ट होते हैं। यह रुद्राक्ष कर्क लग्न वालों के लिए विशेष कर उपयोगी है।द्विमुखी रुद्राक्ष धारण करने से मन को शांति मिलती है।

त्रिमुखी रुद्राक्ष का स्वरूप एवं महत्व।

लो वीपी वाले अवश्य पहने

त्रिमुखी रुद्राक्ष साक्षात् अग्नि देव का स्वरूप है इसके पहनने से शीत ज्वर ठीक हो जाता है। इसके धारण से विद्याओं की प्राप्ति होती है। मंद बुद्धि बालकों के लिए इसे धारण करना नितांत आवश्यक है। निम्न रक्तचाप के निराकरण हेतु इसे पहना जा सकता है।

तीन मुखी रुद्राक्ष के कुछ दाने तांबे के बर्तन में पानी डालकर भिगोए रखें, प्रत्येक 24 घंटे के अंतराल से यह रुद्राक्ष का पानी खाली पेट प्रातः पीने से विभिन्न चर्म रोगों के निदान में सहायक होता है। इस रुद्राक्ष को पत्थर पर घिसकर नाभि पर लगाने से धातु रोग में लाभ प्राप्त होता है । तीन मुखी रुद्राक्ष की माला द्वारा जप करने से यश की प्राप्ति होती है एवं कामनाएं पूर्ण होती हैं।
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vedic astro shri mahadev Sewa Sansthan prayagraj
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25/10/2025

इस साल का सबसे दिलचस्प पद्मश्री पुरस्कार ब्राज़ील के जोनास मसेट्टी को मिला है, जिन्हें वेदों और भगवद् गीता के ज्ञान को फैलाने के लिए साहित्य एवं शिक्षण क्षेत्र के पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। —नंगे पांव, रुद्राक्ष पहने, साधुओं जैसे वेश में... बतौर मैकेनिकल इंजीनियर ब्राजील सेना में पांच वर्षों तक पदस्थ रहे, तदोपरांत बतौर कंसल्टेंट स्टॉकमर्केट कंपनी में कार्यरत रहे, अंततोगत्वा बतौर शिक्षक करीब 150000 विद्यार्थियों को वेद, गीता और योग शास्त्र से परिचित पर्वत। पद्मश्री पुरस्कार पाना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। ध्यान दें उन्होंने चप्पल भी नहीं पहनी और चोटी भी रखी है। ब्राज़ील से आए एक विदेशी हमें क्या कुछ सिखा जाते हैं ।
हमारे यहां तो चार किताबें ज्यादा क्या पढ़ लेंगे, अंग्रेजी बोलने के अलावा बात नहीं करते, मातृभाषा बोलने में शर्म आती है, दिक्कत होने लगती है!!🇮🇳
जागो हिंदुओं जागो ,,
जय श्री महादेव जी🙏

25/10/2025

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